आयुष दवाइयों की निगरानी पर फोकस नहीं

Updated at : 07 May 2024 12:15 AM (IST)
विज्ञापन
आयुष दवाइयों की निगरानी पर फोकस नहीं

एलोपैथी की दवाओं पर निगरानी रखने वाले औषधि निरीक्षकों (ड्रग इंस्पेक्टर) पर ही आयुष (आयुर्वेद, यूनानी और होमियोपैथी) विधा की दवाइयों की निगरानी करने का जिम्मा है.

विज्ञापन

रांची. एलोपैथी की दवाओं पर निगरानी रखने वाले औषधि निरीक्षकों (ड्रग इंस्पेक्टर) पर ही आयुष (आयुर्वेद, यूनानी और होमियोपैथी) विधा की दवाइयों की निगरानी करने का जिम्मा है. ऐसे में ड्रग इंस्पेक्टर आयुष पद्धति की दवाओं की निगरानी पर ज्यादा फोकस नहीं कर पाते हैं. राज्य में कुल 30 ड्रग इंस्पेक्टर कार्यरत हैं, लेकिन 42 की आवश्यकता है. हालांकि 12 ड्रग इंस्पेक्टर की नियुक्ति की प्रक्रिया जेपीएससी में चल रही है. सूत्रों ने बताया कि आयुष पद्धति की दवाओं और दुकानों की निगरानी के लिए अलग से कमेटी है, लेकिन दवाओं की जांच करने और छापेमारी करने के लिए इन्हीं ड्रग इंस्पेक्टर को भेजा जाता है. किसी व्यक्ति द्वारा शिकायत करने पर औषधि निदेशालय की तरफ से टीम गठित की जाती है. हालांकि आयुष मंत्रालय आयुष की दवाओं की निगरानी का जिम्मा औषधि निदेशालय से अलग करना चाहता है, लेकिन यह विचाराधीन है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola