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JPSC ने जेट के तहत नियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति मामले में CBI से मांगी जानकारी, इन शिक्षकों की मांगी सूची

Updated at : 11 Jun 2024 8:38 AM (IST)
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जेपीएससी ने सीबीआई से झारखंड पात्रता परीक्षा के तहत उन शिक्षकों की सूची मांगी है जिनमें कदाचार के प्रमाण मिले हैं. आयोग के सचिव ने जांच एजेंसी को इस संबंध में एक पत्र भेजा है.

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संजीव सिंह, रांची : जेपीएससी ने झारखंड पात्रता परीक्षा (जेट) 2006 के तहत 2008 में नियुक्त 750 असिस्टेंट प्रोफेसर के मामले में सीबीआइ से अब तक हुई जांच के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी है. जेपीएससी ने उन शिक्षकों की भी सूची मांगी है, जिनकी जेट 2006 में कदाचार में संलिप्तता के प्रमाण मिले हैं. आयोग के सचिव ने इस संबंध में सीबीआइ के पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजा है.

पत्र में कहा गया है कि वर्ष 2006 में झारखंड पात्रता परीक्षा के माध्यम से असिस्टेंट प्रोफेसर (व्याख्याता) की हुई नियुक्ति में कदाचार के आरोप की सीबीआइ द्वारा जांच की जा रही है. आयोग में जेट 2006 के अंतर्गत नियुक्त शिक्षकों की प्रोन्नति के प्रस्ताव आ रहे हैं तथा कई मामले विवि स्तर पर भी लंबित हैं. ऐसे में इन पर आगे की कार्रवाई करने के लिए इन शिक्षकों के विरुद्ध आरोप की स्थिति की जानकारी प्राप्त करना जरूरी हो गया है.

सीबीआइ एसपी से सूची मांगी

सचिव ने सीबीआइ एसपी से आग्रह किया है कि इस मामले में सीबीआइ द्वारा की जा रही जांच तथा झारखंड हाइकोर्ट में चल रही कार्रवाई के आलोक में प्रोन्नति के प्रस्तावों पर अग्रेतर कार्रवाई के लिए जेपीएससी को मंतव्य उपलब्ध कराया जाये. इसके अतिरिक्त आयोग द्वारा अनुशंसित ऐसे असिस्टेंट प्रोफेसर (व्याख्याता) की सूची भी दी जाये, जिनके विरुद्ध सीबीआइ को कदाचार में संलिप्तता के प्रमाण मिले हैं. जेपीएससी से 2008 में ही अनुशंसित एक शिक्षक वर्तमान में जेपीएससी सदस्य भी हैं. इसके अलावा कई शिक्षक उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग में उपनिदेशक के पद पर भी कार्यरत हैं, जबकि कई शिक्षक विवि व कॉलेज में महत्वपूर्ण पद भी संभाल रहे हैं.

कई शिक्षक जेल गये, 69 अभ्यर्थियों के खिलाफ चार्जशीट

जेट 2006 से अनुशंसित दो से अधिक शिक्षकों को जेल की भी हवा खानी पड़ी है. हालांकि, अब सभी शिक्षक जेल से बाहर हैं. इस मामले में सीबीआइ द्वारा जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष, सदस्य, परीक्षा नियंत्रक सहित 69 अभ्यर्थियों के खिलाफ चार्जशीट भी दायर की गयी है. जिन-जिन अधिकारियों व शिक्षकों के नाम सामने आये, उनमें से शामिल सभी जमानत पर भी हैं. जांच एजेंसी ने हाइकोर्ट को बताया था कि जेपीएससी कार्यालय में परीक्षा से संबंधित कई रिकॉर्ड भी नहीं मिल रहे हैं. इस बाबत लालपुर थाना में एफआइआर भी दर्ज करायी गयी. उत्तरपुस्तिका में अंक बढ़ाने की जांच फॉरेंसिक लैब से भी करायी गयी. एजेंसी ने आरोप मेरिट लिस्ट में छेड़छाड़ की भी बात कही.

इनके नाम सामने आये

दिलीप कुमार प्रसाद, गोपाल प्रसाद सिंह, राधा गोविंद नागेश, शांति देवी, एलिस उषा रानी सिंह, धीरज कुमार, जिंदर सिंह मुंडा, सुप्रभा, सुचित्रा, भारती कुमारी, अमिताभ भारती, अंजू पुष्पा, राधवेंद्र सिंह, ममता केरकेट्टा, भीम राव, विनय कुमार, अशोक कुमार सिंह, राजेंद्र सिंह, कांति कुमारी, असीम अनुपम, संतोष स्वरूप, अर्चना सिन्हा, शशि किरण, गीतांजलि सिंह, राखी, राधा, कमाल किशोर सिंह, शैलेंद्र कुमार, अरविंद झा, ममता कुजूर, विनोद कुमार, प्रदीप कुमार, अनमोल अमर, गणेश, सुमन, हरि प्रकाश, प्रकाश चंद्र, विनोद सिन्हा, दीप नारायण, शत्रुघ्न कुमार, सुरेश सिंह मुंडा, मनीष दुबे, बालेश्वर, रोज उरांव, गंगानाथ झा, विजय आइंद, अनिता, मनीष दयाल, प्रीति, अविनाश, सतीश सिंह, ध्रुव नारायण, हरिलाल, स्निग्धा, मनोज तिवारी, राजेंद्र बड़ाइक, अजय बहादुर, जीतेंद्र, नलिनीकांत, चंद्रेश्वर, मंतोष, कामना, विवेकानंद, सुरेंद्र कुमार, कृष्ण मुरारी, हरिलाल रविदास, शिल्पी, केदारनाथ आदि शामिल हैं.

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