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झारखंड : 'उपचार के लिए जेनरिक दवाएं बेहतर विकल्प', जन औषधि दिवस के कार्यक्रम पर बोले राज्यपाल CP राधाकृष्णन

Updated at : 07 Mar 2023 7:30 PM (IST)
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झारखंड : 'उपचार के लिए जेनरिक दवाएं बेहतर विकल्प', जन औषधि दिवस के कार्यक्रम पर बोले राज्यपाल CP राधाकृष्णन

राज्यपाल आज 'प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना' अंतर्गत “जन औषधि दिवस” के अवसर पर आड्रे हाउस, रांची में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. राज्यपाल ने कहा कि इस दिवस का थीम "जन औषधि-सस्ती भी अच्छी भी" है, जो हमारे समाज के सभी वर्गों के लिए सस्ती दवाओं की उपलब्धता और पहुंच के लिए समर्पित है.

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Jharkhand : ‘जब कम आय वाले परिवार का कोई व्यक्ति बीमारी से ग्रसित होते हैं तो उसके उपचार में अत्यधिक खर्च होने के कारण उसके पूरे परिवार का बजट बिगड़ जाता है, आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता व इस पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. इस परिप्रेक्ष्य में ‘प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना’ के द्वारा लोगों का सस्ता एवं प्रभावी उपचार किया जा सकता है. इसके तहत लोगों को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण दवा उपलब्ध कराना अद्वितीय व सार्थक पहल है.’ यह बातें झारखंड के राज्यपाल राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन ने जन औषधि दिवस के कार्यक्रम के दौरान कही.

“जन औषधि- सस्ती भी अच्छी भी”

राज्यपाल आज “प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना” अंतर्गत “5वें जन औषधि दिवस” के अवसर पर आड्रे हाउस, रांची में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. राज्यपाल ने कहा कि इस दिवस का थीम “जन औषधि-सस्ती भी अच्छी भी” है, जो हमारे समाज के सभी वर्गों के लिए सस्ती दवाओं की उपलब्धता और पहुंच के लिए समर्पित है. उन्होंने कहा कि समाज के गरीब से गरीब व्यक्ति बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध प्राप्त कर सके, इस दिशा में पीएम मोदी के द्वारा ‘आयुष्मान भारत योजना’ का शुभारंभ किया गया जो कम आय वाले परिवारों के लिए स्वास्थ्य के क्षेत्र में वरदान है.

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‘जन औषधि दिवस’ के प्रति जन-जागृति लाने की जरूरत’

इस अवसर पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि ‘जन औषधि दिवस’ सिर्फ एक दिवस तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बेहतर परिणाम आने चाहिए. इसके प्रति जन-जागृति लाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि आम आदमी का अपने आय का एक बड़ा हिस्सा स्वास्थ्य व्यय होता है, ऐसे में जेनेरिक दवाओं का उपयोग स्वस्थ्य के क्षेत्र में एक जन क्रांति होगा. महापौर आशा लकड़ा ने कहा कि जन औषधि दवा की कीमत 50 प्रतिशत से भी कम होती है. उन्होंने कहा कि जब वे जन औषधि केन्द्रों का उद्घाटन करने जाती हैं तो लोगों में इन केन्द्रों के प्रति उत्साह देखा जाता है.

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‘विभाग का लक्ष्य सभी पंचायतों में जन औषधि केन्द्र खोलना’

स्वास्थ्य अपर मुख्य सचिव, अरुण कुमार सिंह भी इस दौरान मौजूद थे. उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य सभी पंचायतों में जन औषधि केन्द्र खोलना है. उन्होने कहा कि इसके अलावा अमृत फार्मसी की स्थापना की जा रही है. उन्होंने कहा कि एक आकलन के मुताबिक जन औषधि दवाईयों का इस्तेमाल करने से राज्य में 32 करोड़ रुपये की बचत हुई. 8 करोड़ रुपये खर्च करके 40 करोड़ रुपये मूल्य की दवाओं का सदुपयोग किया गया है. इस अवसर पर जन औषधि कार्यक्रम के अन्तर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों, जन औषधि केन्द्रों एवं लाभुकों को सम्मानित किया गया.

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Aditya kumar

लेखक के बारे में

By Aditya kumar

I adore to the field of mass communication and journalism. From 2021, I have worked exclusively in Digital Media. Along with this, there is also experience of ground work for video section as a Reporter.

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