Political News : खरगे का बयान सेना का मनोबल गिराने वाला, अलजजीरा पढ़ना छोड़ें : बाबूलाल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर आपत्ति जतायी है. श्री मरांडी ने कहा कि जिस समय पूरे देश को एकजुट रहने की ज़रूरत है.
रांची (वरीय संवादाता). भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर आपत्ति जतायी है. श्री मरांडी ने कहा कि जिस समय पूरे देश को एकजुट रहने की ज़रूरत है. ऐसे समय कांग्रेस झूठ और अफ़वाह फैलाकर देश के भीतर दरार पैदा कर रही है. यह संविधान और देश की जनता के साथ सीधा धोखा है. कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष केंद्र सरकार पर अनर्गल और आधारहीन आरोप लगा रहे हैं. कह रहे हैं कि केंद्र सरकार को तीन दिन पहले से हमले की जानकारी थी. उन्हें इंटेलिजेंस रिपोर्ट पहले ही मिल गयी थी. खरगे का यह गैर जिम्मेदाराना बयान सेना और सुरक्षा एजेंसियों का मनोबल तोड़ने वाला है. इसे एक तरह से पाकिस्तान को मदद करने का प्रयास कहा जायेगा. कांग्रेस के नेताओं से निवेदन है कि अल जज़ीरा पढ़ना छोड़ दें.
भाजपा अध्यक्ष श्री मरांडी ने कहा कि इस मौकापरस्त पार्टी को देश में हुए आतंकी हमले का भी राजनीतिक लाभ उठाना है. सर्वदलीय बैठक के बाद इनके नेता सार्वजनिक रूप से कहते हैं कि वह केंद्र सरकार के हर फैसले में साथ हैं. अब पीठ पीछे ””संविधान बचाओ रैली”” कर पूरे देश में भ्रम फैला रहे हैं. श्री मरांडी ने कहा कि देश में कांग्रेस की सरकार थी तो दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, बंगहुरू, वाराणसी समेत पूरा देश सीरियल बम धमाकों से सिहर उठता था. 26/11 जैसे हमलों को अंजाम देकर आतंकी खुलेआम मौत का नंगा नाच करते थे. कांग्रेस की सरकार में पाकिस्तानी हमारे सैनिकों का सिर काटकर ले जाते थे. लेकिन जब से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने, तो पाकिस्तान को उसके घर में घुसकर मार रहे है.कैथोलिक आदिवासी जैसे शब्द भ्रामक
श्री मरांडी ने कहा है कि ईसाई धर्म में धर्मांतरण कर चुके कुछ लोग कैथोलिक आदिवासी जैसे भ्रामक शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं. आदिवासी समाज को गुमराह करने की साजिश रच रहे हैं. राजनीतिक स्वार्थ के लालच में मतांतरण कर ईसाई बन चुके ये लोग सिर्फ आरक्षण का अनुचित लाभ उठाने के लिए खुद को आदिवासी बता रहे हैं. कैथोलिक समुदाय ये स्पष्ट समझ लेना चाहिए कि उन्हें अपने धर्म का पालन करने की पूरी स्वतंत्रता है. लेकिन यदि लोभ, लालच, भय और साजिश के तहत आदिवासी समाज को मिटाने का षड्यंत्र किया गया, तो इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




