झारखंड में घटेगा होल्डिंग टैक्स, प्रमंडल स्तर पर तय किया जायेगा सर्किल रेट

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झारखंड में सर्किल रेट पर होल्डिंग टैक्स वसूली का नियम अप्रैल 2022 से लागू किया गया था. राज्य के कई नगर निकायों में आवासीय भवनों के होल्डिंग टैक्स में 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई थी

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झारखंड के शहरी निकायों द्वारा वसूला जानेवाला होल्डिंग टैक्स घटाया जायेगा. होल्डिंग टैक्स की समीक्षा के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा गठित आठ सदस्यीय कमेटी ने होल्डिंग टैक्स तय करने के फॉर्मूले में बदलाव की अनुशंसा की है. राज्य शहरी विकास प्राधिकार (सूडा) के निदेशक अमित कुमार की अध्यक्षता वाली कमेटी ने होल्डिंग टैक्स गणना की प्रक्रिया में संशोधन का सुझाव दिया है. कमेटी ने प्रमंडलीय स्तर पर सर्किल रेट का औसत निकाल कर उसका 20 प्रतिशत अतिरिक्त जोड़ कर होल्डिंग टैक्स की अधिकतम दर निर्धारित करने की अनुशंसा की है.

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अभी 400 प्रतिशत तक बढ़ गया है टैक्स :

झारखंड में सर्किल रेट पर होल्डिंग टैक्स वसूली का नियम अप्रैल 2022 से लागू किया गया था. इससे राज्य के कई नगर निकायों में आवासीय भवनों के होल्डिंग टैक्स में 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई थी. कई जगहों पर टैक्स में पांच फीसदी की कमी भी आयी थी. लेकिन, व्यावसायिक भवनों के होल्डिंग टैक्स में 300 से 400 प्रतिशत तक की वृद्धि हो गयी थी. इसके विरोध के बाद मामला विधानसभा में उठा था.

अभी क्या है नियम

होल्डिंग टैक्स का निर्धारित क्षेत्र के सर्किल रेट, सड़क की चौड़ाई, भूमि की स्थिति और किये गये निर्माण पर होल्डिंग टैक्स तय किया जाता है. किसी भी भवन का होल्डिंग टैक्स उसकी कैपिटल वैल्यू पर आधारित होता है. बिल्डअप एरिया को सर्किल रेट से गुना करने पर कैपिटल वैल्यू निकलता है. आवासीय भवनों पर कैपिटल वैल्यू का 0.075 प्रतिशत और व्यावसायिक भवनों पर 0.15 प्रतिशत होल्डिंग टैक्स लगता है.

क्या है अनुशंसा

होल्डिंग टैक्स के लिए सर्किल रेट का निर्धारण प्रमंडल स्तर पर किया जाये. एक प्रमंडल के सभी जिलों के सर्किल रेट का औसत निकाला जाये. औसत का अतिरिक्त 20 प्रतिशत जोड़ कर होल्डिंग टैक्स की अधिकतम दर तय कर दी जाये. जिन निकायों का टैक्स तय दर से अधिक होगा, उनका टैक्स कम कर अधिकतम निर्धारित दर के अनुरूप किया जायेगा. जिन निकायों का टैक्स तय दर से कम होगा, वहां बदलाव नहीं किया जायेगा.

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