Cornavirus: स्वास्थ्यकर्मियों से भेदभाव या घर खाली कराने पर होगी सजा

स्वास्थ्य सेवा में जुटे स्वास्थ्यकर्मियों को अपने हाउसिंग सोसाइटीज/पड़ोसियों से विरोध का सामना करना पड़ रहा है
रांची : कोरोना महामारी के संभावित प्रकोप को देखते हुए पूरे जिले में लॉक डाउन किया गया है. वैश्विक महामारी कोविड-19 को आपदा प्रबंधन एक्ट 2005 के तहत आपदा घोषित किया गया है. इस आपदा से निपटने के लिए मानवता की सेवा के लिए लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल में जुटे सभी स्वास्थ्यकर्मी जैसे डॉक्टर्स, पैरामेडिकल स्टाफ़ एवं अन्य सहयोग और प्रशंसा के पात्र हैं.
परन्तु जिला प्रशासन के पास ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि स्वास्थ्य सेवा में जुटे स्वास्थ्यकर्मियों को अपने हाउसिंग सोसाइटीज/पड़ोसियों से विरोध का सामना करना पड़ रहा है और कुछ मकान मालिक इन स्वास्थ्यकर्मियों को घर से जबरदस्ती निकाल भी रहे हैं.
उपायुक्त रांची श्री राय महिमापत रे ने कहा कि किसी भी स्वास्थ्यकर्मी को किसी भी प्रकार के भेदभाव का सामना करने की आवश्यकता नहीं होगी. उपायुक्त रांची श्री राय महिमापत रे ने सभी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, हाउसिंग सोसाइटियों और स्वतंत्र घर-मालिकों के लिए एक आदेश जारी किया.
अपने आदेश में, उन्होंने कहा कि “किसी भी कीमत पर, किसी भी स्वास्थ्यकर्मी को बेदखली करने या अपना किराए का घर खाली करने या किसी भी तरह के भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए. ऐसा करने पर आईपीसी की धारा 188 के तहत तत्काल कानूनी कार्रवाई होगी .
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By PankajKumar Pathak
Senior Journalist having more than 10 years of experience in print and digital journalism.
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