झारखंड SIR पर बड़ा असर,अधिकारियों की सेवा खत्म, 63 लाख मतदाताओं को नोटिस
मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (फाइल फोटो)
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के बीच अधिकारियों की सेवा समाप्त होने से चुनावी कार्य बाधित हो गया है. 63 लाख से ज़्यादा मतदाताओं की जांच और दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया पर असर पड़ रहा है.
रांची से विक्की की रिपोर्ट
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रांची. झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के बीच विभिन्न पदाधिकारियों की सेवा समाप्त होने से चुनावी काम प्रभावित होने लगा है. सेवा समाप्त होने वाले पदाधिकारियों में निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (इआरओ) और बीएलओ सुपरवाइजर जैसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे अधिकारी भी शामिल हैं. परीक्षाओं को रद्द किये जाने के बाद उनसे जुड़े हजारों पदाधिकारियों की सेवा समाप्त की गयी है. इनमें कई अधिकारी एसआइआर के काम में प्रतिनियुक्त थे. सेवा समाप्त करने का आदेश जारी होने के बाद उन्होंने चुनाव से जुड़े दायित्व छोड़ दिये हैं. इससे एसआइआर के तहत नोटिस जारी करने के साथ-साथ दावे और आपत्तियों की जांच और उसके निपटारे की प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है. चुनाव आयोग अब इन पदों पर वैकल्पिक व्यवस्था करने में जुट गया है.
हटाये गये अधिकारियों की जगह अब दूसरे अफसर संभालेंगे जिम्मेदारी
दूसरे अधिकारियों को दी जा रही जिम्मेदारी स्थिति को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने गुरुवार को सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक की. उन्होंने कहा कि सेवा से हटाये गये पदाधिकारियों के स्थान पर दूसरे अधिकारियों को जिम्मेदारी देने के लिए सरकार को पत्र लिखा गया है. उन्होंने माना कि पदाधिकारियों की सेवा समाप्त होने से चुनावी काम पर असर पड़ा है. वैकल्पिक व्यवस्था के तहत दूसरे अधिकारियों को सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (एइआरओ) और सुपरवाइजर की जिम्मेदारी दी जा रही है. जरूरत पड़ने पर दावे और आपत्तियां दाखिल करने की समय सीमा भी बढ़ायी जा सकती है.
63.24 लाख मतदाताओं को नोटिस
63.24 लाख मतदाताओं की होगी जांच एसआइआर के दौरान राज्य में कुल 63,24,116 मतदाताओं को नोटिस भेजे जाने हैं. इन मतदाताओं के नाम और विवरण की जांच जरूरी है. इनमें ऐसे मतदाता शामिल हैं, जिनका पुरानी मतदाता सूची से मिलान नहीं हो पाया है या जिनके नाम से जुड़ी जानकारी में समानता अथवा विसंगति सामने आयी है. सबसे बड़ी संख्या 45,55,227 मतदाताओं की है, जिन्हें तार्किक विसंगति वाली श्रेणी में रखा गया है. ऐसे मतदाताओं को नाम, माता-पिता के नाम, जन्म तिथि अथवा एक से अधिक स्थानों पर मतदाता सूची में नाम होने जैसी स्थिति में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने पड़ सकते हैं.
15 सितंबर तक दावा-आपत्ति का मौका
15 सितंबर तक दावे-आपत्तियां एसआइआर का कार्यक्रम पहले ही बढ़ाया जा चुका है. अब मतदाता 15 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दाखिल कर सकते हैं. नोटिस तथा दावे-आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 14 अक्टूबर तक पूरी की जानी है. इसके बाद 19 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी. इससे पहले पांच अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया गया था.
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गोड्डा, धनबाद और रांची में अतिरिक्त AERO की नियुक्ति
मालूम हो कि भारत निर्वाचन आयोग ने 18 अगस्त को जारी अधिसूचना में भी एसआइआर को लेकर विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों की नियुक्ति की है. गोड्डा, धनबाद, रांची समेत कई विधानसभा क्षेत्रों में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गयी है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि इन अधिकारियों की नियुक्ति एसआइआर-2026 की समाप्ति तक प्रभावी रहेगी. किस श्रेणी में कितने मतदाता
श्रेणी मतदाताओं की संख्या कुल ड्राफ्ट मतदाता 2,21,01,249
नोटिस पाने वाले मतदाता 63,24,116 नो मैपिंग वाले मतदाता 14,03,205
डेमोग्राफिक सिमिलर एंट्री (डीएसइ) 3,65,684 तार्किक विसंगति वाले मतदाता 45,55,227
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