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झारखंड के इन 10 जिलों में खुलेंगे 14 राइस मिल, जानें किसानों के लिए हेमंत सरकार की क्या है योजना

Updated at : 25 Jan 2022 6:33 AM (IST)
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झारखंड के इन 10 जिलों में खुलेंगे 14 राइस मिल, जानें किसानों के लिए हेमंत सरकार की क्या है योजना

झारखंड के 10 जिलों में 14 राइस मिल खुलेंगे. ये बातें सीएम हेमंत ने राइस मिलों के उद्धघाटन के समय में कही. उन्होंने कहा कि वर्तमान में राज्यभर में 80 चावल मिल हैं. लेकिन सिर्फ इनसे लक्ष्य पूरा नहीं हो सकेगा.

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रांची : झारखंड के दस जिलों में एक साथ 14 राइस मिल खुलेंगे. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इनका प्रोजेक्ट भवन सभागार में ऑनलाइन शिलान्यास किया. मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार झारखंड के किसानों को मजबूत और समृद्ध बनाने का निरंतर प्रयास कर रही है और इसी कड़ी में 10 जिलों में 14 राइस मिल्स की आधारशिला रखी जा रही है.

झारखंड में फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को बढ़ावा देकर यहां के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है. संसाधनों की कमी के कारण किसान भाइयों को चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. राज्य सरकार फसलों के रख-रखाव, स्टोरेज और मिलिंग सहित सभी कड़ियों को ध्यान में रखते हुए संसाधनों को दुरुस्त कर रही है.

अभी 80 चावल मिल हैं कार्यरत :

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि वर्तमान में राज्यभर में 80 चावल मिल कार्यरत हैं. झारखंड में धान की उपज 50-60 लाख मीट्रिक टन है, जबकि 15 लाख टन की मिलिंग हो पाती है. सरकार ने एमएसपी भी तय किया हुआ है. आज हम 10 जिलों में 14 राइस मिल्स का शिलान्यास कर रहे हैं, लेकिन सिर्फ इनसे लक्ष्य पूरा नहीं हो सकेगा. इसके लिए राज्य में कम से कम 100 राइस मिल्स यूनिट लगानी होगी.

इस दिशा में सरकार धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है. हमारा प्रयास है कि आज जिन-जिन प्रक्षेत्र में राइस मिल्स का शिलान्यास हो रहा है, वह सभी यूनिट्स जल्द से जल्द किसानों की सेवा में समर्पित की जा सकें. राइस मिल्स के बनने से बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेंगे. उन्नत कृषि, समृद्ध किसान हमारी सरकार का संकल्प है.

मौके पर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे, खाद्य आपूर्ति सचिव हिमानी पांडे, उद्योग निदेशक जितेंद्र कुमार सिंह सहित कई लोग उपस्थित थे.

यहां खुलेंगे राइस मिल

पलामू के कुर्मीपुर, सिमडेगा के गरजा एवं हेठमा, खूंटी के टिमड़ा एवं कालामाटी, गुमला के कसीरा एवं कोनबीर, गढ़वा के कुशमाही, लातेहार के जलता, पश्चिमी सिंहभूम के चैनपुरखास एवं सियाल जोड़ा, धनबाद के देवियाना, बोकारो के मिर्धा एवं गोड्डा जिला के गोवर्धनपुर.

दूसरे राज्यों में धान भेजना पड़ता है : रामेश्वर

वित्त एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि राज्य में एक साथ 14 राइस मिल्स का शिलान्यास होना सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. राइस मिल की कमी के कारण धान अधिप्राप्ति के बाद भी उसे दूसरे राज्यों में मिलिंग के लिए भेजना पड़ता है. झारखंड में दाल मिल, आटा मिल सहित अन्य फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित करने की जरूरत है. मौके पर उद्योग सचिव पूजा सिंघल ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से फूड प्रोसेसिंग पॉलिसी की विस्तृत जानकारी रखी. उन्होंने कहा कि फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने पर 35 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है.

Posted By : Sameer Oraon

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