माताओं ने संतान की लंबी उम्र के लिए किया जिउतिया व्रत
Updated at : 14 Sep 2025 6:40 PM (IST)
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पिपरवार कोयलांचल व आसपास के ग्रामीण इलाकों में जीवित्पुत्रिका व्रत या जिउतिया रविवार को परंपरागत ढंग से मनाया गया
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पिपरवार.
पिपरवार कोयलांचल व आसपास के ग्रामीण इलाकों में जीवित्पुत्रिका व्रत या जिउतिया रविवार को परंपरागत ढंग से मनाया गया. मातायें अपनी संतान की लंबी उम्र व सुख-समृद्धि की कामना को लेकर निर्जला व्रत रखा. शाम में माताओं ने मंदिरों में जाकर माता पार्वती व भगवान शिव की पूजा की. इस अवसर पर पुरोहित से राजा जीमूतवाहन की कथा सुनायी. इसके बाद यथा संभव दान किया. जानकारी के अनुसार शनिवार को माताओं ने नहाय-खाय के साथ व्रत प्रारंभ किया था. 24 घंटे निर्जला उपवास के बाद सोमवार को सूर्योदय होने पर वे पारन करेंगी. पिपरवार कोयलांचल में जिउतिया व्रत का बड़ा महत्व है. कल्याणपुर में प्रत्येक वर्ष जिउतिया जतरा का आयोजन किया जाता है. जीवित्पुत्रिका व्रत का वर्णन महाभारत काल में भी देखने को मिलता है. जब भगवान श्री कृष्ण ने उतरा के गर्भस्थ शिशु की रक्षा की थी. बाद में यही बालक राज परीक्षित के रूप में विख्यात हुआ.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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