ePaper

आदिवासी समुदाय के लिए कुछ भी असुंदर नहीं, अस्वीकार्य नहीं, पुस्तक उत्सव में बोलीं वंदना टेटे

Updated at : 20 Dec 2023 9:43 PM (IST)
विज्ञापन
आदिवासी समुदाय के लिए कुछ भी असुंदर नहीं, अस्वीकार्य नहीं, पुस्तक उत्सव में बोलीं वंदना टेटे

डॉ राम दयाल मुंडा जनजातीय शोध कल्याण संस्थान के निदेशक रणेंद्र ने कहा कि साहित्यिक रचनाओं में एक इतिहास छिपा रहता है. उन्होंने कहा कि ‘शाल डूंगरी का घायल सपना’ उपन्यास में झारखंड बनने के बाद की राजनीति की कटु सच्चाइयों का सजीव चित्रण किया गया है.

विज्ञापन

झारखंड की राजधानी रांची में आयोजित किताब उत्सव के तीसरे दिन का पहला सत्र ‘हमारा झारखंड हमारा गौरव’ झारखंड की विचारक-कथाकार एलिस एक्का पर केंद्रित रहा. इस सत्र में आदिवासी विमर्श की चिंतक वंदना टेटे ने उनके जीवन और व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि एलिस एक्का ने न सिर्फ साहित्य बल्कि विविध क्षेत्रों में काम किया. उनका व्यक्तित्व बहुआयामी था. उनके लेखन में कोई बनावट नहीं है. आदिवासियों की खास बात होती है कि वो एकसाथ कई भाषाएं जानते हैं. एलिस भी कई भाषाएं जानतीं हैं. उनकी कहानियां सिर्फ महिला प्रधान नहीं हैं. उनकी रचनाओं में समाज के भेदभाव का भी स्पष्ट वर्णन मिल जाता है. उन्होंने कहा कि आदिवासी कहानियां बहुत आशावादी होती हैं. एलिस की कहानियों में प्रकृति का चित्रण बहुत सहज ढंग से किया गया है. साहित्य के माध्यम से ही हम दुनिया को अपने समाज के बारे में बता सकते हैं. जब तक हम अपने अतीत को नहीं जानेंगे, हम आदिवासी मूल्यों को मजबूती से नहीं लिख पाएंगे.

उपन्यास ‘शाल डूंगरी का घायल सपना’ पर केंद्रित दूसरे सत्र में मनोज भक्त, साहित्यकार पंकज मित्र, सावित्री बड़ाइक और विनोद कुमार सिंह ने अपनी बातें रखीं. इस सत्र में डॉ राम दयाल मुंडा जनजातीय शोध कल्याण संस्थान के निदेशक रणेंद्र ने कहा कि साहित्यिक रचनाओं में एक इतिहास छिपा रहता है. उन्होंने कहा कि ‘शाल डूंगरी का घायल सपना’ उपन्यास में झारखंड बनने के बाद की राजनीति की कटु सच्चाइयों का सजीव चित्रण किया गया है. वहीं, उपन्यास के लेखक मनोज भक्त ने बताया कि कैसे झारखंड आंदोलन ने उनको इस उपन्यास को लिखने के लिए प्रेरित किया. कहा कि उनके गांव के आसपास आदिवासी समाज पर जो जुल्म होते थे, उन घटनाओं को उन्होंने कहानी के माध्यम से लोगों के सामने लाने का प्रयास किया है.

Also Read: झारखंड: पद्मश्री बलबीर दत्त की पुस्तक ‘भारत विभाजन और पाकिस्तान के षड्यंत्र’ का हरिवंश ने किया लोकार्पण

सावित्री बड़ाइक ने कहा कि इस उपन्यास को पढ़ते वक्त उन्हें इनके किरदारों में मानव तस्करों की शिकार हो रही गुमला और सिमडेगा की बच्चियों की झलक दिखाई पड़ती है. पंकज मित्र ने कहा कि उपन्यास में राजनीति के घात-प्रतिघात को हॉकी खेलती लड़कियों के जरिए बयां किया गया है. इस उपन्यास की स्त्री प्रधान नायिका भी महत्वपूर्ण अंग है, जो आदिवासी स्त्रियों के प्रतिरोध को दर्शाती है. जिस सपने के साथ इस राज्य का निर्माण हुआ, वो सपना अब घायल हो गया है. उसी घायल सपने के दर्द का बखान उपन्यास ने किया है. विनोद कुमार सिंह ने कहा कि ‘शाल डूंगरी का घायल सपना’ उपन्यास झारखंड बनने के सुनहरे ख्वाब और बनने के बाद की काली सच्चाइयों के द्वंद्व को दर्शाता है.

आदिवासी साहित्य का सौंदर्यशास्त्र

‘आदिवासी साहित्य का सौंदर्यशास्त्र’ विषय पर केंद्रित सत्र में वंदना टेटे, जिंदर सिंह, पार्वती तिर्की और रवि भूषण ने अपनी बातें रखीं. पार्वती तिर्की ने कहा कि झारखंड के लोकगीत आदिवासी साहित्य के सौंदर्यशास्त्र के सबसे मजबूत स्तंभ हैं. वंदना टेटे ने कहा कि आदिवासी शास्त्र से संचालित नहीं होते. आदिवासी समुदाय का मानना है कि इस सृष्टि में कुछ भी असुंदर नहीं है, कुछ भी अस्वीकार्य नहीं है. पुरखा गीतों और लोकगीतों में युद्ध की भावना नहीं, ये आदिवासी साहित्य की सहजता का सौंदर्य बोध है. आदिवासी सौंदर्य बोध में समाज के बनाए सुंदरता के मापदंडों को नकारते हैं.

Also Read: जमशेदपुर के मानसिंह माझी की पुस्तक ‘नेने-पेटे’ को मिला साहित्य अकादमी का बाल साहित्य पुरस्कार

सौंदर्य और प्रेम सारी कलाओं के प्रेरक : जिंदर सिंह मुंडा

डॉ जिंदर सिंह मुंडा ने कहा कि सौंदर्य और प्रेम सारी कलाओं के प्रेरक हैं. आदिवासी साहित्य में सौंदर्य सिर्फ जल जंगल जमीन नहीं, बल्कि यहां की करुणा, पीड़ा, प्रतिरोध और उनके जीवन संघर्ष भी सौंदर्य हैं. अंतिम वक्ता आलोचक रवि भूषण जी ने कहा कि सौंदर्य बोध जीवन और मूल्यों से जुड़ा होता है. किताब उत्सव में 21 दिसंबर को पहले सत्र ‘हमारा झारखंड हमारा गौरव’ में डॉ रामदयाल मुंडा को याद किया जाएगा. दूसरे सत्र में आदिवासी कथावाचन परंपरा विषय पर बातचीत होगी. वहीं, तीसरे सत्र में आदिवासी लोकगीतों की परंपरा और आधुनिक काव्य संवेदना विषय पर चर्चा होगी.

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola