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Lalu Yadav Case : लालू प्रसाद के जेल मैनुअल उल्लंघन मामले में हाईकोर्ट ने जेल आईजी को दिया संशोधित एसओपी सौंपने का निर्देश

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
Lalu Yadav Case : जेल आईजी को  संशोधित एसओपी सौंपने का निर्देश
Lalu Yadav Case : जेल आईजी को संशोधित एसओपी सौंपने का निर्देश
फाइल फोटो

Lalu Yadav Jail Manual Violation Case, Ranchi News, रांची न्यूज (राणा प्रताप ) : चारा घोटाले के सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के जेल मैनुअल उल्लंघन मामले में जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत में आज शुक्रवार को सुनवाई हुई. हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान जेल मैनुअल में संशोधन के कारण जेल महानिरीक्षक ने रिपोर्ट के माध्यम से स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (एसओपी) प्रस्तुत किया. इस पर हाईकोर्ट ने इससे जुड़े मामले में पूछताछ की और एसओपी में सुधार कर गृह सचिव से अनुमोदन के साथ प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 5 फरवरी की तिथि निर्धारित की.

चारा घोटाला में सजायाफ्ता बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के जेल मैनुअल उल्लंघन मामले में आज शुक्रवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान रिम्स की ओर से लालू प्रसाद के स्वास्थ्य को लेकर रिपोर्ट दाखिल नहीं की गई. जिसका जवाब दाखिल करने का निर्णय लिया गया है. आज अदालत ने जेल में कैदियों को मिलने वाली सुविधा को लेकर जेल आईजी को गृह सचिव से अनुमोदन के साथ संशोधित एसओपी सौंपने का निर्देश दिया है.

पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने टिप्पणी की थी कि सरकार व्यक्ति विशेष से नहीं चलती है. कानून से चलती है. सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया था कि सरकार अब जेल मैनुअल में बदलाव कर रही है और तब तक एक एसओपी तैयार की जा रही है. इस पर अदालत ने सरकार को 22 जनवरी तक जेल मैनुअल में बदलाव और अपडेट एसओपी की जानकारी मांगी थी. इसके साथ ही जेल आइजी और रिम्स प्रबंधन से भी रिपोर्ट की मांग की गयी थी.

बहुचर्चित चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता लालू प्रसाद को कोरोना संक्रमण के खतरे से बचाने के लिए बिना किसी उच्च अधिकारियों से विचार-विमर्श के ही रिम्‍स निदेशक के केली बंगले में शिफ्ट किए जाने पर हाईकोर्ट ने टिप्पणी की थी. जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की अदालत ने कहा थी कि सरकार कानून से चलती है. व्यक्ति विशेष से नहीं चलती है. कोरोना संक्रमण का खतरा होने की स्थिति में रिम्स प्रबंधन को स्वयं निर्णय लेने की जगह पहले इसकी जानकारी जेल प्रशासन को देनी चाहिए थी. इसके बाद लालू प्रसाद को शिफ्ट किया जाता. रिम्स प्रबंधन ने लालू को निदेशक बंगले में शिफ्ट करने के लिए इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई.

अदालत में सुनवाई के दौरान जेल आइजी और एसएसपी की ओर से रिपोर्ट पेश की गयी थी. अदालत को जानकारी दी गयी थी कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण रिम्स प्रबंधन ने लालू प्रसाद को निदेशक बंगले में शिफ्ट किया था. जेल से बाहर इलाज के लिए यदि कैदी शिफ्ट किए जाते हैं तो उसकी सुरक्षा और उसके लिए क्या व्यवस्था होगी. जेल मैनुअल में इसका स्पष्ट प्रावधान नहीं है. जेल के बाहर सेवादार दिया जा सकता है या नहीं. इसकी भी जेल मैनुअल में स्पष्ट जानकारी नहीं है. अब जेल मैनुअल में बदलाव किया जा रहा है और तब तक एक एसओपी तैयार की जा रही है. इस पर अदालत ने सरकार को 22 जनवरी तक जेल मैनुअल में बदलाव और अपडेट एसओपी की जानकारी मांगी थी.

Posted By : Guru Swarup Mishra

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