कोरोना से निपटने की सरकारी कार्यालयों में नहीं दिखी तैयारी, न मास्क और न ही दिखे सेनेटाइजर
झारखंड सरकार के बड़े सरकारी कार्यालय जहां से जनता के लिए नीतियां बनती हैं. उनमें ही कोरोना से निपटने की तैयारी नहीं दिख रही है. प्रोजेक्ट भवन, नेपाल हाउस, एमडीआइ भवन और एफएफपी भवन में न तो सेनेटाइजर की व्यवस्था है और न ही यहां तैनात सुरक्षाकर्मियों के पास मास्क है.
रांची : राज्य सरकार ने कोरोना वायरस से बचाव के लिए एहतियातन सभी स्कूल-कॉलेज, मॉल और मल्टीप्लेक्स बंद करने का आदेश दिया है. लोगों को सेनेटाइजर और मास्क के इस्तेमाल की सलाह दी जा रही है. दूसरी ओर, झारखंड सरकार के बड़े सरकारी कार्यालय जहां से जनता के लिए नीतियां बनती हैं. उनमें ही कोरोना से निपटने की तैयारी नहीं दिख रही है. प्रोजेक्ट भवन, नेपाल हाउस, एमडीआइ भवन और एफएफपी भवन में न तो सेनेटाइजर की व्यवस्था है और न ही यहां तैनात सुरक्षाकर्मियों के पास मास्क है. वहीं, विभागों के मुख्य प्रवेश द्वार पर इंफ्रारेड थर्मामीटर होना चाहिए, ताकि आने-जानेवालों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा सके. लेकिन इसकी भी व्यवस्था नहीं दिखी. झारखंड सरकार के मुख्य सरकारी कार्यालयों में कोरोना से बचाव की तैयारी की हकीकत को बताती है.
प्रोजेक्ट भवन : यह झारखंड सरकार का मुख्य सचिवालय है. यहां मुख्यमंत्री, वित्त मंत्री समेत कई मंत्री और कई अधिकारी भी बैठते हैं. मुख्य प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि उन्हें न तो मास्क मिला है और न ही सेनेटाइजर की व्यवस्था है. आदेश है, इसलिए काम कर रहे हैं. यहां विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए भी सेनेटाइजर की व्यवस्था नहीं है. हालांकि, कुछ लोग अपने पॉकेट में जरूर सेनेटाइजर रख कर कार्यालय पहुंच रहे हैं.
भवन निर्माण निगम : यह एमडीआइ भवन के बगल में है. यहां उद्योग विभाग, ऊर्जा विभाग और भवन निर्माण निगम का कार्यालय है. यहां भी कार्यालय में मास्क और सेनेटाइजर की व्यवस्था नहीं दिखी. बिल्डिंग के मुख्य प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मी के पास भी न मास्क था, न ही सेनेटाइजर की व्यवस्था दिखी. एक सुरक्षाकर्मी ने कहा कि विधायकों को मास्क दिये जा रहे हैं, सेनेटाइज्ड कराये जा रहे हैं. पर दिनभर हम खड़े रहते हैं कई अनजान लोगों से पूछताछ करनी पड़ती है, पर हमारे पास मास्क तक नहीं है. हालांकि ऊर्जा विभाग के सचिव के सेल में सेनेटाइजर की व्यवस्था थी.
नेपाल हाउस : यह झारखंड सरकार का दूसरा मुख्य सचिवालय है, जो डोरंडा में है. यहां विकास आयुक्त भी बैठते हैं. साथ ही स्वास्थ्य मंत्री, कृषि मंत्री, पेयजल मंत्री, श्रम मंत्री भी बैठते हैं. मुख्य प्रवेश द्वार पर महिला और पुरुष सुरक्षाकर्मी तैनात हैं. सब बिना मास्क के हैं. यहां भी प्रवेश द्वार पर सेनेटाइजर की व्यवस्था नहीं दिखी. कोरोना मामले को देख रहे स्वास्थ्य विभाग का कार्यालय भी यहीं है, पर इसमें भी सेनेटाइजर नहीं दिखा. एक अधिकारी ने बताया कि 25 हजार लीटर सेनेटाइजर की व्यवस्था की जा रही है. आपूर्ति होते ही सभी सरकारी कार्यालयों में दे दिया जायेगा.
एफएफपी भवन : एमडीआइ भवन के ठीक सामने एफएफपी भवन है. यहां ग्रामीण विकास विभाग कार्यालय है. यहां भी आधा दर्जन सुरक्षकर्मी तैनात हैं, पर किसी के पास मास्क नहीं है. न ही प्रवेशद्वार पर सेनेटाइजर की व्यवस्था है.
एचइसी में ही बिजली बोर्ड का मुख्यालय है. जहां झारखंड ऊर्जा विकास निगम, झारखंड बिजली वितरण निगम के कार्यालय हैं. यहां 500 से अधिक लोग कार्यरत हैं. लेकिन, यहां भी मास्क और सेनेटाइजर की व्यवस्था नहीं दिखी. मुख्यालय के बाहर में भारतीय मजदूर संघ बैनर तले कुछ लोग धरना दे रहे थे. पर किसी ने मास्क नहीं पहना था.
यहां सूचना आयोग, जैप आइटी, भूतत्व विभाग जैसे कई महत्वपूर्ण कार्यालय हैं. भवन में तैनात सुरक्षाकर्मी ने बताया कि हमलोग भय में काम कर रहे हैं. हजारों लोगों का आना-जाना लगा रहता है. पता नहीं कौन संक्रमण से ग्रसित है. सरकार हमें भी मास्क दिलायें और कम से कम सेनेटाजर की व्यवस्था तो होनी चाहिए.
यहां शिक्षा विभाग और पर्यटन विभाग का कार्यालय है. यहां महिला सुरक्षाकर्मी तैनात दिखी. उनके पास भी मास्क और सेनेटाइजर नहीं था. वहीं कार्यालय के कर्मचारी भी बिना मास्क के ही काम करते दिखे. उनके पास भी सेनेटाइजर की व्यवस्था नहीं दिखी.
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By Pritish Sahay
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