पहले पेपर लीक मुद्दा उठाने वाले को भेजा जेल, अब JPSC-JSSC घोटाले में खुल रहे राज; पैसे लेकर पास कराने का खेल

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JPSC कार्यालय की फाइल फोटो

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JPSC-JSSC परीक्षाओं में पेपर लीक और पैसे लेकर पास कराने के मामले में नए खुलासे हो रहे हैं. पहली बार पेपर लीक का मुद्दा उठाने वाले को जेल भेजा गया था, लेकिन अब साजिश की परतें खुल रही हैं. CID की जांच में कई अहम गवाहियां सामने आई हैं.

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रांची. JPSC-JSSC की परीक्षाओं में पेपर लीक और पैसे लेकर अभ्यर्थियों को पास कराने का खेल नया नहीं है. हालांकि पहली बार जिसने पेपर लीक का मुद्दा उठाया, उसे ही जेल भेज दिया गया था. अब जाकर साजिश की परतें खुलने लगी हैं. मामले में शिकायतें पहले भी हुईं, नाम भी सामने आये, पेपर लीक की आशंका जतायी गयी. तब जनवरी 2025 में CID जेएसएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर मामला दर्ज किया था.

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हालांकि, उस वक्त जांच में सीआइडी ने इसे पेपर लीक के बजाय केवल परीक्षा के नाम पर अभ्यर्थियों से पैसे ठगने का मामला माना. इसी आधार पर कोर्ट ने सफल अभ्यर्थियों को नियुक्त करने का आदेश दिया. इधर, इस बार जेपीएससी भर्ती घोटाले से शुरू हुई सीआइडी की जांच का रुख जेएसएससी परीक्षा घोटाले की ओर भी मुड़ गया है.

पूछताछ में खुल रहे राज

JSSC CGL परीक्षा में पलामू के सफल अभ्यर्थी कुंदन और पटना के एजेंट राजन से पूछताछ में कई अहम खुलासे सामने आये हैं, जिससे यह साबित होता है कि सीजीएल परीक्षा का पेपर लीक हुआ था. TDPL के मार्केटिंग मैनेजर और सफल अभ्यर्थी रहे अभय तिवारी के बयान भी परीक्षा में धांधली करनेवाले इस सुव्यवस्थित नेटवर्क की ओर इशारा कर रहे हैं.

संतोष मस्ताना ने पेपर लीक की बात उठायी थी

इससे पहले वित्त विभाग के कर्मी संतोष मस्ताना ने पेपर लीक की बात उठायी थी. तब आरोप लगा कि वह अभ्यर्थियों के बीच अफवाह फैला रहे हैं और परीक्षा स्थगित या रद्द कराने की मांग कर रहे संगठनों से जुड़े हैं. मामले में उन्हें जेल भेज दिया गया. बाद में कोर्ट ने उन्हें इस मामले में निर्दोष माना. इस पूरे घटनाक्रम ने उस समय की जांच की दिशा पर सवाल खड़े किये थे.

अब मौजूदा जांच में पेपर लीक, अभ्यर्थियों को पैसे लेकर पास कराने और परीक्षा से पहले सवाल-जवाब उपलब्ध कराने के जो तथ्य सामने आ रहे हैं, उनसे पुराने मामलों की जांच भी सवालों के घेरे में है.

JPSC-JSSC तक एक जैसी कड़ियां

मामले की जांच में अब जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं के बीच भी कड़ियां तलाश की जा रही हैं. जेपीएससी की जांच में पूर्व अध्यक्ष एल खियांग्ते, परीक्षा उपनियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह और अभय तिवारी समेत कई लोग गिरफ्तार हो चुके हैं. सीआइडी के अनुसार, एल खियांग्ते परीक्षा संचालन करनेवाली कंपनी के कर्मियों, अभ्यर्थियों और कुछ एजेंटों के संपर्क में थे.

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छापेमारी के बाद साक्ष्य मिटाने के प्रयास

छापेमारी के बाद साक्ष्य मिटाने के प्रयास किये जाने का भी आरोप है. श्वेता कुमारी गुप्ता, रामवीर सिंह और मुख्य सचिव कार्यालय के कर्मी धर्मेंद्र के बयानों से भी जांच एजेंसी को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने का दावा है. CID सीजीएल के सभी सफल अभ्यर्थियों से पूछताछ कर रही है. करीब 1932 सफल अभ्यर्थियों में से लगभग 350 से पूछताछ हो चुकी है. हर दिन करीब 20 अभ्यर्थियों से पूछताछ की जा रही है.

12 से 25 लाख रुपये में सफलता का दावा

जांच में टीडीपीएल के अभय तिवारी का नाम महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में सामने आया है. उसके बयान के अनुसार, अभ्यर्थियों से 12 से 25 लाख रुपये तक लिये गये और उन्हें परीक्षा में सफल कराने की व्यवस्था की गयी. आइसीएन के दो कर्मी सोमांश प्रकाश और राहुल की गिरफ्तारी के बाद उनकी निशानदेही पर सफल अभ्यर्थी कुंदन तक सीआइडी पहुंची. पटना से एजेंट राजन भी पकड़ाया.

बंगाल ले गये, रटवाये सवाल और जवाब

इधर एजेंट राजन ने सीआइडी को बताया है कि पैसे लेकर अभ्यर्थियों को सीजीएल के प्रश्न और उत्तर रटवाये गये. इसके लिए अभ्यर्थियों को पश्चिम बंगाल के नियामतपुर ले जाया गया था. राजन ने यह भी बताया कि यह काम आइसीएन के निदेशक मिथिलेश सिंह के लोगों के कहने पर किया गया था. हालांकि, उसके कथित कबूलनामे की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हुई है.

सीआइडी बोली : अभय तिवारी के पिता का नाम आना टाइपिंग की गलती

सीआइडी ने नियुक्ति घोटाले में पांच सितंबर को आये कोर्ट के फैसले को संशोधित करने का आग्रह किया था. इसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया. सीआइडी ने बताया था कि जांच में पता चला है कि टीडीपीएल के अभय तिवारी ने कंपनी में काम करते हुए ACF और FRO की परीक्षा दी थी. उसके पिता का नाम सुखदेव तिवारी है. इधर कोर्ट के आदेश में टाइपिंग की गलती से ऐसा लग रहा है कि अभय तिवारी के पिता ने उक्त परीक्षा में भाग लिया था. जबकि ऐसा नहीं है. अभय के पिता ने कोई परीक्षा नहीं दी थी.

दस्तावेज लेने फिर JSSC ऑफिस पहुंची CID की टीम

जेएसएससी नियुक्ति घोटाले की जांच कर रही सीआइडी की टीम ने मंगलवार को फिर नामकुम स्थित जेएसएससी ऑफिस जाकर दस्तावेजों की जांच की. टीम के सदस्यों ने वहां के कर्मियों से पूर्व में हुई परीक्षाओं से संबंधित दस्तावेज मांगे और उन्हें अपने साथ ले गयी. सीजीएल की परीक्षा के संबंध में सीआइडी ने पहले भी कई दस्तावेज लिये हैं. साथ ही जेएसएससी के सचिव सुधीर गुप्ता के घर में छापेमारी कर तथ्य हासिल किये हैं. अभी एक एजेंट राजन की गिरफ्तारी के बाद सीआइडी ने कुछ नयी जानकारी जेएसएससी से मांगी है.

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