JPSC Student Protest: छात्रों और सरकार की बैठक में जांच एजेंसी को लेकर गतिरोध, CBI जांच की मांग पर अड़े छात्र
रांची के मोरहाबादी स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में छात्रों के साथ बाद करते झारखंड के मंत्री. फोटो: प्रभात खबर
झारखंड में JPSC छात्र आंदोलन के बीच सरकार और छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की बैठक जारी है. TDPL परीक्षाओं की CBI जांच की मांग पर गतिरोध बना हुआ है, हालांकि JPSC-JSSC सुधारों पर सहमति बनी है.
रांची से अभिषेक आनंद और राजलक्ष्मी की रिपोर्ट
JPSC Student Protest: झारखंड में छात्र आंदोलन को लेकर छात्रों के प्रतिनिधिमंडल और राज्य सरकार के बीच चल रही बैठक में जांच एजेंसी के मुद्दे पर गतिरोध की स्थिति बन गई है. छात्रों की मांग है कि TDPL की ओर से आयोजित परीक्षाओं की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराई जाए. वहीं, सरकार की ओर से मामले की जांच राज्य की CID से कराने की बात कही जा रही है. छात्रों का कहना है कि केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं है और पूरे मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए CBI जांच जरूरी है.
तीन घंटे से चल रही मंत्री-छात्र की बैठक
छात्र प्रतिनिधिमंडल और सरकार के बीच यह बैठक तीन घंटे से अधिक समय से चल रही है. बैठक के अंदर से मिली जानकारी के मुताबिक, कई मुद्दों पर सरकार और छात्रों के बीच सहमति बनने की स्थिति है, लेकिन जांच एजेंसी को लेकर मामला अटका हुआ है. इसी मुद्दे पर बातचीत आगे बढ़ने में सबसे बड़ी बाधा सामने आ रही है.
TDPL की परीक्षाओं की CBI जांच की मांग
छात्रों ने TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि TDPL का मुख्यालय लखनऊ में है, जबकि परीक्षा से जुड़ी प्रिंटिंग व्यवस्था अन्य स्थान पर है. ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और संभावित अनियमितताओं की जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी से जांच कराना जरूरी है. छात्रों का तर्क है कि मामले में अलग-अलग स्थानों और संस्थानों की भूमिका सामने आ सकती है. इसलिए वे चाहते हैं कि जांच किसी ऐसी केंद्रीय एजेंसी से कराई जाए, जिस पर उन्हें भरोसा हो. इसी वजह से प्रतिनिधिमंडल बैठक में लगातार CBI जांच की मांग पर जोर दे रहा है.
सरकार ने दिया CID जांच का भरोसा
बैठक में सरकार की ओर से छात्रों को CID जांच का भरोसा दिया जा रहा है. सरकार का कहना है कि राज्य की जांच एजेंसी मामले की गंभीरता से जांच करेगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी. सरकार की ओर से यह भरोसा दिए जाने के बावजूद छात्र अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. छात्रों का कहना है कि उन्हें जांच की प्रक्रिया के साथ-साथ उसकी विश्वसनीयता को लेकर भी आश्वासन चाहिए. इसी बिंदु पर दोनों पक्षों के बीच बातचीत लंबी खिंच रही है.
JPSC-JSSC रिफॉर्म पर सरकार ने मानी छात्रों की मांग
बैठक में JPSC और JSSC में सुधार को लेकर छात्रों की ओर से रखी गई मांगों पर सरकार ने सहमति जताई है. जानकारी के मुताबिक, परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक कमेटी गठित की जाएगी. इस कमेटी में IIT, XISS और ISM जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी. इसके अलावा समिति में कुछ बुद्धिजीवियों को भी शामिल किए जाने की बात सामने आई है. सरकार की योजना है कि यह समिति परीक्षा व्यवस्था और उससे जुड़े सुधारों का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी.
एक महीने में रिपोर्ट देगी कमेटी
छात्र प्रतिनिधियों को दी गई जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित कमेटी को अपनी रिपोर्ट एक महीने के भीतर सौंपनी होगी. खास बात यह है कि कमेटी अपनी रिपोर्ट तैयार करने के दौरान छात्रों से भी विमर्श करेगी. इससे छात्रों को अपनी समस्याओं और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े सुझाव सीधे समिति के सामने रखने का अवसर मिलेगा. JPSC-JSSC परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर छात्रों की ओर से लंबे समय से पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ाने की मांग की जा रही है. सरकार द्वारा इस मांग को स्वीकार किया जाना बैठक में अब तक सामने आई बड़ी सहमति मानी जा रही है.
तीन घंटे बाद भी बैठक से नहीं निकला अंतिम समाधान
हालांकि, बैठक तीन घंटे से अधिक समय से चलने के बावजूद अब तक कोई अंतिम समाधान सामने नहीं आया है. सूत्रों के अनुसार, बैठक में रिफॉर्म से जुड़े मुद्दों पर सरकार और छात्रों के बीच सहमति बन गई है, लेकिन जांच एजेंसी को लेकर दोनों पक्षों की स्थिति अभी अलग-अलग है. छात्र प्रतिनिधिमंडल में शामिल कुछ सदस्यों ने फोन के माध्यम से बैठक के अंदर हुई गतिविधियों की जानकारी दी है. उनके मुताबिक, फिलहाल बातचीत का मुख्य केंद्र TDPL परीक्षाओं की जांच को लेकर CBI बनाम CID का मुद्दा है.
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CBI जांच पर फैसला बना सबसे बड़ा सवाल
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण सवाल अब यही है कि सरकार छात्रों की CBI जांच की मांग को स्वीकार करती है या नहीं. सरकार CID जांच के जरिए मामले को आगे बढ़ाने का भरोसा दे रही है, जबकि छात्र केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग पर कायम हैं. इस गतिरोध के कारण बैठक का अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आ सका है. छात्रों का कहना है कि JPSC-JSSC सुधार को लेकर सरकार की सहमति स्वागत योग्य है, लेकिन परीक्षा संबंधी विवादों की जांच को लेकर स्पष्ट निर्णय भी जरूरी है. फिलहाल प्रतिनिधिमंडल और सरकार के बीच बातचीत जारी है. बैठक खत्म होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जांच एजेंसी को लेकर कोई बीच का रास्ता निकलता है या छात्र अपनी CBI जांच की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने का निर्णय लेते हैं.
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By कुमार विश्वत सेन
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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