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अपने सिद्धांतों से कभी नहीं किया समझौता, प्रचार के लिए पेड़ पर खुद ठोका था अपना पोस्टर

Updated at : 25 Oct 2024 11:21 AM (IST)
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एन ई होरो (फाइल फोटो)

एन ई होरो (फाइल फोटो)

झारखंड आंदोलन के एक बड़े नेता थे. जब जयपाल सिंह मुंडा ने झारखंड पार्टी का कांग्रेस में विलय कर दिया था, तब एनई होरो की अगुवाई में झारखंड पार्टी का पुनर्गठन किया गया था.

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NE Horo|jharkhand election 2024| रांची: निरल एनम होरो (एनई होरो) झारखंड आंदोलन के एक बड़े नेता थे. जब जयपाल सिंह मुंडा ने झारखंड पार्टी का कांग्रेस में विलय कर दिया था, तब एनई होरो की अगुवाई में झारखंड पार्टी का पुनर्गठन किया गया था. उनकी छवि बेदाग रही है. चुनाव प्रचार के लिए उन्होंने खुद पेड़ पर अपना पोस्टर ठोका था. वे बहुमुखी प्रतिभा के व्यक्ति थे. लेखक, संपादक व जीइएल चर्च के सचिव के तौर पर उन्होंने काम किया. इसके अलावा एक जमीनी राजनेता के रूप में उन्हें जाना जाता है. वे एक से अधिक बार विधायक बने. बाद में सांसद और मंत्री भी रहे. अपने जीवन के अंतिम समय तक वे जीइएल चर्च कंपाउंड में खपड़े के घर में रहे. उन्होंने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया. 11 दिसंबर 2008 को उनका निधन हो गया था.

पहली बार 1967 में कोलेबिरा से बने थे विधायक

एनई होरो पहली बार 1967 में कोलेबिरा विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने थे. चुनाव में उनका मुकाबला उस समय के बड़े नेता एसके बागे से था. एनई होरो ने कोलेबिरा के एक गांव में जाकर एक पेड़ में अपने परिचय का पोस्टर ठोक दिया और गांव वालों से कहा कि वे झारखंड और झारखंड वासियों के हित की लड़ाई लड़ने आये हैं.

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Nitish kumar

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By Nitish kumar

Nitish kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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