Jharkhand: 200 रुपए के लिए हुई हत्या मामले में 31 साल बाद 4 आरोपी बरी

Jharkhand High Court
Jharkhand News: 31 साल पहले महज 200 रुपए के लिए एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी. 4 आरोपियों को उम्रकैद हुई थी. झारखंड हाईकोर्ट ने सभी को बरी कर दिया है.
Table of Contents
Jharkhand News: झारखंड हाईकोर्ट ने वर्ष 1993 में सिर्फ 200 रुपए के लिए हुई हत्या मामले के 4 सजायाफ्ता की ओर से दायर अपील याचिका पर अपना फैसला सुना दिया है. जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय और जस्टिस अरुण कुमार राय की खंडपीठ ने सजायाफ्ता जमादार पंडित, लखन पंडित (अब स्वर्गीय), लक्खी पंडित और किशुन पंडित की आजीवन कारावास की सजा को निरस्त कर दिया.
सुनवाई पूरी होने के बाद झारखंड हाईकोर्ट ने सुरक्षित रखा था फैसला
खंडपीठ ने निचली अदालत के सजा संबंधी आदेश को निरस्त करते हुए सभी को मुक्त करने का निर्देश दिया. खंडपीठ ने चश्मदीद गवाह मृतक के पुत्र के बयान को नहीं माना. पूर्व में अपील याचिकाओं पर सुनवाई पूरी होने के बाद खंडपीठ ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
एमीकस क्यूरी टीएन वर्मा ने की थी पैरवी
इससे पहले एमीकस क्यूरी टीएन वर्मा ने पैरवी की थी. उन्होंने खंडपीठ को बताया कि वर्ष 1993 में यह घटना देवघर जिले के जसीडीह थाना क्षेत्र में हुई थी, जिसमें लोन के रूप में दिये गये 200 रुपए मांगने पर हत्या कर दी गयी थी. प्रार्थी लखन पंडित, जमादार पंडित, लखी पंडित, किशुन पंडित ने क्रिमिनल अपील याचिका दायर की थी.
- वर्ष 1993 में 200 रुपए के लिए हुई हत्या मामले में 4 सजायाफ्ता बरी
- झारखंड हाईकोर्ट ने अपील याचिका पर सुनवाई के बाद दिया फैसला
- लोन के रूप में दिये गये 200 रुपए मांगने पर कर दी गयी थी हत्या
पटना हाईकोर्ट से ट्रांसफर होकर झारखंड हाईकोर्ट पहुंची थी अपील
6 जून 1997 को देवघर की निचली अदालत ने नुनूलाल महतो की हत्या के आरोपी लखन पंडित, जमादार पंडित, लक्खी पंडित व किशुन पंडित को दोषी पाने के बाद आजीवन कारावास की सजा सुनायी थी. इसके बाद आरोपियों ने पटना हाईकोर्ट में क्रिमिनल अपील याचिका दायर कर सजा को चुनौती दी. पटना हाईकोर्ट ने 1997 में अपीलकर्ताओं को जमानत दे दी.
झारखंड राज्य के गठन के बाद क्रिमिनल अपील याचिका पटना हाईकोर्ट से झारखंड हाईकोर्ट में ट्रांसफर हो गयी. अपील की सुनवाई में प्रार्थियों की ओर से कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं होता था. इसके बाद कोर्ट ने अंतत: अधिवक्ता टीएन वर्मा को एमीकस क्यूरी नियुक्त किया.
क्या है मामला?
नुनूलाल महतो ने लखन पंडित को 200 रुपए लोन दिए थे. लखन पंडित ने कहा था कि वह खेती-बारी शुरू होने पर उसके खेत में काम करके रुपए लौटा देगा. बाद में उसने काम न तो काम किया, न ही रुपए लौटाये. 3 सितंबर 1993 को नुनूलाल महतो यह कहकर घर से निकला कि वह बिसवरिया गांव के लखन पंडित से पैसा मांगने जा रहा था. वह खाने के समय तक नहीं लौटा.
नुनूलाल का पुत्र भैरव महतो अपने पिता को खोजते हुए बिसवरिया गांव पहुंचा. यहां उसने देखा कि उसके पिता नुनूलाल महतो को लोगों ने घेर रखा है. लोगों के हाथों में टांगी-लाठी हैं. इन लोगों ने भैरव महतो को खदेड़कर भगा दिया. भागकर भैरव गांव पहुंचा. घटना की जानकारी अपने चाचा को दी. चाचा ने कहा कि सुबह में बिसवरिया गांव जाएंगे.
सुबह होने पर भैरव और उसके चाचा अन्य लोगों के साथ बिसवरिया गांव की ओर रवाना हुए. सभी लोग जब गांव की सीमा के पास पहुंचे, तो देखा कि नुनूलाल महतो का शव पड़ा है. इस मामले को लेकर मृतक नुनूलाल महतो के पुत्र भैरव ने जसीडीह थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी.
Also Read
बोकारो-रामगढ़ हाईवे पर सड़क दुर्घटना में एक ही परिवार के 4 सदस्यों समेत 5 की मौत, 3 घायल
झारखंड के सरकारी अस्पताल में ब्लास्ट के बाद लगी आग, बहादुर जीएनएम ने 8 नवजात की बचाई जान
PHOTOS: धनबाद के बाबूडीह बस्ती में अंधाधुंध फायरिंग से दहशत, कारतूस का खोखा बरामद
झारखंड में उत्तरी-पछुआ हवाओं से बढ़ी कनकनी, इन जिलों को अभी शीतलहर से राहत नहीं
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




