मिड डे मील घोटाले में बड़ा खुलासा: आरोपी संजय तिवारी ने बिरसा मुंडा जेल में रह कर लिया ठेका

Published by : Sameer Oraon Updated At : 01 Feb 2023 7:15 AM

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इडी की जांच में यह पाया गया कि संजय तिवारी ने ‘सुमन परिवाद’ के नाम से एक इंस्टाग्राम अकाउंट भी बनाया. इसके अलावा एक ई-मेल आइडी(paridasuman389@gmail.com) बनाया.

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शकील अख्तर, रांची: मिड डे मील घोटाले के आरोपी संजय तिवारी ने जेल में रह कर ठेका हासिल किया. फर्जी नाम से ई-मेल और इंस्टाग्राम अकाउंट बना कर अपने कर्मचारियों को दिशा-निर्देश दिया. साथ ही अपने कर्मचारियों के नाम पर जारी किये गये आठ सिम कार्ड का इस्तेमाल किया. इडी की ओर से की जा रही 100 करोड़ रुपये के मिड डे मील घोटाले की जांच के दौरान उक्त जानकारियां मिली हैं.

इडी की जांच में यह पाया गया कि संजय तिवारी ने ‘सुमन परिवाद’ के नाम से एक इंस्टाग्राम अकाउंट भी बनाया. इसके अलावा एक ई-मेल आइडी(paridasuman389@gmail.com) बनाया. इन अकाउंट को जेल से ऑपरेट किया. उसके कर्मचारियों ने इस इंस्टाग्राम अकाउंट और ई-मेल को फॉलो भी किया.

जांच के दौरान यह भी पाया गया कि संजय तिवारी ने जेल से आठ अलग-अलग मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर अपने कर्मचारियों व उनके पारिवारिक सदस्यों को फोन किया और अपने व्यापारिक गतिविधियों को चलाने सहित अन्य मामलों में दिशा-निर्देश दिये. सभी सिम कार्ड संजय तिवारी के जेल जाने के बाद उसके ड्राइवर, कुछ कंपनियों के निदेशक सहित अन्य कर्मचारियों के नाम से जारी किये गये थे.

संजय तिवारी ने पांच नंबरों (7808699850, 7257979522, 9060427544, 9334807565, 7257927450) का इस्तेमाल करते हुए अपनी एक महिला कर्मचारी की बहन और मां को 99 कॉल किये. उसने इन नंबरों से अपने कर्मचारियों के पारिवारिक सदस्यों से व्हाट्सएप चैट भी किये. जांच के दौरान महिला कर्मचारी के पारिवारिक सदस्यों से बात करने के लिए इस्तेमाल किये गये इन सभी नंबरों का लोकेशन बिरसा मुंडा जेल पाया गया है.

ज्वाइन भी कराया :

संजय तिवारी ने अपनी कंपनी एसएसआरएस इंजीकॉम प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी में बरनाली गांगुली को निदेशक बनाया था. इस निदेशक के नाम पर 16 मार्च 2022 को जारी किये गये सिम कार्ड नंबर (7257927450) का इस्तेमाल भी संजय तिवारी ने जेल से किया.

उसने अपनी कंपनी के निदेशक को फोन पर ही यह निर्देश दिया कि मेसर्स यूटीएस हॉस्पिक का गोपाल कॉम्प्लेक्स और अशोक नगर स्थित कार्यालय खुल गया है. वह जा कर वहां ज्वाइन कर ले. जांच के दौरान इस बात की भी जानकारी मिली कि वह जेल में रह कर अपनी कंपनियों के नाम पर ठेका आदि लेने की कोशिश करता था. उसने मेसर्स एपको इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से अपनी एसएसआरएस इंजीकॉम नामक कंपनी के नाम पर काम भी लिया.

नंबर :               इनके नाम पर है सिम कार्ड

9334807565 : अभिषेक कुमार सिंह, संजय का ड्राइवर

9263769040 : अभिषेक कुमार सिंह, संजय का ड्राइवर

7257927450 : बरनाली गांगुली, संजय के कर्मचारी की पत्नी

7257979522 : अमरदीप राम, संजय का कर्मचारी

8862988762 : आमिर सुहैल, संजय का कर्मचारी

8271107782 : अरविंद कुमार, संजय का कर्मचारी

8537028089 : पिंटू पटुआ, संजय का कर्मचारी

7808699850 : वेद प्रकाश सिंह, संजय का कर्मचारी

संजय को सुप्रीम कोर्ट से सशर्त जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने संजय तिवारी को एक महीने के लिए सशर्त अंतरिम जमानत दी है. अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि संजय तिवारी एक महीने के अंदर 16.35 करोड़ रुपये स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में जमा करे. एक महीने के बाद उसकी नियमित जमानत पर विचार किया जायेगा. उल्लेखनीय है कि मिड डे मील का 100 करोड़ रुपये स्टेट बैंक के खाते से भानु कंस्ट्रक्शन के खाते में ट्रांसफर हुए थे. मामला उजागर होने के बाद बैंक ने अपने खाते से मध्याह्न भोजन प्राधिकरण को उसके पैसे लौटा दिये. हालांकि, बैंक द्वारा भानु कंस्ट्रक्शन से अब तक 16.35 करोड़ रुपये की वसूली नहीं की जा सकी है.

संजय तिवारी को यह बकाया राशि बैंक में जमा करने का आदेश दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि अंतरिम जमानत की अवधि समाप्त होने के बाद वह सरेंडर करेगा. जांच अधिकारी की अनुमति के बिना रांची से बाहर नहीं जायेगा. वह किसी गवाह से नहीं मिलेगा और नहीं उसे किसी भी तरह से प्रभावित करेगा.

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लेखक के बारे में

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समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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