PHOTOS: खिजरी में वोट बहिष्कार, 1 घंटे में पड़े 13 वोट, बीडीओ-थाना प्रभारी ने घर-घर जाकर वोटर को मनाया

सुनसान पड़ा खिजरी विधानसभा क्षेत्र का मेढ़ेटुंगरी मतदान केंद्र. फोटो : प्रभात खबर
Khijri Vidhan Sabha Vote Bycott: झारखंड विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में खिजरी विधानसभा के एक बूथ पर लोगों ने वोट का बहिष्कार कर दिया. 1 घंटे में 13 वोट ही पड़े.
Khijri Vidhan Sabha Vote Bycott|राहे (रांची), जितेंद्र कुमार : झारखंड विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग के दिन अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित खिजरी विधानसभा के एक बूथ पर लोगों ने वोट का बहिष्कार कर दिया. राजधानी रांची के अनगड़ा में सिरका मेढ़ेटुंगरी के बूथ पर सुबह 7 से 8 बजे के बीच महज 13 लोगों ने वोट किया. इसके बाद 8 बजे से 9 बजे तक कोई मतदाता मतदान केंद्र नहीं पहुंचा.
बूथ पर पहुंचे बीडीओ और थाना प्रभारी
सूचना मिलने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) जयपाल सोय और थाना प्रभारी हीरालाल साह उस बूथ पर पहुंचे. बूथ को खाली देख, दोनों पदाधिकारी गांव में गए. घर-घर जाकर लोगों को समझाना शुरू किया. लोग मानने को तैयार नहीं हुए. अधिकारियों को देखते ही सिरका मेढ़ेटुंगरी के ग्रामीण ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ के नारे लगाने शुरू कर दिए.

ग्रामीणों को मनाने पहुंचे बीडीओ और थाना प्रभारी
बीडीओ और थाना प्रभारी ग्रामीणों को मनाने में जुटे रहे. ग्रामीण भी अपनी मांग पर अड़े रहे. ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने पहले ही चुनाव बहिष्कार की घोषणा कर रखी थी. न किसी राजनीतिक दल ने उसका संज्ञान लिया, न ही प्रशासनिक पदाधिकारियों ने. उनके गांव की सड़क जर्जर हो चुकी है, उसे बनवाया भी नहीं गया. इसलिए वे विधानसभा चुनाव में मतदान नहीं करेंगे.
समझाने के बाद ग्रामीणों ने शुरू किया मतदान
बीडीओ और थाना प्रभारी ने उन्हें समझाया कि लोकतंत्र में किसी भी समस्या का समाधान सरकार के जरिए ही होगा. इसके लिए मतदान करना जरूरी है. इसके बाद धीरे-धीरे लोगों ने मतदान करने के लिए बूथ पर जाना शुरू किया. इक्का-दुक्का मतदाता बूथ पर जा रहे हैं और मतदान करके लौट रहे हैं.

2009 में आखिरी बार गांव में बनी थी सड़क
ग्रामीणों ने बताया कि उनका गांव खिजरी विधानसभा (एसटी) क्षेत्र में आता है. इस गांव की सड़क वर्ष 2009 में सुदेश कुमार महतो ने बनवाई थी. अब यह सड़क जर्जर हो चुकी है. 25 अगस्त को ही मुखिया रोशन लाल मुंडा की अध्यक्षता में बैठक हुई थी, जिसमें वोट बहिष्कार का निर्णय लिया गया था. प्रशासन को इसकी जानकरी दे दी गई थी.

अधिकारियों के साथ मुखिया ने भी लोगों को समझाया
ग्रामीणों के गुस्से को देखते हुए बीडीओ और थाना प्रभारी के साथ मुखिया रोशन लाल मुंडा भी मतदाताओं को मनाने के लिए पहुंचे. बीडीओ ने आश्वासन दिया कि आप वोट करें, चुनाव खत्म होने के बाद आपकी समस्या का समाधान किया जाएगा. गांव की सड़क बनवाई जाएगी. तब जाकर लोगों ने मतदान शुरू किया. हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इक्का-दुक्का वोटर ही बूथ पर आ रहे थे.
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By Mithilesh Jha
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