रांची से रामगढ़ तक भड़की आक्रोश की आग, BJP ने उत्पाद सिपाही पेपर लीक मामले में सरकार को घेरा

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झारखंड पेपर लीक केस रामगढ़ और अनगढ़ा में प्रदर्शन करते भाजपा कार्यकर्ता

Jharkhand Paper Leak Case: झारखंड में पेपर लीक कांड ने सियासी बवाल मचाया है. तमाड़ में 164 गिरफ्तारियों के बाद भाजपा ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. रांची, रामगढ़ और अनगड़ा में पुतला दहन कर कार्यकर्ताओं ने आक्रोश जताया. केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने मामले की CBI जांच और हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में परीक्षा कराने की मांग की है. पढ़ें, कैसे एक छापेमारी ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है?

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Jharkhand Paper Leak Case, रांची (सतीश कुमार/भगीरथ महतो/जितेंद्र कुमार की रिपोर्ट): झारखंड उत्पाद सिपाही परीक्षा में कथित पेपर लीक और तमाड़ में हुई 164 लोगों की गिरफ्तारी के बाद राज्य में राजनीतिक पारा चढ़ गया है. मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने इसे युवाओं के साथ बड़ा विश्वासघात बताते हुए रविवार, 12 अप्रैल को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया.

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राजधानी में भाजपा का ‘रण’, फूंका पुतला

रांची महानगर भाजपा के कार्यकर्ताओं ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक विशाल आक्रोश जुलूस निकाला. यहां कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार का पुतला फूंका. महानगर अध्यक्ष वरुण साहू ने कड़े शब्दों में कहा कि वर्तमान सरकार पिछले छह वर्षों से केवल युवाओं को ठगने का काम कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी संरक्षण के बिना इतना बड़ा भ्रष्टाचार संभव नहीं है.

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रामगढ़ और अनगड़ा में भी दिखा आक्रोश

रामगढ़ के सुभाष चौक पर भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव कुमार बावला के नेतृत्व में मुख्यमंत्री का पुतला जलाया गया. उन्होंने पिछली बहाली के दौरान हुई 20 अभ्यर्थियों की मौत का मुद्दा उठाते हुए सरकार को घेरा. वहीं, अनगड़ा के गेतलसूद चौक पर विनय महतो धीरज और आरती कुजूर के नेतृत्व में प्रदर्शन हुआ. भाजपा नेताओं ने इस पूरे मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.

संजय सेठ ने की CBI जांच की मांग

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे पूरे सिस्टम की विफलता बताया. उन्होंने सवाल किया कि आखिर ये माफिया किसके संरक्षण में काम कर रहे हैं? संजय सेठ ने मांग की है कि मामले की पारदर्शिता के लिए CBI जांच कराई जाए और भविष्य की सभी परीक्षाएं हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में हों.

11 अप्रैल की रात पुलिस ने की थी छापेमारी

बता दें कि 11 अप्रैल की रात तमाड़ में एक निर्माणाधीन भवन से पुलिस ने 5 गिरोह सदस्यों और 159 अभ्यर्थियों को दबोचा था. मौके से 10-15 लाख में सौदेबाजी के सबूत, बैंक चेक और प्रश्न-उत्तर के सेट बरामद हुए थे. गिरोह का सरगना अतुल वत्स पहले भी कई राज्यों में पेपर लीक का मास्टरमाइंड रह चुका है.

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