Very Heavy Rain Alert: 6 दिन बाद आ ही गया मानसून, झारखंड में 18 जून को मूसलाधार बारिश का रेड अलर्ट

Heavy Rain Alert
Monsoon Tracker: 18 जून को झारखंड के 7 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है. उन्होंने कहा कि पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, जामताड़ा और दुमका जिलों में 18 जून को मूसलाधार बारिश या बहुत अधिक वर्षा हो सकती है. मौसम विभाग के अधिकारियों ने लोगों और अधिकारियों से अत्यधिक खराब मौसम की स्थिति से निबटने के लिए सतर्क रहने का आह्वान किया है.
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Monsoon Tracker: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने मंगलवार को झारखंड में दस्तक दे दी. प्रदेश के 24 में से 18 जिलों में मानसून पहुंच गया है. मौसम विभाग ने बताया कि कृषि के लिए महत्वपूर्ण यह मौसमी बारिश लातेहार, हजारीबाग और कोडरमा के कुछ हिस्सों में भी हुई है.
गढ़वा, पलामू, चतरा में जल्द पहुंचेगा मानसून
रांची मौसम केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने ने प्रभात खबर (prabhatkhabar.com) को बताया कि एक-दो दिन में झारखंड के शेष जिलों में मानसून के पहुंच जाने की संभावना है. मानसून अभी गढ़वा, पलामू और चतरा में नहीं पहुंचा है. परिस्थितियां ऐसी हैं कि जल्द ही इन जिलों में भी मानसून पहुंच जायेगा.
आज झारखंड के 7 जिलों में मूसलाधार बारिश
मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, 18 जून को झारखंड के 7 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है. उन्होंने कहा कि पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, जामताड़ा और दुमका जिलों में 18 जून को मूसलाधार बारिश या बहुत अधिक वर्षा हो सकती है.
क्या है रेड अलर्ट?
‘रेड’ अलर्ट अत्यंत गंभीर मौसम की स्थिति का संकेत है, जिससे जनजीवन को खतरा हो सकता है. रोजमर्रा की जिंदगी पटरी से उतर सकती है और तत्काल सुरक्षा उपायों की जरूरत है. अभिषेक आनंद ने कहा कि 20 जून तक झारखंड के सभी हिस्से में वर्षा होने की संभावना है. इस दौरान राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार या बहुत अधिक वर्षा हो सकती है.
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‘अत्यधिक खराब मौसम से निबटने के लिए रहें तैयार’
मौसम विभाग के अधिकारियों ने लोगों और अधिकारियों से अत्यधिक खराब मौसम की स्थिति से निबटने के लिए सतर्क रहने का आह्वान किया है. इस वर्ष झारखंड में मानसून निर्धारित समय से 6 दिन की देरी से पहुंचा है. मानसून निर्धारित समय से एक सप्ताह पहले 24 मई को ही केरल पहुंच गया था. झारखंड में मानसून के आगमन की सामान्य तिथि 10 जून है.
15 वर्ष से 12 से 25 जून के बीच आ रहा Monsoon
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2010 से मानसून झारखंड में 12 जून से 25 जून के बीच पहुंच रहा है. एक जून से 17 जून तक झारखंड में 52 प्रतिशत कम बारिश हुई है. अभिषेक आनंद ने कहा कि 20 जून तक होने वाली बारिश से राज्य में बारिश की कमी घट सकती है. उन्होंने बताया कि पिछले मानसून में सामान्य वर्षा हुई थी. इस बार भी सामान्य वर्षापात की संभावना है.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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