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Happy Diwali: रांची में ऐसे मनी दिवाली, घर-घर दीप जले, फूटे पटाखे, रोशनी से जगमग हुआ अपना शहर

Updated at : 12 Nov 2023 8:02 PM (IST)
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Happy Diwali: रांची में ऐसे मनी दिवाली, घर-घर दीप जले, फूटे पटाखे, रोशनी से जगमग हुआ अपना शहर

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झारखंड की राजधानी रांची में दीपावली का उत्साह देखते ही बना. पूरी रांची रोशनी से नहा उठी. घरों में दीये जले, बाहर बच्चों ने फुलझड़ियां और पटाखे छोड़े. मिठाई बांटकर लोगों ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया और कहा- हैप्पी दिवाली. तस्वीरों में देखें रांची की दीपावली.

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दीपों के उत्सव दीपावली का हर किसी को इंतजार रहता है. इस बार की दीपावली भी खास रही. लोगों ने अपने घरों में घी के दीये जला. लक्ष्मी-गणेश की पूजा की और अपने लिए, अपने परिवार के लिए सुख एवं समृद्धि की कामना की. घर को बिजली की लड़ियों से जरूर सजाया गया था, लेकिन रांची में घर में लोगों ने दीपावली पर मिट्टी से बने दीये ही जलाए.

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दीपावली का इंतजार बच्चों को सबसे ज्यादा होता है. नए कपड़े, अच्छे-अच्छे पकवान और मिठाइयां जो खाने को मिलतीं हैं. इन सबके अलावा घर को दीये से सजाना. घर के बाहर रंगोली बनाना और शाम को पूजा खत्म होने के बाद फुलझड़ियां और पटाखे चलाना. बच्चे खूब मस्ती करते हैं. इस बार भी दीपों के साथ बच्चों के चेहरे पर वैसी ही खुशी दिखी.

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दीपावली एक तरह से स्वच्छता का भी त्योहार है. लोग घरों में कई दिन पहले से साफ-सफाई करना शुरू कर देते हैं. घर को नए तरीके से सजाने के बारे में सोचने लगते हैं. पहले फूलों से घर सजाए जाते थे, लेकिन अब आर्टिफिशियल फूलों से सजावट होती है. बिजली की लड़ियां लोग घरों में और घर के बाहर लगाते हैं. पूरा अपर बाजार सजावट के ऐसे सामानों से पटा था और लोगों ने अपनी पसंद के मुताबिक, उसकी खरीदारी की और अपने घर को सजाया.

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दीपावली के त्योहार में घरौंदे का अपना अलग महत्व है. कुंवारी लड़कियां घरौंदे में लक्ष्मी-गणेश की पूजा करतीं हैं. पहले लोग खुद खरौंदा बनाते थे. अब कई सालों से बाजार में रेडीमेड घरौंदा आ गए हैं. इनको खरीदकर बच्चियां अपने मन मुताबिक सजाती हैं और शाम को पूजा करतीं हैं.

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दीपावली के अवसर पर शहर के मंदिरों में विशेष तौर पर दीये जलाये जाते हैं. इस बार भी रांची के मंदिरों में दिवाली के दिन दीये जलाए गए. रांची के लक्ष्मीनारायण मंदिर में पुरोहित ने विशेष रूप से दीया जलाये और मंदिर को दीयों से सजाया.

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राजधानी रांची में लोग अपने घरों को दिवाली से पहले ही लड़ियों से सजा देते हैं. चारों ओर मकानों पर रंग-बिरंगे बल्ब जलते दिख जाते हैं. ये बल्ब छठ महापर्व तक जलते हैं‍. तब तक अपनी रांची रोशनी में नहाई रहती है. ड्रोन से लिए गए चित्र में रंग-बिरंगी रोशनी में नहाई रांची अद्भुत नजारा देख सबको खुशी होती है.

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छोटी-छोटी बच्चियों को दीपावली पर दीप से दीप जलाना और रंगों एवं फूलों से रंगोली बनाना खूब पसंद आता है. रांची की दो बच्चियां अपने घर की सजावट में लगी हैं. एक बच्ची थाल में सजे दीये को जला रही है, तो दूसरी फूलों से रंगोली बनाने की तैयारी कर रही है.

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दीपोत्सव एक ऐसा त्योहार है, जिसमें परिवार के हर उम्र के लोग व्यस्त रहते हैं. राजनीतिक दलों के नेता भी इससे नहीं बचते. इस बार चूंकि अयोध्या में दीया जलाने का विश्व रिकॉर्ड बना है. रांची में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं ने भी दीये से जय श्रीराम लिखकर दीपावली का त्योहार मनाया.

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दीपावली की खरीदारी यूं तो लोग धनतेरस के पहले से ही कर देते हैं, लेकिन दीपावली के दिन भी बाजार में कम भीड़ नहीं होती. शाम को लोग बाजार में निकलते हैं, पूरी सड़क जाम हो जाती है. कार और बाइक की कौन कहे, लोगों का चलना भी मुश्किल हो जाता है.

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दीपावली के दिन लोग लक्ष्मी-गणेश की पूजा करते हैं, लेकिन बंगाली समुदाय के लोगों में काली पूजा का विधान है. पश्चिम बंगाल में तो दीपावली को काली पूजा के नाम से ही जाना जाता है. रांची में भी बड़ी संख्या में बंगाल के लोग रहते हैं. वे बड़ी धूम-धाम से रांची में काली पूजा का आयोजन करते हैं. इसके लिए बाकायदा सड़क को भी सजाया जाता है. तोड़णद्वार बनाए जाते हैं.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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