झारखंड के शहरों को गार्बेज फ्री बनाएगी हेमंत सरकार, 165 करोड़ से बनेंगे 3435 टॉयलेट्स

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झारखंड सिटी सैनिटेशन प्लान के तहत सफाई के लिए डस्टबीन, बनाए गए सार्वजनिक शौचालय और पेशाबघर. एआई जेनरेटेड फोटो.

झारखंड के शहरों को गार्बेज फ्री बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. 165 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंजूर की गई है, जिससे 3435 नए स्वच्छता सुविधाओं का निर्माण होगा. यह योजना सार्वजनिक स्वच्छता को बढ़ावा देने और खुले में शौच को रोकने पर केंद्रित है.

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City Sanitation Plans: झारखंड के शहरों में स्वच्छता सुविधाओं का विस्तार करने और शहरी क्षेत्रों को गार्बेज फ्री सिटी के मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए सरकार ने 165 करोड़ 9 लाख 57 हजार रुपये मंजूर किये हैं. नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 और अन्य योजनाओं के तहत स्वीकृत इस राशि से राज्य के विभिन्न शहरी स्थानीय निकायों में 3,435 निर्माण कार्य कराये जाएंगे. इनमें 7,331 शौचालय सीट और 1,600 मूत्रालय सीट का निर्माण शामिल है. योजना का फोकस शहरों में सार्वजनिक स्वच्छता सुविधाओं को बढ़ाने के साथ खुले में शौच और खुले में मूत्रत्याग की समस्या पर अंकुश लगाना है.

कहां-कहां खर्च होंगे 165 करोड़ रुपये

सरकार की ओर से मंजूर 165 करोड़ की लागत से 2,899 व्यक्तिगत घरेलू शौचालय, 110 सामुदायिक शौचालय, 327 सार्वजनिक शौचालय और 99 आकांक्षी शौचालय बनाये जाएंगे. इसके अलावा, 527 पेशाबघर भी बनेंगे. इन सुविधाओं का निर्माण रांची, धनबाद, आदित्यपुर, गिरिडीह, सिमडेगा, कपाली और हरिहरगंज समेत विभिन्न नगर निकायों में कराया जाना है. घनी आबादी वाले क्षेत्रों, बाजारों, बस स्टैंड, व्यावसायिक केंद्रों और पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों को प्राथमिकता दी गयी है.

रांची में 50 सामुदायिक शौचालय

सामुदायिक स्वच्छता सुविधाओं के तहत 110 यूनिट स्वीकृत की गयी हैं, जिनमें 906 शौचालय सीट और 306 मूत्रालय सीट होंगी. इनमें अकेले रांची नगर निगम क्षेत्र में 50 सामुदायिक शौचालय इकाइयां बनेंगी. वहीं सार्वजनिक उपयोग के लिए 327 शौचालय यूनिट स्वीकृत हैं. इनमें 2,755 शौचालय सीट और 635 मूत्रालय सीट होंगी. भीड़भाड़ वाले बाजारों और व्यावसायिक इलाकों में इनका निर्माण किया जायेगा. पर्यटन, धार्मिक स्थलों, पार्कों, झीलों और अन्य हाई-फुटफॉल वाले स्थानों पर 99 आकांक्षी शौचालय बनेंगे. इनमें 771 शौचालय और 132 मूत्रालय सीट होंगी. इसके अलावा खुले में मूत्रत्याग रोकने के लिए प्रमुख चौराहों और व्यावसायिक क्षेत्रों में 527 स्वतंत्र पेशाबघर स्थापित किये जाएंगे.

कचरा प्रबंधन के लिए 11.66 करोड़

ठोस कचरा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के तहत 11 करोड़ 66 लाख 66 हजार 667 रुपये अलग से मंजूर किये गये हैं. इसमें सात करोड़ रुपये केंद्रांश और 4 करोड़ 66 लाख 66 हजार 667 रुपये राज्यांश है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में यह राशि 60:40 के अनुपात में खर्च होगी. इसका इस्तेमाल कचरा संग्रहण, प्रबंधन और निस्तारण से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने में किया जाएगा.

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पांच जिलों में बनेंगे नगर निकाय भवन

शहरी निकायों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पलामू, गोड्डा, सरायकेला-खरसावां, गुमला और जामताड़ा में नगर निकाय भवनों के निर्माण के लिए 48 करोड़ 64 लाख 92 हजार 427 रुपये मंजूर किये गये हैं. इन भवनों का निर्माण जुडको लिमिटेड करायेगा. पलामू को 9.83 करोड़, गोड्डा को 9.89 करोड़, सरायकेला-खरसावां को 9.26 करोड़, गुमला को 9.66 करोड़ और जामताड़ा को 9.98 करोड़ रुपये मिलेंगे. संबंधित निकायों के भवन स्वीकृत डीपीआर के अनुसार बनेंगे. विभाग ने खुली निविदा के जरिये निर्माण कराने और हर महीने काम की भौतिक व वित्तीय प्रगति की रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है.

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