झारखंड हाईकोर्ट ने दिखाया अतिक्रमण पर सख्ती, कहा - वर्ष 1929 में रांची में कहां-कहां थे तालाब और जलाशय, होगी खोज

समिति की अध्यक्षता अपर नगर आयुक्त रांची नगर निगम करेंगे. वहीं उप नगर आयुक्त सदस्य सचिव होंगे. सदस्य के रूप में डीएफअो या उनके प्रतिनिधि, अपर समाहर्ता, पेयजल व स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता, जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता, रांची नगर निगम के कार्यपालक अभियंता व शहर के अंचलाधिकारी को शामिल किया गया है. यह जानकारी राज्य सरकार की अोर से झारखंड हाइकोर्ट में पूरक शपथ पत्र दायर कर दी गयी है.
Jharkhand News, Ranchi News, Jharkhand High Court latest News रांची : रांची शहर में वर्ष 1929 में कहां-कहां तालाब व जलाशय थे. उसका एरिया क्या था. जमीन का कितना अधिग्रहण हुआ था और कितने तालाब गायब हो गये, उसकी अब खोज होगी. झारखंड हाइकोर्ट के आदेश के अनुपालन के लिए नगर विकास व आवास विभाग ने आठ सदस्यीय तकनीकी जांच समिति गठित की है.
समिति की अध्यक्षता अपर नगर आयुक्त रांची नगर निगम करेंगे. वहीं उप नगर आयुक्त सदस्य सचिव होंगे. सदस्य के रूप में डीएफअो या उनके प्रतिनिधि, अपर समाहर्ता, पेयजल व स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता, जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता, रांची नगर निगम के कार्यपालक अभियंता व शहर के अंचलाधिकारी को शामिल किया गया है. यह जानकारी राज्य सरकार की अोर से झारखंड हाइकोर्ट में पूरक शपथ पत्र दायर कर दी गयी है.
राज्य सरकार के उप-सचिव अखिलेश कुमार ने पूरक शपथ पत्र दायर किया है. इसमें कहा है कि हाइकोर्ट के 18 फरवरी व चार मार्च के आदेश के अनुपालन के लिए एक संयुक्त तकनीकी जांच समिति बनायी गयी है. यह आदेश विभागीय सचिव विनय कुमार चाैबे के हस्ताक्षर से जारी हुआ है. आदेश में कहा गया है कि सदस्य सचिव समिति के सभी सदस्यों के बीच समन्वय स्थापित कर जांच कार्य को त्वरित गति से निष्पादन करायेंगे.
वहीं समेकित प्रतिवेदन तैयार करना सुनिश्चित करायेंगे. तकनीकी जांच समिति के दायित्वों के निर्वहन के लिए रांची जिला प्रशासन ससमय अपेक्षित सहयोग प्रदान करें. सचिव श्री चाैबे ने कहा है कि पूर्व के निर्देशों के आलोक में की गयी जांच, मापी, सर्वे, साइंटिफिक स्टडी को वर्तमान जांच समिति के दायरे में समाहित माना जायेगा.
समिति को तालाबों व जलाशयों की जांच कर 31 मई तक जांच रिपोर्ट नगर विकास विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. उधर, बड़ा तालाब, कांके डैम, धुर्वा डैम सहित अन्य जल स्रोतों की अधिग्रहित जमीन के अतिक्रमण को लेकर दायर जनहित याचिका पर झारखंड हाइकोर्ट में 25 मार्च को सुनवाई होगी.
यह मामला चीफ जस्टिस डॉ रविरंजन व जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है. पिछली सुनवाई में नगर विकास सचिव, पेयजल व स्वच्छता विभाग के सचिव, नगर आयुक्त, एसएसपी व ट्रैफिक एसपी को वर्चुअल उपस्थित रहने का निर्देश है.
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समिति को 31 मई तक रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश
Posted BY : Sameer Oraon
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By Prabhat Khabar News Desk
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