बिजली संकट बरकरार, ट्रिपिंग और शटडाउन से बढ़ी परेशानी

Author Praveen
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बिजली संकट बरकरार, ट्रिपिंग और शटडाउन से बढ़ी परेशानी

राजधानी में मौसम ठंडा होने के बावजूद बिजली कटौती जारी है.

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रांची. राजधानी में मौसम ठंडा होने के बावजूद बिजली कटौती जारी है. कुछ समय पहले तक विभाग द्वारा बिजली की आंख-मिचौनी का कारण भीषण गर्मी और लोड बढ़ना बताया गया था, लेकिन अब यह तर्क गलत साबित हो गया. मंगलवार को नामकुम, टाटीसिलवे, कोकर इंडस्ट्रीयल इलाके में बिजली कटौती का सिलसिला जारी रहा. सुबह नौ बजे से बिजली कटने का सिलसिला खबर लिखे जाने तक जारी था. इलेक्ट्रिक सप्लाई सर्किल रांची की डेली पावर इंट्रप्शन रिपोर्ट के अनुसार फ्यूज कॉल सुधारने के लिये शटडाउन और ट्रिपिंग के चलते पावर कट से जनता सबसे ज्यादा परेशान है. पहले लोकल फॉल्ट की मरम्मत के लिए समय तय था, लेकिन अब लाइनमैन और स्विच बोर्ड ऑपरेटर इसे नहीं मान रहे. इससे बिजली व्यवधान बढ़ गया.

24 घंटे बिजली के लिए जरूरी सप्लाई

राजधानी में पिक आवर में 300 से 350 मेगावाट सप्लाई सुनिश्चित करना आवश्यक है. कई फीडर 22-24 घंटे तक बिजली दे रहे हैं. इनमें 33 केवीए राजभवन सबस्टेशन शामिल है. यहां 11 केवीए सीएम हाउस, अपर बाजार, सर्किट हाउस, गांधीनगर, रातू रोड, न्यू मधुकम, पहाड़ी और वीआईपी फीडर से औसतन 22 से 24 घंटे बिजली मिल रही है.

औद्योगिक क्षेत्र में संकट, कारोबार प्रभावित

बिजली सबसे ज्यादा जरूरत के समय कटती है, जिससे इंडस्ट्रीयल इलाके में पावर ट्रिपिंग का असर उत्पादन पर पड़ रहा है. टाटीसिलवे स्थित एक यूनिट में महीने में 180 केवीए डीजी रनिंग रिकॉर्ड बताता है कि एक महीने में 200-400 लीटर डीजल की खपत हो रही है. गर्मी में यह 600 लीटर तक पहुंच गया. लागत बढ़ने से बाजार में प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है, जिससे स्थानीय कारोबारियों को टिकना मुश्किल हो रहा और कारोबार चौपट हो गया.

बिजली संकट से लोग बेहाल

रांची. इन दिनों शहर में कई जगहों पर बिजली आपूर्ति प्रभावित है. बिजली की आंख-मिचौली जारी है. हालांकि लंबे समय तक बिजली नहीं कट रही, लेकिन गर्मी में थोड़ी देर की कटौती भी लोगों को परेशान कर रही है. बिजली नहीं रहने से घर में पानी की समस्या हो रही है. वहीं, जिनके घरों में मरीज हैं, उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. ऑनलाइन बिजली बिल भुगतान में भी दिक्कत हो रही है. सर्वर डाउन होने से लोगों को बिल जमा करने में परेशानी हो रही है, जिससे बिजली ऑफिस के चक्कर काटने पड़ रहे हैं.

टहनियों की छंटाई के लिए काटी जा रही बिजली

बिजली आपूर्ति की अनियमितता का कारण पेड़ों की कटाई बताया जा रहा है. पिछले दिनों आंधी-बारिश से कई जगहों पर पेड़ गिरने से बिजली के तार टूट गये थे. बारिश के मौसम में बाधा न हो, इसके लिए विभाग बिजली के तारों के पास स्थित पेड़ों की टहनियों की छंटनी करा रहा है. इस दौरान हादसे से बचाव के लिए बिजली काट दी जाती है.

अगर बिजली कटी हो तो ऐसे लें सहायता

33/11 केवीए स्विच बोर्ड ऑपरेटर बताते हैं कि जहां पब्लिक सहयोग करती है, वहां पांच मिनट में बिजली बहाल कर दी जाती है. वहीं, जहां लोगों को बिजली कटने से फर्क नहीं पड़ता, वहां पेट्रोलिंग करनी पड़ती है. यदि पीएसएस नंबर पर फोन किया जाए, तो तुरंत मदद मिलेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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