Ranchi News : शराब के अवैध कारोबार में बेतहाशा कमाई ने इंजीनियर को बना दिया शराब माफिया
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 11 Aug 2024 12:43 AM
Birsa Munda
बीआइटी मेसरा से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुका है आरोपी. जेल जाने से पूर्व पुलिसिया पूछताछ के दौरान अपने स्वीकारोक्ति बयान में किया खुलासा.
अमन तिवारी, रांची.
नकली शराब की तस्करी में बेतहाशा कमाई की वजह से बीआइटी मेसरा से बीटेक इंजीनियर जितेश कुमार शराब माफिया बन गया. इस बात का खुलासा उसने जेल जाने से पूर्व अपने स्वीकारोक्ति बयान में मेसरा ओपी की पुलिस के सामने किया है. जितेश ने बताया कि वह मूल रूप से पटना जिला के खगौल थाना क्षेत्र का रहने वाला है. गिरफ्तारी से पूर्व वह यहां गेतलातू स्थित गौतम ग्रीन सिटी में रहता था. उसने बीआइटी मेसरा से बीटेक की डिग्री ली है. वह आदतन शराब और सिगरेट पीने का आदि है. वह अवैध शराब की तस्करी करने के साथ-साथ रेस्टोरेंट भी चलाता है. उसका रेस्टोरेंट मेसरा संस्थान गेट के पास ही है. शराब तस्करी के सिंडिकेट में उसने अपने सहयोगी के रूप में पटना के दीघा निवासी पंकज शर्मा, मेसरा ओपी क्षेत्र के हरिओम सिटी निवासी गौतम शर्मा, खटंगा का पंकज कबाड़ी और टाटीसिलवे के बालमुकुंद कुमार का नाम बताया है.वर्ष 2015 में बीआइटी में लिया था एडमिशन
जितेश कुमार के अनुसार वर्ष 2015 में उसने बीआइटी मेसरा में बीटेक की पढ़ाई के लिए एडमिशन लिया था. इसी दौरान घूमने-फिरने के क्रम में उसे शराब पीने की लत लग गयी. उसकी दोस्ती पहले बालमुकुंद कुमार निराला से हुई. वह हमेशा जितेश को शराब दिया करता था. आरोपी इस शराब को अपने दोस्तों को बेचकर कुछ मुनाफा कमाने लगा. इस बीच वर्ष 2019 में उसकी पढ़ाई पूरी हो गयी. इसके बाद उसकी दोस्ती बालमुकुंद कुमार निराला के जरिये पंकज शर्मा से हुई. पंकज शर्मा पहले से ही अवैध शराब का काम करता था. जितेश के अनुसार वह कॉलेज के समय से ही इस धंधे से होने वाले मुनाफा को समझ गया था. इस वजह से उसने पंकज शर्मा से बात कर अवैध नकली शराब की पैकेजिंग कर बिहार और अन्य इलाके में उसे सप्लाई कर मोटा मुनाफा कमाने का प्लान तैयार किया.पिछले तीन साल से बिहार में नकली शराब की कर रहा था सप्लाई
जितेश पिछले तीन साल से बिहार राज्य में नकली शराब की सप्लाई कर रहा था. पंकज कबाड़ी उसे खाली बोतल उपलब्ध कराता था. बिहार में शराब की तस्करी के लिए चोरी की दो गाड़ियों का इस्तेमाल किया जाता था. आरोपी के अनुसार उसे वर्ष 2022 में बीआइटी ओपी की पुलिस जेल भेज चुकी है. लेकिन शराब के काम में बेतहाशा कमाई के कारण वह फिर से इस कारोबार से जुड़ गया. उल्लेखनीय है कि एक अगस्त को पुलिस की टीम ने उसके गौतम ग्रीन सिटी स्थित किराये के मकान में छापेमारी की थी. इस दौरान पुलिस ने वहां से भारी मात्रा में नकली शराब बरामद किया था.
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