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झारखंड में जनजातीय व क्षेत्रीय भाषा से स्नातक पास अभ्यर्थी भी बनेंगे शिक्षक, सहायक आचार्य नियमावली में बदलाव

वर्ष 2015-16 में राज्य के मध्य विद्यालयों में हुई सामान्यतया भाषा शिक्षकों की नियुक्ति में उन विषयों से ही स्नातक करनेवाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति हुई थी, जिन विषयों पढ़ाई छठी कक्षा से आठवीं कक्षा तक में होती है

15 भाषा विषयों में से किसी एक में स्नातक करनेवाले अभ्यर्थी राज्य के मध्य विद्यालयों में (छठी से आठवीं कक्षा तक) भाषा विषय के शिक्षक बन सकेंगे. ‘सहायक आचार्य नियुक्ति नियमावली-2022’ में किये गये संशोधन के बाद शिक्षा विभाग ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है.

इसमें कहा गया है कि कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग द्वारा इस वर्ष मार्च में अधिसूचित 15 भाषाओं में से किसी एक में मान्यता प्राप्त संस्थान से न्यूनतम तीन वर्षीय स्नातक या स्नातक (प्रतिष्ठा) उत्तीर्ण करनेवाले अभ्यर्थी मध्य विद्यालय में भाषा विषय के शिक्षक पद के लिए आवेदन कर सकेंगे.

इस वर्ष मार्च में राज्य सरकार ने जिन भाषाओं को राज्य में नियुक्तियों के लिए अधिसूचित किया है, उनमें हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, संथाली, बंगला, मुंडारी, हो, खड़िया, कुड़ुख, कुरमाली, खोरठा, नागपुरी, पंचपरगनिया, उड़िया व संस्कृत विषय शामिल हैं.

हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत और उर्दू में हुई थी िनयुक्ति :

गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2015-16 में राज्य के मध्य विद्यालयों में हुई सामान्यतया भाषा शिक्षकों की नियुक्ति में उन विषयों से ही स्नातक करनेवाले अभ्यर्थियों की नियुक्ति हुई थी, जिन विषयों पढ़ाई छठी कक्षा से आठवीं कक्षा तक में होती है. इनमें हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत और उर्दू से स्नातक करनेवाले अभ्यर्थी शामिल थे.

इस माह अंत शुरू हो सकती है 26 हजार शिक्षकों की नियुक्ति के लिए आवेदन जमा करने की प्रक्रिया

इन विषयों के लिए भी होगी नियुक्ति : हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, संथाली, बंगला, मुंडारी, हो, खड़िया, कुड़ुख, कुरमाली, खोरठा, नागपुरी, पंचपरगनिया, उड़िया और संस्कृत.

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