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झारखंड दलबदल मामले पर स्पीकर के न्यायाधिकरण ने की सुनवाई, जानें क्या आया फैसला

Updated at : 07 May 2022 6:41 AM (IST)
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झारखंड दलबदल मामले पर स्पीकर के न्यायाधिकरण ने की सुनवाई, जानें क्या आया फैसला

झारखंड दलबदल मामले में कल बाबूलाल मरांडी पर सुनवाई हुई, जिसमें दोनों पक्षों को सुनने के साथ न्यायाधिकरण की कार्यवाही स्थगित कर दी. नौ मई को अगली सुनवाई होगी. अधिवक्ता आरएन सहाय ने कहा कि हमने इस मामले में प्रारंभिक आपत्ति दर्ज करायी है. उस पर सुनवाई भी पूरी हो गयी है़

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रांची : स्पीकर रबींद्रनाथ महतो ने भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी के खिलाफ दायर दलबदल मामले की सुनवाई की़ स्पीकर श्री महतो ने श्री मरांडी के खिलाफ चार शिकायतकर्ताओं द्वारा लिखित पक्ष रखे जाने के बाद प्रतिवादी (बाबूलाल मरांडी) का पक्ष जानना चाहा. स्पीकर श्री महतो ने दोनों पक्षों को सुनने के साथ न्यायाधिकरण की कार्यवाही स्थगित कर दी. नौ मई को अगली सुनवाई होगी़ श्री मरांडी की ओर से पक्ष रखते हुए अधिवक्ता आरएन सहाय ने कहा कि हमने इस मामले में प्रारंभिक आपत्ति दर्ज करायी है़ उस पर सुनवाई भी पूरी हो गयी है़

अधिवक्ता श्री सहाय का कहना था कि यह मामला हाइकोर्ट में भी चल रहा है़ हाइकोर्ट संवैधानिक संस्था है़ इस मामले की सुनवाई स्पीकर के न्यायाधिकरण में भी होगी, तो संवैधानिक संस्थाओं में टकरावट की स्थिति होगी़ श्री सहाय का कहना था कि 11 फरवरी 2020 को झाविमो का भाजपा में मर्जर हुआ था.

इस मामले में 10 दिसंबर 2020 को शिकायत दर्ज करायी गयी़ विधानसभा की नियमावली कहती है कि ऐसे मामले में यथाशीघ्र शिकायत होनी चाहिए़ नियमावली में है कि स्पीकर चाहें, तो इसे खारिज भी कर सकते है़ं पहले भूषण तिर्की ने शिकायत की थी़ ऐसा लगता है कि शिकायतकर्ता को मन नहीं था, किसी कारण से उनसे शिकायत कराया गया है़ यह मामला वैध नहीं है़ इसे स्पीकर खारिज करे़ं

बाबूलाल की ओर बहस करते हुए अधिवक्ता श्री सहाय ने कहा कि विधायक प्रदीप यादव व बंधु तिर्की को झाविमो से पहले ही निष्कासित कर दिया गया था़ दोनों ही विधायक निष्कासित होने के बाद किसी तरह के निर्णय में शामिल नहीं हो सकते है़ं ऐसे में झाविमो के भाजपा में विलय के मामले में इन निष्कासित विधायकों का कोई भी निर्णय मायने नहीं रखता है़

10वीं अनुसूची का मामला बनता है बाबूलाल पर

शिकायकर्ता माले के पूर्व विधायक राजकुमार यादव ने पक्ष रखते हुए कहा कि इस मामले में देरी बाबूलाल मरांडी की ओर से हो रही है़ श्री मरांडी के अधिवक्ता न्यायाधिकरण को आदेश देने जैसी बातें कर रहे है़ं बाबूलाल मरांडी पर 10वीं अनुसूची का मामला बनता है़. ये झाविमो की टिकट से चुनाव जीते और भाजपा में चले गये.

जनादेश का अपमान हुआ है़ तीन लोगों में से दो लोग कांग्रेस गये और बाबूलाल मरांडी अकेले भाजपा में शामिल हुए़ संवैधानिक रूप से इनकी सदस्यता खत्म करनी चाहिए़ शिकायतकर्ता भूषण तिर्की की ओर से पक्ष रखते हुए श्रेय मिश्रा ने कहा कि इस मामले में चार शिकायतें हैं, सबको एक साथ जोड़ कर देखा जाये़ आयोग को अधिकार नहीं है कि वह 10वीं अनुसूची का मामला देखे़ यह अधिकार स्पीकर को है़ बाबूलाल मरांडी की ओर से दायर आपत्ति को खारिज किया जाये़ अधिवक्ता सुमित गाड़ोदिया का कहना था कि बाबूलाल मरांडी का भाजपा में मर्जर असंवैधानिक है़ जेवीएम से तीन विधायक चुनाव जीत कर आये़ इसमें दो विधायक प्रदीप यादव और बंधु तिर्की कांग्रेस में शामिल हो गये थे़

झामुमो को बाबूलाल फोबिया प्रदीप और बंधु पर आंखें बंद : भाजपा

रांची. भाजपा ने कहा है कि झामुमो को बाबूलाल मरांडी का भय सता रहा है़ झामुमो को बाबूलाल फोबिया हो गया है़ स्पीकर ने बाबूलाल मरांडी के सदस्यता मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए नोटिस जारी किया था, जिसे झारखंड हाइकोर्ट में केस संख्या डब्ल्यूपीसी 3687/2020 के जरिये निरस्त कर दिया था.

भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से कहा कि भाजपा के विधायक समरीलाल व अन्य विधायकों ने भी प्रदीप यादव और बंधु तिर्की पर दल-बदल कानून के तहत मामला दर्ज कराया था. लेकिन बाबूलाल के मामले में सुनवाई की गयी है. जबकि लगभग समान आरोप बंधु तिर्की और प्रदीप यादव पर भी लगे थे. कहा कि स्पीकर के न्यायाधिकरण में अगर बाबूलाल मरांडी के मामले की सुनवाई हो रही है, तो फिर प्रदीप यादव और बंधु तिर्की के मामले में आंखें क्यों बंद हैं.

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि भय का आलम यह है कि बाबूलाल मरांडी को आज तक भाजपा विधायक के रूप में मान्यता नहीं दी गयी. राज्यसभा चुनाव में मरांडी ने भाजपा विधायक के तौर पर मतदान किया था. प्रेस वार्ता में योगेंद्र प्रताप सिंह व अशोक बड़ाईक उपस्थित थे.

Posted By: Sameer Oraon

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