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ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता - हेमंत सोरेन

Updated at : 29 Sep 2020 10:48 PM (IST)
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ग्रामीण महिलाओं को रोजगार से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता - हेमंत सोरेन

Jharkhand news, Ranchi news : रांची : झारखंड मंत्रालय के सभागार में आजीविका संवर्धन हुनर अभियान, फूलो- झानो आशीर्वाद अभियान का शुभारंभ तथा पलाश ब्रांड का अनावरण मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने किया.

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Jharkhand news, Ranchi news : रांची : झारखंड की हेमंत सरकार ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक सशक्तीकरण का लेकर काफी गंभीर है. ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. इसी के तहत मंगलवार (29 सितंबर, 2020) को झारखंड मंत्रालय के सभागार में आजीविका संवर्धन हुनर अभियान (ASHA), फूलो- झानो आशीर्वाद अभियान (Phoolu- Jhano Ashirwad Abhiyan) का शुभारंभ तथा पलाश ब्रांड (Palash Brand) का अनावरण मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (CM Hemant Soren) ने किया.

अब सड़क किनारे हड़िया- शराब नहीं बेचेगी महिलाएं

इस अवसर पर श्री सोरेन ने कहा कि झारखंड में अब कोई भी महिला सड़क पर हड़िया- दारु बेचती नहीं दिखेगी. यह राज्य सरकार का संकल्प है. कोई भी महिला हड़िया-दारु बनाने और बेचने का कार्य मजबूरी में ही करती है. हड़िया-दारु बनाने और बेचने वाली महिलाओं को अब आजीविका से जोड़कर तथा हर संभव मदद कर उन्हें मुख्यधारा में लाने का काम सरकार करेगी.

रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ेंगी ग्रामीण महिलाएं

उन्होंने कहा कि अभियान चलाकर इन महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जायेगा. सरकार ने इसकी शुरुआत कर दी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में हड़िया-दारु एक अभिशाप है. हड़िया-दारु समाज को कैंसर की तरह जकड़ रहा है. राज्य में कई जगहों पर महिलाओं ने अब हड़िया-दारु के उत्पादन का विरोध भी किया है. शराब बेचकर परिवार चलाने के लिए अब महिलाएं मजबूर न हो इस निमित्त मंगलवार को 3 अभियान का शुभारंभ किया गया.

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पलाश ब्रांड को विश्वस्तरीय बनाएं

मुख्यमंत्री श्री सोरेन ने कहा कि आने वाले समय में पलाश ब्रांड को देश और दुनिया में अलग पहचान देनी है. हम सभी को पलाश ब्रांड को एक विश्वस्तरीय ब्रांड बनाने की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि हम सभी लोग मिलकर पलाश ब्रांड को आगे ले जाने का कार्य करेंगे, तो निश्चित ही राज्य की महिलाओं के सशक्तीकरण में पलाश ब्रांड मील का पत्थर साबित हो सकता है. उन्होंने कहा कि हम सभी लोग किसी भी उत्पाद का प्रयोग करने से पहले कंपनी अथवा ब्रांड को देखते हैं. पलाश सरकार का ब्रांड है जो भी उत्पाद इस ब्रांड के अंतर्गत रखी जायेगी अथवा बेची जायेगी वह पलाश के नाम से बिकेगा. पलाश ब्रांड को सही तरीके से बढ़ाने में अगर हम कामयाब होंगे, तो इसकी सीमाएं बहुत आगे तक जायेंगी. मुख्यमंत्री ने टाटा एवं अमूल का भी उदाहरण दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि लिज्जत पापड़ एवं अमूल का सारा उत्पाद महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) द्वारा ही बनाया जाता है. पलाश ब्रांड को भी महिला दीदियों द्वारा उत्पादन किये गये उत्पाद से ही आगे ले जाना है. पलाश ब्रांड में फिलहाल सिर्फ खाने- पीने के ही उत्पाद दिख रहे हैं. आनेवाले समय में जूता, चप्पल, साड़ी आदि भी पलाश ब्रांड के तहत बेची जा सकेगी.

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार कर रही कार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य करना प्रारंभ कर दिया है. उन्होंने राज्यवासियों से अपील किया कि सरकार की इस मुहिम में आप अपना पूरा योगदान दें. पलाश ब्रांड का उपयोग करें. यह ब्रांड अन्य ब्रांड से सस्ती भी है. उन्होंने लोगों से अपील किया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बताये रास्ते पर चलकर ही हम आर्थिक रूप से सशक्त हो सकते हैं. इस कारण स्वदेशी अपनाना हम सभी का कर्तव्य है.

17 लाख परिवारों को जोड़ने की पहल सराहनीय

मुख्यमंत्री ग्रामीण विकास विभाग (Rural development department) द्वारा संचालित आजीविका संवर्धन हुनर अभियान (ASHA), पलाश ब्रांड एवं फूलो-झानो आशीर्वाद अभियान के तहत राज्य के 17 लाख परिवारों को जोड़ने की पहल की सराहना की. उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में राज्य सरकार द्वारा सखी मंडलों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए 600 करोड़ रुपये दिये गये हैं. उन्होंने कहा कि मैंने स्वयं अपने हाथों से दुमका में 150 करोड़ रुपये सखी मंडलों के बीच बांटने का कार्य किया है. उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाएं एक-एक सीढ़ी आगे बढ़ रही हैं. इसे हम सभी को मिलकर गति देने का काम करना है.

राज्य सरकार रोजगार देने में सक्षम

इस अवसर पर ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड नीत नये आयामों को छूने का प्रयास कर रही है. हमारी सरकार लॉकडाउन की स्थिति में 7 लाख 62 हजार लोगों को रोजगार देने में सफल रही है. वर्तमान में प्रतिदिन छह लाख 50 हजार लोगों को रोजगार दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रोजगार देने में सक्षम है. मंत्री ने आजीविका संवर्धन हुनर अभियान, एवं फूलो-झानो आशीर्वाद अभियान का शुभारंभ तथा पलाश ब्रांड को गांव-गांव तक पहुंचा कर इसके उद्देश्य को अमलीजामा पहनाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि अब महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा उत्पादन किये गये उत्पादों को पलाश ब्रांड के अंतर्गत बेचने का काम किया जायेगा. इन तीनों योजनाओं को धरातल पर उतारकर राज्य को आर्थिक मजबूती देनी है. उन्होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमण काल में भी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड ने हर क्षेत्र में अच्छा काम कर दिखाया है.

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इस अवसर पर सभागार परिसर में पलाश ब्रांड के उत्पाद का प्रदर्शनी भी लगाया गया. इस प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्रियों ने अवलोकन भी किया. इस अवसर पर पलाश उत्पादन प्रचार सह बिक्री वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया गया.

आजीविका संवर्धन हुनर अभियान का उद्देश्य

आजीविका संवर्धन हुनर अभियान (ASHA) के जरिये 17 लाख ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के सशक्त साधनों से जोड़ा जायेगा. वहीं, कृषि आधारित आजीविका, पशुपालन, वनोपज संग्रहण एवं प्रसंस्करण, उद्यमिता समेत स्थानीय संसाधनों से जुड़े स्वरोजगार के अवसर भी ग्रामीण महिलाओं को उपलब्ध कराये जायेंगे. मिशन सक्षम के डेटाबेस में दर्ज 4.71 लाख प्रवासियों में से करीब 3.6 लाख प्रवासियों के परिवार को आशा के तहत फायदा होगा. ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत झारखंड स्टेट लाइवलीहुड परियोजना द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं के तहत करीब 1200 करोड़ की राशि का प्रावधान.

फूलो- झानो आशीर्वाद योजना का उद्देश्य


फूलो- झानो आशीर्वाद योजना के तहत हड़िया-दारु के निर्माण एवं बिक्री से जुड़ीं ग्रामीण महिलाओं को चिह्नित कर सम्मानजनक आजीविका के साधनों से जोड़ा जायेगा. राज्य की 15 हजार से ज्यादा हड़िया-दारु निर्माण एवं बिक्री से जुड़ीं महिलाओं का सर्वेक्षण मिशन नवजीवन (Mission Navjivan) के तहत किया जा चुका है. इन महिलाओं का काउंसेलिंग कर मुख्यधारा के आजीविका से जोड़ने का कार्य किया जायेगा. चिह्नित महिलाओं को इच्छानुसार वैकल्पिक स्वरोजगार एवं आजीविका से जोड़ने का कार्य किया जायेगा. चुनिंदा महिलाओं को आजीविका मिशन के तहत सक्रिय कैडर के रूप में चुने जाने का प्रावधान है वो अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत की तरह कार्य करेंगी.

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ग्रामीण विकास विभाग ने सखी मंडल की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को पलाश ब्रांड के तहत बाजार से जोड़ने की तैयारी की है. राज्य की ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को अच्छी पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग की सुविधा इस पहल के जरिये दी जायेगी. ग्रामीण महिलाओं को एक सफल उद्यमी के रूप में स्थापित करने में पलाश की महत्वपूर्ण भूमिका होगी. ग्रामीण महिलाओं की आय में बढ़ोतरी के लिए पलाश मील का पत्थर साबित होगा. सखी मंडल की दीदियां कृषि उत्पाद, मास्क, सैनिटाइजर, सजावटी सामान समेत तमाम उत्पादों का निर्माण कर रही है. पलाश इन उत्पादों को एक नया ब्रांड वैल्यू देगा.

इस अवसर पर मंत्री चंपाई सोरेन, बन्ना गुप्ता, बादल पत्रलेख, सत्यानंद भोक्ता, विधायक अंबा प्रसाद, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, ग्रामीण विकास विभाग की सचिव आराधना पटनायक, जेएसएलपीएस के सीईओ राजीव कुमार सहित महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं एवं जेएसएलपीएस के कर्मी उपस्थित थे.

Posted By : Samir Ranjan.

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