झारखंड के पहले CM बाबूलाल मरांडी ने भी 1932 को बनाया था स्थानीयता का आधार, हाईकोर्ट ने किया खारिज

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झारखंड के पहले CM बाबूलाल मरांडी ने भी 1932 को बनाया था स्थानीयता का आधार, हाईकोर्ट ने किया खारिज

झारखंड के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने भी 1932 खतियान को आधार बनाकर स्थानीयता लागू की थी. इसके बाद हाइकोर्ट ने इसे रद्द कर दिया था. इसी तरह 73 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू किया था.

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रांची: झारखंड के पहले सीएम बाबूलाल ने 1932 के खतियानी को स्थानीय घोषित करने के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना को आधार बनाया था. जल संसाधन के तत्कालीन अधिकारी मुख्तयार सिंह के हस्ताक्षर से जारी आदेश को आधार बनाया गया.

बिहार सरकार ने नहर निर्माण के लिए मिट्टी के काम के दौरान ठेकेदारों द्वारा दूसरे गांव के मजदूरों से काम कराने के मुद्दे पर उभरे विवाद के निपटारे के लिए आदेश दिया था. बाबूलाल ने थर्ड ग्रेड की नौकरियों को स्थानीय के लिए आरक्षित कर दिया. मुख्य सचिव वीएस दूबे ने संवैधानिक बताया. कैबिनेट में प्रस्ताव पारित कराने के बाद कार्मिक ने अधिसूचना जारी कर इसे लागू कर दिया.

हाइकोर्ट 1932 आधारित स्थानीय नीति और 73% आरक्षण कर चुका है खारिज 

बाबूलाल मरांडी की सरकार 1932 के खतियान के आधार पर लागू हुई स्थानीय नीति को हाइकोर्ट में चुनौती दी गयी थी. हाइकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद इस स्थानीय नीति को खारिज करते हुए संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप नयी नीति बनाने का निर्देश दिया था. इसके बाद रघुवर दास की सरकार ने नयी स्थानीय नीति बना कर लागू की.

वर्ष 2019 में सीएम बनने के बाद से हेमंत सोरेन इस नीति को बदलने की बात कहते रहे. इसी तरह बाबूलाल ने मुख्य सचिव वीएस दूबे के विरोध के बावजूद 73 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू किया था. कैबिनेट से इसे पारित कराने के बाद विधानसभा से पारित करा कर एक्ट बनाया गया. हालांकि हाइकोर्ट ने इसे रद्द कर दिया था.

हमारी सरकार सबके साथ न्याय करेगी : हेमंत सोरेन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 1932 का खतियान लागू करने और 27 फीसदी ओबीसी आरक्षण को मंजूरी देने के बाद प्रोजेक्ट भवन के बाहर उमड़ी भीड़ को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि हम जनता की आकांक्षाओं के मुताबिक ही काम कर रहे हैं. हमारी सरकार सबके साथ न्याय करेगी. विपक्ष के लोग राज्य के वातावरण प्रदूषित कर रहे हैं. भ्रम की स्थिति बना दी गयी है.

कर्मचारियों को लग रहा है कि पता नहीं सरकार कब गिर जायेगी. यही वजह है कि लोग चाहते हैं कि सबसे पहले उनका काम हो जाये. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सरकार को कोई गिरा नहीं सकता. कोई डिगा नहीं सकता. हमारे लिए हर व्यक्ति एक समान है. हम लोगों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि उनको चिंता करने की जरूरत नहीं है. हम आपकी चिंता करते हैं.

सबके साथ न्याय होगा. समय के मुताबिक और विधि-सम्मत काम होगा. उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक कैबिनेट की बैठक हुई है. आज का दिन न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के लिए शुभ दिन है. हमारी सरकार ने जनता को कई सौगातें दी है. उन्होंने कहा कि हम झारखंड के विकास के प्रति प्रतिबद्ध है.

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समीर उरांव

लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

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