झारखंड में 28 जून से 2 जुलाई तक भारी वर्षा की चेतावनी, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

28 जून से 2 जुलाई तक झारखंड में होगी भारी बारिश. फोटो : प्रभात खबर
Heavy Rain Alert in Jharkhand: मौसम विभाग ने कहा है कि ये परिस्थितियां दर्शाती हैं कि झारखंड में 28 जून से 2 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है. यह मौसमी गतिविधि उत्तरी बंगाल की खाड़ी में संभावित कम दबाव के क्षेत्र के निर्माण और उसके बाद इसके धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में झारखंड की ओर बढ़ने के कारण होगी. इसके अलावा एक इस्ट-वेस्ट ट्रफ का झारखंड के ऊपर से गुजरना भी इस भारी वर्षा में योगदान देगा.
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Heavy Rain Alert: झारखंड के लोगों सावधान! मौसम विभाग ने 5 दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के रांची स्थित मौसम केंद्र ने स्पेशल बुलेटिन जारी कर चेतावनी दी है. इसमें 28 जून, 29 जून, 30 जून, 1 जुलाई और 2 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है. वहीं, 29 जून, 30 जून और 1 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है.
रांची समेत इन जिलों में 28 जून को होगी भारी वर्षा
रांची स्थित मौसम केंद्र ने कहा है कि 28 जून 2025 को राजधानी रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, पलामू, चतरा, कोडरमा, लातेहार और लोहरदगा जिले में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है.
29 जून को झारखंड के किन हिस्सों में होगी बारिश?
मौसम केंद्र ने 29 जून के लिए जारी ऑरेंज अलर्ट में कहा है कि राजधानी रांची, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले में कुछ जगहों पर बहुत भारी वर्षा हो सकती है. वहीं, बोकारो, धनबाद, गुमला, हजारीबाग, रामगढ़, सिमडेगा, गढ़वा, पलामू, चतरा, कोडरमा, लातेहार और लोहरदगा जिले में कहीं-कहीं भारी बारिश होगी.
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30 जून के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी
रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम में 30 जून को कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा होने की संभावना जतायी गयी है. वहीं, गुमला, हजारीबाग, सिमडेगा, गढ़वा, पलामू, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, जामताड़ा, पूर्वी सिंहभूम, लातेहार और लोहरदगा जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है.
1 जुलाई को भारी से बहुत भारी वर्षा की चेतावनी
एक जुलाई को गुमला, गढ़वा, चतरा, पलामू, लातेहार और लोहरदगा जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इन जिलों में कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है. इसी दिन रांची, रामगढ़, बोकारो, खूंटी, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम, हजारीबाग और सिमडेगा जिले में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है.
2 जुलाई के लिए आईएमडी ने जारी किया येलो अलर्ट
2 जुलाई के लिए जारी येलो अलर्ट में कहा गया है कि रांची, गुमला, खूंटी, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, पलामू, चतरा, गढ़वा, लातेहार और लोहरदगा जिले में कहीं-कहीं पर भारी वर्षा होने की संभावना है.
48 घंटे के दौरान बंगाल में बनेगा लो प्रेशर एरिया
मौसम विभाग ने कहा है कि ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) दक्षिण-पश्चिमी बांग्लादेश और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल पर उसी क्षेत्र में बना हुआ है, जो कि समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर ऊपर तक फैला था. इसके प्रभाव से अगले 48 घंटे के दौरान उत्तरी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे तटीय बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है.
झारखंड से गुजर रहा है इस्ट-वेस्ट ट्रफ
इसके बाद इसके धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में गांगेय पश्चिम बंगाल, उत्तरी ओडिशा और झारखंड को पार करते हुए आगे बढ़ने की संभावना है. इस्ट-वेस्ट ट्रफ ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण (जो दक्षिण-पश्चिमी बांग्लादेश और उससे सटे गांगेय पश्चिम बंगाल पर है) से लेकर झारखंड, उत्तरी छत्तीसगढ़ होते हुए उत्तर पूर्वी मध्य प्रदेश तक समुद्र तल से 3.1 और 4.5 किलोमीटर के बीच फैली थी.
इस्ट-वेस्ट ट्रफ के असर से झारखंड में होगी भारी वर्षा
मौसम विभाग ने कहा है कि ये परिस्थितियां दर्शाती हैं कि झारखंड में 28 जून से 2 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है. यह मौसमी गतिविधि उत्तरी बंगाल की खाड़ी में संभावित कम दबाव के क्षेत्र के निर्माण और उसके बाद इसके धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में झारखंड की ओर बढ़ने के कारण होगी. इसके अलावा एक इस्ट-वेस्ट ट्रफ का झारखंड के ऊपर से गुजरना भी इस भारी वर्षा में योगदान देगा.
मौसम विभाग ने लोगों से कहा- सतर्क और सावधान रहें
इसलिए मौसम विभाग ने जनता से अनुरोध किया है कि वे सावधान और सतर्क रहें. मौसम विभाग ने कहा है कि इस दौरान कुछ जगहों पर वज्रपात और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है.
भारी बारिश का क्या होगा असर
- कई जगहों पर भारी वर्षा के कारण भू-स्खलन हो सकता है.
- पहाड़ियों पर कुछ घंटों से लेकर कई दिनों तक आपूर्ति और परिहवन प्रभावित रह सकता है.
- कृषि और बागवानी फसल और पौधरोण को मामूली क्षति हो सकती है.
- जीवन और संपत्ति के नुकसान के अलग-अलग मामले सामने आ सकते हैं.
- निचले इलाकों में जलजमाव हो सकता है.
बारिश के दौरान क्या-क्या बरतें सावधानियां
- मछली पकड़ने/कैंपिंग या किसी अन्य गतिविधि के लिए नदी में जाने से बचें.
- छप्पर वाले मजबूत घरों में ही रहें, जो तेज हवाओं और भू-स्खलन को झेलने में सक्षम हो.
- बिना समय बर्बाद किये भू-स्खलन पथ या निचील घाटियों से तुरंत दूर चले जायें.
- संवेदनशील क्षेत्रों में रहने से बचने का प्रयास करें.
- खड़ी ढलानों और जल निकासी पथ के पास घर न बनायें.
- बारिश के बारे में रेडियो, टेलीविजन और वेबसाइट पर खबरें देखते रहें.
- नालियों को साफ रखें, कूड़े-पत्ते, प्लास्टिक की थैलियां, मलबा आदि को नालियों में न फेंके.
- बहते पानी में न चलें. 6 इंच बहता पानी आपको गिरा सकता है. अगर आपको पानी में चलना ही है, तो वहां चलें, जहां पानी बढ़ रहा हो.
- अपने सामने जमीन की मजबूती की जांच करने के लिए छड़ी का इस्तेमाल करें.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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