झारखंड की इन 5 नदियों की सुंदरता देखेंगे तो हो जाएंगे दीवाने, सरकार ने बना लिया है तस्वीर बदलने का प्लान

झारखंड की नदियां होंगी सुदर, Pic Credit- Chatgpt AI
Jharkhand Rivers Renovation: नमामि गंगे परियोजना के तहत झारखंड से गुजरने वाली पांच प्रमुख नदियां और बेहतर बनेंगी. सरकार ने इसकी सुंदरीकरण की तैयारी कर ली है. इस योजना के तहत रिवर फ्रंट और इको जोन भी विकसित किए जाएंगे, ताकि नदियां प्रदूषण मुक्त और स्वच्छ बनी रहें.
Jharkhand Rivers Renovation, रांची: झारखंड से गुजरने वाली पांच प्रमुख नदियों गंगा, खरकई, दामोदर, स्वर्णरेखा और हरमू के रख रखाव करते हुए फिर से इसे बेहतर बनाया जाएगा. साथ ही इसका सुंदरीकरण भी किया जाएगा. यह कार्य नमामि गंगे परियोजना के तहत होगा. इसके अंतर्गत रांची, आदित्यपुर, धनबाद, चास, राजमहल और साहिबगंज में नदियों के आसपास समग्र विकास की योजना तैयार की गयी है. नदियों के किनारे इको जोन भी विकसित किये जायेंगे. इस योजना के प्रथम चरण में गंगा, दामोदर, खरकई, हरमू और स्वर्णरेखा नदियों के आसपास के इलाके को क्लीन, ग्रीन और स्वच्छ बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
क्या है योजना का उद्देश्य
योजना का उद्देश्य है कि नदी शहर में प्रवेश करते समय पानी का कंडीशन जैसा था, बाहर निकलते समय भी वह वैसी ही बनी रहे या बेहतर हो. आमतौर पर नदियां शहर में प्रवेश करते समय स्वच्छ रहती हैं, लेकिन शहर से बाहर निकलते वक्त प्रदूषण का स्तर कई गुना बढ़ जाता है. इस योजना के जरिये इसी स्थिति को बदलने का प्रयास किया जायेगा.
एलुवियूएम नामक कंपनी का किया गया है चयन
नदियों के प्रबंधन के लिए भारत सरकार की संस्था राष्ट्रीय नगर कार्य संस्थान, नयी दिल्ली ने एलुवियूएम (एएलएलयूवीआइयूएम) नामक कंपनी का चयन किया है. यह कंपनी नगर निकायों के साथ मिलकर नदी प्रबंधन की योजनाओं को चिन्हित करते हुए उनके इंप्लीमेंटेशन में सहयोग करेगी.
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रिवर बैंक और रिवर फ्रंट का होगा विकास
रांची, आदित्यपुर, धनबाद, चास, राजमहल और साहिबगंज में अब किसी भी शहरी विकास और पथ निर्माण योजना के निर्धारण से पहले उस क्षेत्र से गुजरने वाली नदी और उसके आसपास के विकास की योजना को भी शामिल किया जायेगा. इसके लिए सभी विभाग मिलकर एक साझा योजना बनाएंगे. नदियों के विकास के दौरान रिवर बैंक और रिवर फ्रंट का विकास किया जायेगा. नदी किनारे बसे लोगों की आजीविका का विशेष ध्यान रखा जायेगा. सोशियो इकॉनॉमिक डेवलपमेंट को ध्यान में रखते हुए कार्य योजना तैयार की गयी है. जल प्रदूषण रोकने के लिए विशेष प्रावधान किये गये हैं. योजना के तहत नदी में दूषित जल गिरने से रोकने पर जोर दिया गया है. नदियों में प्राकृतिक जल जीवों और हरियाली को प्रोत्साहित करने के लिए काम किया जायेगा. प्रदूषण रोकने के लिए नदियों के आसपास स्वच्छ और हरित वातावरण विकसित किया जायेगा.
क्या कहते हैं नगर विकास के प्रधान सचिव
नमामि गंगे परियोजना के तहत शहरी नदियों का उचित प्रबंधन किया जाना है. नदियों को प्रदूषण मुक्त करने के लिए विभागों का आपस बेहतर समन्वय बनाकर विकास योजनाएं तैयार की जायेंगी. शहरों के अंदर नदियों को पुर्नजीवित करने के लिए हरियाली और स्वच्छता को बढ़ावा दिया देने की योजना बनायी गयी है. योजना में शहरी नदियों के किनारों पर बसे लोगों की आजीविका का भी ध्यान रखा जायेगा.
सुनील कुमार, प्रधान सचिव, नगर विकास एवं पथ निर्माण विभाग
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लेखक के बारे में
By Sameer Oraon
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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