आदित्यपुर सिटी सेंटर जमीन विवाद: हाइकोर्ट ने दिया जियाडा का लीज रद्द करने का आदेश

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Jharkhand High Court

झारखंड हाई कोर्ट

Jharkhand High Court News: झारखंड हाईकोर्ट ने आदित्यपुर सिटी सेंटर जमीन विवाद मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए जियाडा की लीज रद्द करने का आदेश दिया है. फैसले के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है. पूरी खबर नीचे पढ़ें…

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राणा प्रताप सिंह
Jharkhand High Court News: झारखंड हाइकोर्ट के जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में प्रस्तावित सिटी सेंटर परियोजना से जुड़े बहुचर्चित भूमि विवाद में जियाडा के 27 अक्टूबर 2021 के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसके तहत फोरम इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड की जमीन का आवंटन रद्द कर लीज समाप्त कर दी गयी थी. अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि उस समय क्षेत्रीय निदेशक को ऐसा आदेश देने का वैधानिक अधिकार नहीं था. अदालत ने मामले को वर्तमान सक्षम प्राधिकारी के पास वापस भेजते हुए निर्देश दिया कि कंपनी को नया कारण बताओ नोटिस जारी कर सुनवाई का अवसर दिया जाये और दो माह के भीतर नया फैसला लिया जाये.

कंपनी को जांच में सहयोग करने का निर्देश

हाई कोर्ट ने कंपनी को भी जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग करने और अनावश्यक स्थगन नहीं लेने का निर्देश दिया. अदालत ने कहा कि वर्ष 2016 के जियाडा विनियम उस समय तक प्रभावी नहीं हुए थे, क्योंकि उनका राजपत्र (गजट) में प्रकाशन दिसंबर 2022 में हुआ. इसलिए 2021 में क्षेत्रीय निदेशक द्वारा जारी नोटिस और लीज रद्द करने का आदेश अधिकार क्षेत्र के अभाव में अवैध था. अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि दोबारा सुनवाई के बाद फैसला कंपनी के पक्ष में आता है, तो 2023 की नीलामी में सफल 38 बोलीदाताओं से ली गयी राशि 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ लौटानी होगी.

कंपनी के खिलाफ फैसला जाएगा तो होगा ये काम

वहीं यदि फैसला कंपनी के खिलाफ जाता है, तो जियाडा 38 सफल बोलीदाताओं को जमीन आवंटित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकेगा. अदालत ने कहा कि नया निर्णय पुराने रद्द किये गये आदेश से प्रभावित हुए बिना लिया जायेगा. मामले की सुनवाई के दौरान जियाडा ने संबंधित भूमि के लिए पुनः नीलामी कर 38 सफल बोलीदाताओं का चयन कर लिया था.

क्या है मामला

यह मामला वर्ष 2006 में आदित्यपुर में होटल, अस्पताल, मल्टीप्लेक्स और शॉपिंग मॉल सहित सिटी सेंटर विकसित करने की योजना से जुड़ा है. फोरम इंफ्रास्ट्रक्चर को 2007 में आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 21.698 एकड़ भूमि 90 वर्ष की लीज पर सिटी सेंटर परियोजना के लिए आवंटित की गयी थी. कंपनी को तय समय में निर्माण पूरा करना था, लेकिन बाउंड्री वॉल के अलावा कोई निर्माण नहीं हुआ. इसके बाद आयडा (अब जियाडा) ने कई बार नोटिस जारी किया और अंततः 27 अक्तूबर 2021 को आवंटन रद्द कर लीज समाप्त करते हुए जमा राशि जब्त करने तथा जमीन खाली करने का आदेश दिया था.

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अमलेश नंदन सिन्हा

लेखक के बारे में

By अमलेश नंदन सिन्हा

अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.

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