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प्रभात खबर प्रतिभा सम्मान 2023: रांची में मैट्रिक और इंटर के टॉपर्स का बढ़ाया हौसला, देखें PICS

Updated at : 18 Jun 2023 2:06 PM (IST)
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प्रभात खबर प्रतिभा सम्मान 2023: रांची में मैट्रिक और इंटर के टॉपर्स का बढ़ाया हौसला, देखें PICS

प्रभात खबर प्रतिभा सम्मान समारोह 2023 का आयोजन 18 जून, रविवार को रांची के गुरुनानक स्कूल सभागार में किया गया. इसमें 10वीं और 12वीं के जैक, सीबीएसइ और आइसीएसइ बोर्ड के टॉपर्स सम्मानित किये गए और उनका हौसला बढ़ाया.

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रांची, आदित्य कुमार : प्रभात खबर प्रतिभा सम्मान समारोह 2023 का आयोजन रांची में किया गया. इस आयोजन में कई बच्चों को उनके बोर्ड परीक्षा में बेहतर अंक लाने के लिए सम्मानित किया गया. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर झारखंड सरकार के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव और पेयजल विभाग के मंत्री मिथिलेश ठाकुर मौजूद थे. अन्य अतिथियों में आईआईएम रांची के निदेशक दीपक श्रीवास्तव, ICFAI के वीसी रमन कुमार झा, एमिटी के इंजीनियरिंग विभाग के डायरेक्टर विकास मिश्रा मौजूद थे. कार्यक्रम में कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन कर किया गया.

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स्वागत संबोधन में प्रधान संपादक आशुतोष चतुर्वेदी ने कहा कि बच्चों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं और उनके उज्जवल भविष्य के लिए कामना करता हूं. उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में इतनी बड़ी संख्या बताती है कि हमारे होनहार बच्चों का प्रदर्शन कैसा रहा. 10वीं और 12वीं के परीक्षा में छात्र नहीं पूरा परिवार सम्मिलित होता है. गर्मी बरसात की चिंता न करते हुए बच्चे को परिजनों का साथ मिलता है. इसलिए इस उपलब्धि का श्रेय पूरे परिवार को मिलना चाहिए.

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हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा व्यवस्था पर उत्तर के राज्यों को और ध्यान देने की जरूरत और दक्षिण से सीखने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि यहां के अधिकतर बच्चे भी आगे की पढ़ाई के लिए दक्षिण की ओर रुख करते है. झारखंड की राजधानी रांची में भी एडमिशन के लिए लंबी कतार लगती है, लेकिन अन्य जिलों के स्कूल की स्थिति और बेहतर करने की जरूरत है.

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पेयजल विभाग के मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि प्रभात खबर की टीम का मैं आभार करता हूं कि इस तरह बच्चों को प्रोत्साहित करने का काम किया जा रहा है. हमें अपने राज्य को आगे बढ़ाना है, विकसित बनाना है तो आप जैसे होनहार बच्चों की प्रतिभा का सम्मान करना और मनोबल बढ़ाने का काम होना चाहिए. कई ऐसे उदाहरण है जहां बच्चों का प्रदर्शन बोर्ड की परीक्षा में उतना बेहतर नहीं रहा लेकिन दृढ़ निश्चय और विश्वास के बल पर अपने लक्ष्य को पाया और बुलंदियों पर चढ़े है. इसलिए जिनके मार्क्स कम आए हो उन्हें मायूस होने की जरूरत नहीं है. बच्चे यह समझें कि कोई भी काम छोटा नहीं होता है और कोई भी लक्ष्य बड़ा नहीं होता है.

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वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि आज अधिकतर स्कूल में प्रार्थना होती है लेकिन न्यूज नहीं सुनाए जाते है. बच्चों को देश में हो रही गतिविधि के बारे में जानने की जरूरत है. अभिभावकों को हमेशा यह देखने की जरूरत है कि बच्चे पढ़ाई के साथ साथ अन्य गतिविधियों में भी सम्मिलित रहें. बच्चों को संविधान पढ़ना चाहिए. सरकारी गतिविधि के प्रति भी बच्चों को जागरूक रहने की जरूरत है.

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वहीं, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर आरके दत्ता ने कहा कि 2004 में इस समारोह की शुरुआत रांची से हुई थी. प्रभात खबर ने सोचा कि तमाम विपरीत परिस्थितियों में बच्चे जब अच्छे अंक ला रहे है तो उन्हें प्रोत्साहित करना जरूरी है. इसलिए हमने इस आयोजन को शुरू किया था, आपको सम्मानित करके हमें ज्यादा खुशी मिलती है क्योंकि हम देश के भविष्य को प्रोत्साहित कर रहे है. आगे उन्होंने कहा फेल का अर्थ होता है First attempt in learning. ऐसे में बच्चों को फेल होने पर हतोत्साहित नहीं होना है, बल्कि फिर एक कोशिश करनी है सफलता के लिए. साथ ही अपने स्वास्थ्य पर भी ध्यान दें, हेल्थ सही रहेगा तभी आप अच्छे से पढ़ाई कर पाएंगे.

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एमिटी के इंजीनियरिंग विभाग के डायरेक्टर विकास मिश्रा ने कहा कि आपके मां बाप का योगदान आप नकार नहीं सकते है इसलिए बच्चों को उनका धन्यवाद करना चाहिए. कौन सा कैरियर चुने इस सवाल में आपको परेशान होने की जरूरत नहीं, दृढ़ निश्चय है तो किसी भी क्षेत्र में बेहतर कर सकते है.

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ICFAI के वीसी रमन कुमार झा ने बच्चों को कहा कि आप किस फील्ड में पढ़ना चाहते है यह जरूरी है. इसलिए जब आप अपने भविष्य के विषय का चयन करें तो अपने मन की सुनें और अपने अभिभावक और गुरुओं से सलाह जरूर लें, ताकि आपका चयन आपका भविष्य संवारने में मदद करें

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आईआईएम रांची के निदेशक प्रो. दीपक श्रीवास्तव ने कहा कि आज से कुछ साल पहले 60 प्रतिशत अंक आना बहुत अच्छा माना जाता था लेकिन आज 60 फीसदी अंक सामान्य बात है. यह इस बात का उदाहरण है कि हम प्रतिस्पर्धा के दौर से गुजर रहे है. भारत के लिए यह स्वर्णिम युग है शिक्षा के क्षेत्र में, इसका फायदा उठाना जरूरी है बच्चों को. तकनीक के जिस दौर में हम है वहां रोजगार की संभावनाएं ज्यादा तलाशने की जरूरत नहीं है.

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Nutan kumari

लेखक के बारे में

By Nutan kumari

Digital and Broadcast Journalist. Having more than 4 years of experience in the field of media industry. Specialist in Hindi Content Writing & Editing.

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