ePaper

Jharkhand Politics: मुझे साथी मिल गया, भाजपा में शामिल होने से पहले बोले चंपाई सोरेन

Updated at : 30 Aug 2024 5:58 PM (IST)
विज्ञापन
champai soren

champai soren

Jharkhand Politics: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने कहा है कि उन्हें साथी मिल गया है. अब वह आदिवासियों के अस्तित्व को बचाने के लिए लड़ेंगे.

विज्ञापन

Jharkhand Politics: झारखंड मुक्ति मोर्चा के कद्दावर नेता और प्रदेश के भूतपूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने से पहले बड़ी बेबाकी से अपनी राय रखी. उन्होंने भाजपा में शामिल होने की वजह बताई. झारखंड के ज्वलंत मुद्दों पर बात की. लोबिन हेम्ब्रम के बारे में जब उनसे पूछा गया, तो उन्होंने क्या कहा, इसके बारे में भी हम आपको बताने जा रहे हैं.

जिस पार्टी को खून-पसीने से सींचा, उसमें मेरे साथ राजनीति हुई

चंपाई सोरेन ने शुक्रवार को रांची में कहा कि खून-पसीना बहाकर हमने जिस संगठन को खड़ा किया, उस संगठन में मेरे साथ राजनीति हुई. मैंने तभी कह दिया था कि हम ऐसी पार्टी में नहीं रह सकते. हम उस पार्टी में नहीं रह सकते, जहां अपनी पीड़ा भी न बता सकें. एक बार मेरे मन में आया कि मैं राजनीति छोड़ दूंगा. संन्यास ले लूंगा. फिर सोचा कि नया संगठन बनाऊंगा.

मुझे साथी मिल गया, बड़ा दल मिल गया – चंपाई सोरेन

चंपाई सोरेन ने कहा कि कभी यह भी सोचा कि अगर कोई अच्छा साथी मिला, तो झारखंड की बेहतरी के लिए सक्रिय राजनीति करूंगा. मुझे साथी मिल गया. बड़ा दल मिल गया. भारतीय जनता पार्टी की आज मैं सदस्यता ले रहा हूं. पहले जैसे झारखंड के लिए लड़ा था, उसी तरह से अब आदिवासियों के अस्तित्व की रक्षा की लड़ाई लड़ूंगा. जनमुद्दों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखूंगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर है विश्वास

चंपाई सोरेन ने माना कि बांग्लादेशी घुसपैठ एक ज्वलंत मुद्दा है झारखंड में. उन्होंने कहा कि किसी और पार्टी में रहकर वह इस मुद्दे को नहीं उठा सकते थे. इसको रोकने के लिए कोई काम नहीं कर सकते थे. इसलिए उन्होंने भाजपा को चुना. कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर विश्वास है. झारखंड का विकास करना है.

आदिवासियों के अस्तित्व को बचाना है – चंपाई सोरेन

चंपाई सोरेन ने कहा कि झारखंड के आदिवासियों के अस्तित्व को बचाना है. मूलवासियों के अस्तित्व को बचाना है. झारखंड बड़ा धनी प्रदेश है. इस प्रदेश को हम संवारेंगे. यही मेरे मन में आया. काफी विचार-विमर्श करने के बाद अब मैं भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो रहा हूं. चंपाई सोरेन ने कहा कि मैंने पहले ही तय कर लिया था कि जिस संगठन को मैंने खून-पसीने से सींचा, उस संगठन को तोड़ूंगा नहीं. उस संगठन के किसी व्यक्ति को अपने साथ आने के लिए नहीं कहूंगा. उन्होंने कहा कि अभी सब कुछ साफ नहीं होगा. आप देखते रहिए.

लोबिन हेम्ब्रम के बारे में पूछे गए सवालों पर बोले- देखते रहिए

यह पूछने पर कि लोबिन हेम्ब्रम ने कहा था कि वह आपके साथ भाजपा में शामिल होंगे. इस पर चंपाई सोरेन ने कहा कि उनके बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता हूं. मेरे बारे में आप सवाल पूछें, मैं उसका जवाब दूंगा. बार-बार जब उनसे यह सवाल पूछा गया, तो उन्होंने यही जवाब दिया कि आप देखते रहिए.

बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर एकमात्र मुखर पार्टी है भाजपा

चंपाई सोरेन से जब यह पूछा गया कि उनकी आगे की क्या रणनीति होगी, तो उन्होंन कहा कि एक पार्टी में मैं शामिल हो रहा हूं. पार्टी की जो रणनीति होगी, हमें जो काम दिया जाएगा, उसके अनुसार काम करूंगा. बांग्लादेशी घुसपैठियों के मुद्दे पर भाजपा एकमात्र पार्टी है, जो मुखर होकर बोलती है. मैं जन-जन तक इस बात को पहुंचाऊंगा और झारखंड के आदिवासियों को बचाने में अपनी भूमिका निभाऊंगा.

Also Read

चंपाई दा जहां खड़े होंगे, आदिवासियों का वोट वहीं गिरेगा, बोले महुलडीह और जिलिंगगोड़ा के लोग

Jharkhand Politics: चंपाई सोरेन थोड़ी देर में लेंगे भाजपा की सदस्यता, जनसभा को करेंगे संबोधित

Jharkhand Politics: चंपाई सोरेन के इस्तीफा के बाद, JMM को लगा एक और तगड़ा झटका

क्या ‘झारखंड टाइगर’ खा सकते हैं जेएमएम का वोट बैंक, कोल्हान में कितनी मजबूत होगी बीजेपी?

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola