रांची में रिम्स के पास ही अल्ट्रासाउंड का गोरखधंधा, बिना डॉक्टर के चल रहा था खेल

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रांची में रिम्स के पास फर्स्ट पॉइंट डायग्नोस्टिक सेंटर में छापेमारी करते स्वास्थ्य विभाग के लोग. फोटो: प्रभात खबर

झारखंड की राजधानी रांची में एक बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स के पास बिना डॉक्टर की मौजूदगी के अल्ट्रासाउंड जांच का गोरखधंधा उजागर हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने गुप्त सूचना पर छापेमारी कर एक डायग्नोस्टिक सेंटर को सील कर दिया है।

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Health Department Raid: झारखंड की राजधानी रांची में राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल रिम्स के पास ही बिना डॉक्टर की मौजूदगी के अल्ट्रासाउंड जांच का गोरखधंधा चल रहा था. सोमवार को रांची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए फर्स्ट पॉइंट डायग्नोस्टिक सेंटर में छापेमारी की. जांच के दौरान पीसीपीएनडीटी एक्ट के गंभीर उल्लंघन सामने आने पर अल्ट्रासाउंड मशीन को तत्काल सील कर दिया गया. इसके साथ ही केंद्र से संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड भी जब्त कर लिए गए. विभाग ने केंद्र में अल्ट्रासाउंड की सभी गतिविधियां तत्काल प्रभाव से बंद करने का निर्देश दिया है. यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अवैध अल्ट्रासाउंड जांच पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं.

छापेमारी में खुली बड़ी अनियमितता

स्वास्थ्य विभाग की टीम निरीक्षण के लिए फर्स्ट पॉइंट डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंची तो वहां अल्ट्रासाउंड मशीन चालू हालत में मिली. जांच कराने के लिए कई मरीज अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे. हालांकि, जिस चिकित्सक के नाम पर केंद्र संचालित हो रहा था, वह मौके पर मौजूद नहीं मिले. निरीक्षण के दौरान केंद्र के बोर्ड पर डॉ. सुहास टेटरवे का नाम, एमडी फिजियोलॉजी की डिग्री और रजिस्ट्रेशन नंबर 3780-12 दर्ज था. लेकिन टीम के पहुंचने के समय वह केंद्र पर उपस्थित नहीं थे. विभाग ने इसे पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों का गंभीर उल्लंघन माना.

रजिस्टर में भी मिली गड़बड़ी

जांच के दौरान सिर्फ डॉक्टर की अनुपस्थिति ही नहीं, बल्कि रिकॉर्ड संधारण में भी गंभीर लापरवाही सामने आई. विभागीय अधिकारियों ने पाया कि मरीजों का विवरण दर्ज करने वाले रजिस्टर में आवश्यक जानकारियां पूरी तरह दर्ज नहीं थीं. कई प्रविष्टियां अधूरी मिलीं, जो कानून के तहत अनिवार्य रिकॉर्ड रखने के नियमों के विपरीत है. इन अनियमितताओं को गंभीर मानते हुए टीम ने अल्ट्रासाउंड मशीन को मौके पर ही सील कर दिया और केंद्र से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त कर लिए.

तत्काल बंद कराया गया अल्ट्रासाउंड का काम

कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग ने डायग्नोस्टिक सेंटर को स्पष्ट निर्देश दिया कि अगली अनुमति मिलने तक वहां किसी भी प्रकार की अल्ट्रासाउंड जांच नहीं की जाएगी. विभाग अब पूरे मामले की विस्तृत जांच करेगा और पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. रिम्स जैसे बड़े सरकारी अस्पताल के ठीक पास इस तरह की अनियमितता सामने आने से स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं.

पूरे रांची जिले में चल रहे हैं करीब 260 सेंटर

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राजधानी सहित पूरे रांची जिले में करीब 260 अल्ट्रासोनोग्राफी सेंटर संचालित हैं. इनमें पीसीपीएनडीटी एक्ट का पालन सुनिश्चित कराने के लिए समय-समय पर निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है. जिला प्रशासन और नवनियुक्त सिविल सर्जन डॉ अमरेंद्र प्रसाद के निर्देश पर अवैध रूप से चल रहे अल्ट्रासाउंड जांच केंद्रों के खिलाफ लगातार सख्ती बरती जा रही है. विभाग का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी केंद्र के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी.

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इन अधिकारियों ने की कार्रवाई

सोमवार की छापेमारी में स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम शामिल रही. निरीक्षण टीम में डॉ. तवा रिजवी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण सिंह समेत अन्य विभागीय पदाधिकारियों ने भाग लिया. अधिकारियों ने संकेत दिया कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य अल्ट्रासाउंड केंद्रों की भी सघन जांच की जाएगी, ताकि पीसीपीएनडीटी एक्ट का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके और अवैध जांच पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके.

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