Ease Of Living Index 2020 : इज ऑफ लिविंग इंडेक्स रैंकिंग 2020 में रांची 42 वें तो धनबाद है इतने स्थान पर, जानें क्या है इसके जारी करने का पैमाना

Updated at :05 Mar 2021 9:03 AM
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Ease Of Living Index 2020 : इज ऑफ लिविंग इंडेक्स रैंकिंग 2020 में रांची 42 वें तो धनबाद है इतने स्थान पर, जानें क्या है इसके जारी करने का पैमाना

Dhanbad Ranking in living index : इज ऑफ लिविंग इंडेक्स सर्वे में देश भर के 111 शहरों को शामिल किया गया था. शहरों को दो कैटेगरी में बांटा गया. पहली कैटेगरी में वैसे शहर शामिल किये गये थे, जिनकी आबादी 10 लाख से ज्यादा थी. दूसरी कैटेगरी में उन शहरों को शामिल किया गया, जिनकी आबादी 10 लाख से कम थी. पहली कैटेगरी में 49 शहर शामिल किये गये थे, जिसमें धनबाद को 48वां स्थान मिला है. इन शहरों में देखा गया कि यहां रहने की गुणवत्ता किस स्तर की है. साथ ही जो विकास के काम किये गये हैं, उनका लोगों के जीवन पर क्या असर पड़ रहा है और पड़ा है. गौरतलब है कि इस तरह का सर्वे पहली बार 2018 में शुरू किया गया था.

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Jharkhand News, Dhanbad News, ease of living index ranking धनबाद : केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने गुरुवार को इज ऑफ लिविंग इंडेक्स यानी रहने के लिहाज से बेहतर शहरों की रैंकिंग 2020 जारी की. इसमें धनबाद को 48 वां रैंक मिला है, जबकि रांची को 42वां. 10 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों में रहने के लिए बेंगलुरु सबसे उम्दा शहर माना गया है. 10 लाख से कम आबादी वाले शहरों में शिमला सबसे का स्थान सबसे ऊपर है. केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने यह रिपोर्ट जारी की है. इज ऑफ लिविंग इंडेक्स सर्वे में 10 लाख से अधिक आबादीवाले शहरों में झारखंड के दो शहर रांची व धनबाद को शामिल किया गया था.

दो कैटेगरी में बांटे गये थे शहर :

इज ऑफ लिविंग इंडेक्स सर्वे में देश भर के 111 शहरों को शामिल किया गया था. शहरों को दो कैटेगरी में बांटा गया. पहली कैटेगरी में वैसे शहर शामिल किये गये थे, जिनकी आबादी 10 लाख से ज्यादा थी. दूसरी कैटेगरी में उन शहरों को शामिल किया गया, जिनकी आबादी 10 लाख से कम थी. पहली कैटेगरी में 49 शहर शामिल किये गये थे, जिसमें धनबाद को 48वां स्थान मिला है. इन शहरों में देखा गया कि यहां रहने की गुणवत्ता किस स्तर की है. साथ ही जो विकास के काम किये गये हैं, उनका लोगों के जीवन पर क्या असर पड़ रहा है और पड़ा है. गौरतलब है कि इस तरह का सर्वे पहली बार 2018 में शुरू किया गया था.

रैंकिंग प्रतिशत :

शहर में रहने की गुणवत्ता की रैंकिंग के लिए 35 फीसदी अंक रखे गये थे. आर्थिक योग्यता के लिए 15 फीसदी अंक और विकास की स्थिरता के लिए 20 फीसदी अंक तय किये गये थे. शेष 30 फीसदी अंक लोगों के बीच किये गये सर्वे पर आधारित था. सर्वे के दौरान लोगों से शहर के आधारभूत ढांचे, यातायात, कानून व्यवस्था, परिवहन, बिजली, पानी, शिक्षा, सुरक्षा, मनोरंजन आदि जैसी बुनियादी सुविधाओं के बारे में पूछा गया. ऑनलाइन सर्वे में शहरवासियों के फीडबैक के आधार पर शहरों की रैंकिंग तय की गयी.

  • रहने के लिए सबसे अच्छे शहर हैं बेंगलुरु व शिमला, 49 शहरों में रांची को 42वां रैंक

  • दूसरी बार 2020 में शहरों की रैंकिंग की गयी

  • इज ऑफ लिविंग 46.96 प्रतिशत

  • क्वालिटी ऑफ लाइव 34.71 प्रतिशत

  • सस्टेनेबिलिटी50.90 प्रतिशत

  • सिटीजन परसेप्शन78.90 प्रतिशत

  • म्यूनिसिपल परफॉमेंस44 प्रतिशत

  • सर्विस50.81 प्रतिशत

  • फाइनांस46.69 प्रतिशत

  • टेक्नोलॉजी24.46 प्रतिशत

  • प्लानिंग32.24 प्रतिशत

  • गर्वनेंस54.57 प्रतिशत

इन बातों का रखा गया ध्यान

शहर रहने के लिए कितना सुगम है. शिक्षा की गुणवत्ता कैसी है. स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था कैसी है. आवासीय सुविधाएं कैसी है. हवा की शुद्धता, शहर की साफ-सफाई की स्थिति से कितने संतुष्ट हैं. आस-पड़ोस से कूड़ा उठाने की व्यवस्था कितनी अच्छी है. पीने के पानी की स्थिति, जलभराव की समस्या, शहर में यात्रा करना कितना सुरक्षित है. शहर में यात्रा करना कितना आसान है. शहर में यात्रा करना कितना किफायती है. शहर रहने के लिए कितना सुरक्षित व महफूज हैं. आपातकालीन सेवाओं की क्षमता कैसी है. महिलाओं के लिए सार्वजनिक जगह कितनी सुरक्षित है. मनोरंजन की सुविधाओं से कितने संतुष्ट हैं. बिजली आपूर्ति, बैंकिंग, बीमा-एटीएम की कैसी सुविधा है.

म्यूनिसिपल परफॉमेंस व सिटीजन परसेप्शन में धनबाद को अच्छे रैंक मिले हैं. रांची से म्यूनिसिपल परफॉमेंस व सिटीजन परसेप्शन में धनबाद की रैंकिंग बेहतर है. इज ऑफ लिविंग इंडेक्स में सिर्फ धनबाद से रांची आगे हैं. इज ऑफ लिविंग इंडेक्स के अंतर्गत जो कमी रह गयी है, उसे बेहतर करने की कोशिश होगी.

सत्येंद्र कुमार, नगर आयुक्त

Posted By : Sameer Oraon

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