वर्चस्व की लड़ाई में बर्बाद हुआ कल्याण मंडप, बना नशेड़ियों का अड्डा
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 20 Apr 2026 6:27 PM
इसे संचालित करने को लेकर भी खूब राजनीति होती रही और आज तक यहां कीचन का निर्माण नहीं हो सका है.
डकरा. एनके एरिया के पूर्व महाप्रबंधक केके मिश्रा की पहल पर दस साल पहले बने विवाह मंडप की हालत खराब है, बावजूद लोग मजबूरी में यहां कार्यक्रम करते हैं. यह भवन क्षेत्र का गौरवशाली धरोहर बन सकता है, लेकिन जरूरत है इस पर ध्यान देने की. निर्माण के समय कुछ नेताओं के आपसी वर्चस्व की लड़ाई में यह इस तरह से बना है कि भवन का उपयोग पीछे से हो रहा है. मुख्य गेट आयोजन के समय बंद करना पड़ता है, क्योंकि गेट के सामने खाना बनाने की व्यवस्था की जाती है. निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इसे संचालित करने को लेकर भी खूब राजनीति होती रही और आज तक यहां कीचन का निर्माण नहीं हो सका है. जैसे-तैसे उदघाटन हो गया और बाद में इसे कल्याण मंडप का नाम दिया गया. श्रमिक संगठनों के बार-बार मांग करने पर यहां जो शौचालय बनाया गया है उसका पानी के अभाव में इस्तेमाल नहीं हो रहा है. पुरुष के लिए बने शौचालय खुला है लेकिन वहां गंदगी का अंबार लगा हुआ है और उससे निकलने वाले दुर्गन्ध से आसपास के लोग भी परेशान हैं. महिला शौचालय में ताला लगा हुआ, लेकिन उसके जाने के रास्ते में यहां होने वाले कार्यक्रम का सारा कचड़ा फेंका जाता है, जिसे खाकर आसपास के पशु भी बीमारी का शिकार हो रहे हैं. हाॅल साउंड प्रूफ नहीं बना है, जिससे यहां साउंड सिस्टम काम नहीं करता है. हाॅल का मेंटेनेंस पर भी प्रबंधन का कोई ध्यान नहीं है.
सीसीएल कर्मी से दस और गैर कर्मी से 15 हजार लिये जाते हैं
कल्याण मंडप का संचालन के लिए सीसीएल कर्मी से 10 हजार और गैर कर्मी से 15 हजार रुपए बतौर बुकिंग लिये जाते हैं. इस राशि में कुछ वापस भी किया जाता है. बावजूद यहां सुविधा के नाम पर सिर्फ हाॅल है और दुर्गा मंडप का परिसर जो पार्किंग के काम आता है.वीआइपी क्लब से बेहतर बनाने की योजना थी
इस मंडप को डकरा वीआइपी क्लब से बेहतर बनाने की योजना तत्कालीन महाप्रबंधक केके मिश्रा की थी. उन्होनें कहा था कि इसे ऐसा बना देंगे कि कोई भी वीआइपी क्लब के स्थान पर इसे ही प्राथमिकता देगा लेकिन स्थानीय राजनीति और बाद में अनदेखी से इस पर ऐसा ग्रहण लगा कि आज तक इसका हाल बेहाल है.
सुरक्षा का कोई प्रबंध नहीं है
दस साल बाद भी यहां सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है. मुख्य गेट हमेशा खुला रहता है. शाम होते ही असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का अड्डा बन जाता है. रविवार को शिबू टेंट हाउस का तिरपाल खोल कर चोरी कर ली गई, बाहर लगे बल्ब अक्सर तोड़ दिये जाते हैं या चोरी कर ली जाती है. वहीं एरिया के सुरक्षा अधिकारी नितिश कुमार झा ने कहा कि आपने संज्ञान में दिया है तो पहले वहां सुरक्षा की व्यवस्था करता हूं और जो लोग अड्डेबाजी करते हैं उस पर कार्रवाई करता हूं.शौचालय बनाया, लेकिन पांनी की व्यवस्था नहीं की गयी
कीचन शेड बनाया ही नहीं गया है, इससे भारी परेशानी होती है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










