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JSSC : PGT रिजल्ट में कई गड़बड़ियां, 100 अंक के पेपर में अभ्यर्थी को मिले 252, CBI जांच की मांग

Updated at : 21 Aug 2024 8:16 AM (IST)
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बोकारो स्थित श्रेया डिजिटल (सेंटर कोड-102) में पीजीटी परीक्षा देनेवाले सर्वाधिक अभ्यर्थी सफल हुए हैं. खास बात यह है कि यहां अभ्यर्थी सीरियल नंबर से पास हुए हैं.

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रांची : झारखंड स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक(पीजीटी) संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 के रिजल्ट में कई तरह की गड़बड़ियां सामने आयी हैं. झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की वेबसाइट पर जारी अंक पत्र (स्कोर कार्ड) से इन गड़बड़ियों की पुष्टि भी हो रही है. मिसाल के तौर पर 100 अंकों के पेपर में अभ्यर्थी को 252 अंक दे दिये गये हैं. वहीं, 78 प्रश्नों के सही उत्तर देनेवाले अभ्यर्थी को 156 की जगह 88.23100 अंक दिये गये हैं. इन गड़बड़ियों को लेकर अभ्यर्थियों ने झारखंड हाइकोर्ट में याचिका भी दायर की है. पूर्व में सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार व जेएसएससी को जवाब दायर करने का निर्देश दिया था. मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को होनी है. अभ्यर्थी मामले की सीबीआइ जांच की भी मांग कर रहे हैं.

बोकारो के श्रेया डिजिटल में परीक्षा देने वाले सबसे अधिक सफल

आरोप है कि बोकारो स्थित श्रेया डिजिटल (सेंटर कोड-102) में पीजीटी परीक्षा देनेवाले सर्वाधिक अभ्यर्थी सफल हुए हैं. खास बात यह है कि यहां अभ्यर्थी सीरियल नंबर से पास हुए हैं. इस सेंटर के 513 अभ्यर्थियों को सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन में बुलाया गया था. यहां से भौतिकी विषय के 61 अभ्यर्थी, गणित के 55, रसायन शास्त्र के 45, अंग्रेजी के 39, भूगोल के 62, कॉमर्स के 60, जीवविज्ञान के 26, हिंदी के 23, अर्थशास्त्र के 22, इतिहास के 14 और संस्कृत के 14 अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेट की जांच की गयी थी.

बोकारो के तिस्ता टेक्नोलॉजी केंद्र से 205 अभ्यर्थी बुलाये गयेे थे

इसी तरह बोकारो के ही तिस्ता टेक्नोलॉजी केंद्र से 205, धनबाद डिजिटल केंद्र से 271, रांची के फ्यूचर ब्राइट केंद्र से 254 तथा रांची के शिवा इंफोटेक केंद्र से 279 अभ्यर्थी बुलाये गयेे थे. बता दें कि पीजीटी शिक्षक परीक्षा के पूर्व शिवा इंफोटेक केंद्र पर डिप्लोमा स्तर संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (जूनियर इंजीनियर) ली गयी थी. गड़बड़ी के कारण जेएसएससी ने यहां की परीक्षा को रद्द कर दिया था और सेंटर ब्लैक लिस्ट हो गया था. इस केंद्र के अभ्यर्थियों की बाद में दूसरी जगह केंद्र बना कर दोबारा परीक्षा ली गयी.

बानगी देखिये :

केस स्टडी-1 : सामान्य कोटि की एक अभ्यर्थी एस परवीन को जेएसएससी ने पेपर-1 में 100 अंकों की परीक्षा में 252 अंक दिये हैं. पेपर-1 क्वालिफाई प्रकृति का था. इसमें 33 प्रतिशत लाने के बाद ही दूसरे पत्र की जांच होती, इसलिए संबंधित क्रमांक 10115108ए के अभ्यर्थी के दूसरे पत्र, जिससे मेरिट लिस्ट तैयार होनी थी, उसकी जांच भी नहीं हुई है.

केस स्टडी-2 : रसायन शास्त्र विषय के एक अभ्यर्थी ने पेपर-2 में 78 प्रश्नों के उत्तर सही दिये थे. जेएसएससी के फाइनल आंसर में भी 78 प्रश्न का जवाब सही दिखाया गया है, उसके अनुसार, उन्हें 156 अंक मिलने चाहिए थे, लेकिन उन्हें सिर्फ 88.25100 अंक दिये गये तथा अयोग्य घोषित कर दिया है. पेपर-2 में 150 प्रश्न पूछे गये थे, जिसका कुल मार्क्स 300 था.

केस स्टडी-3 : पीजीटी परीक्षा में जीव विज्ञान के एक अभ्यर्थी को दो स्कोरकार्ड मिले. जेएसएससी की वेबसाइट से डाउन लोड किये गये स्कोर कार्ड में पेपर-1 में 100 अंकों की परीक्षा में 180 अंक दर्शाये गये हैं, जबकि दूसरे पेपर की जांच नहीं की गयी. शिकायत के बाद दूसरा स्कोर कार्ड मिला, जिसमें पहले पेपर में 57 अंक अंकित है, जबकि दूसरे पत्र में 168.44700 अंक दर्शाये गये हैं तथा क्वालिफाइड दिखाया गया है.

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Rana Pratap

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