हेमंत सोरेन सरकार पर भाजपा नेता डॉ नीरा यादव ने बोला हमला, कहा- झारखंड के युवाओं को भ्रमित कर रही सरकार
नीरा यादव ने कहा कि पोशाक बदल देने या स्कूल का रंग बदल देने से शिक्षा की गुणवत्ता नहीं बढ़ जाएगी. हेमंत सरकार ने शिक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन सब हवा हवाई निकले. उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार के शिक्षा विरोधी नीति के कारण प्रदेश के युवा पलायन करने के लिए मजबूर हैं.
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वरिष्ठ नेता और झारखंड की पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव ने हेमंत सोरेन सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा है कि हेमंत सोरेन सरकार में झारखंड शिक्षा के क्षेत्र में चार कदम भी आगे नहीं बढ़ा. यह सरकार झारखंड के युवाओं को गलत आंकड़े देकर भ्रमित कर रही है. राजधानी रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेस को संबोधित करते हुए कोडरमा की विधायक ने हेमंत सोरेन सरकार को शिक्षा के क्षेत्र में फिसड्डी करार दिया. कहा कि हेमंत सरकार ने युवाओं को सबसे ज्यादा ठगा है. डॉ नीरा यादवन ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार ने रघुवर दास की सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई जनहित की योजनाओं को ठप कर दिया है. शिक्षा के क्षेत्र में हुई पहल को भी रोक दिया है. पोशाक बदल देने या स्कूल का रंग बदल देने से शिक्षा की गुणवत्ता नहीं बढ़ जाएगी. हेमंत सरकार ने शिक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन सब हवा हवाई निकले. उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार के शिक्षा विरोधी नीति के कारण प्रदेश के युवा पलायन करने के लिए मजबूर हैं.
आपके शहर में
भाजपा नेता ने कहा है कि नौ माह में बजट का खर्च काफी कम हुआ है. उच्च तकनीकी शिक्षा के 1,092 करोड़ के बजट में से मात्र 23.12 फीसदी राशि खर्च हुई है. स्कूली शिक्षा में भी स्थिति बदतर है. 6,387 करोड़ के बजट में से मात्र 58.14 फीसदी राशि ही सरकार खर्च कर पाई है. हाई स्कूलों में 10 हजार शिक्षकों के पद अभी भी रिक्त हैं. देश में विद्यार्थी-शिक्षक का अनुपात 18:1 है, लेकिन झारखंड में यह 35:1 है. यानी देश में 18 विद्यार्थी पर एक टीचर है, तो झारखंड में 35 विद्यार्थी पर एक टीचर. करीब 70 फीसदी हाई स्कूलों और प्लस टू स्कूलों में प्रिंसिपल के पद रिक्त हैं. इनमें से 50 फीसदी सीधी नियुक्ति होनी है. यूनिवर्सिटी और कॉलेजों की स्थिति भी बद से बदतर होती जा रही है. 50 फीसदी से ज्यादा प्रोफेसर के पद रिक्त हैं. नियम विरुद्ध 55 फीसदी अस्थायी शिक्षकों के विश्वविद्यालय चल रहे हैं. नियमत: 10 फीसदी अस्थाई शिक्षक को ही बहाल किया जा सकता है.
डॉ नीरा यादव ने कहा कि रघुवर दास की सरकार में रोडमैप बनाकर शिक्षा की स्थिति में सुधार किया गया था. शिक्षक नियुक्ति, आधारभूत संरचना और साइकिल वितरण जैसे क्रांतिकारी कदम उठाए गए थे. वर्ष 2014 में सिर्फ 3,269 स्कूलों में बेंच-डेस्क थे, जबकि भाजपा की रघुवर दास सरकार ने सभी 34,939 स्कूलों में बेंच-डेस्क लगवाए. राज्य के सभी स्कूलों में बिजली और शौचालय की व्यवस्था की गई. वर्ष 2014 में राज्य में सिर्फ 32 आईटीआई थे. रघुवर सरकार की पहल पर 27 नए आईटीआई बने.
Also Read: राहुल पुरवार ने गिनाई शिक्षा विभाग की उपब्धियां, बीजेपी बोली- 4 साल में 4 कदम भी नहीं बढ़ी हेमंत सोरेन सरकार
झारखंड की पूर्व शिक्षा मंत्री नीरा यादव ने कहा कि उच्च शिक्षा को सर्वसुलभ बनाने के लिए 12 जिलों में महिला महाविद्यालय, 13 जिलों में मॉडल महाविद्यालय एवं 27 अन्य डिग्री महाविद्यालयों सहित कुल 52 नये महाविद्यालयों की स्थापना की गई. इसके अतिरिक्त 13 पॉलिटेक्निक संस्थान भी खोले गये. रघुवर सरकार ने तकनीकी शिक्षा के प्रसार के लिए कोडरमा एवं पलामू में अभियंत्रण महाविद्यालय एवं गोला में महिला अभियंत्रण महाविद्यालय का निर्माण कराया.
उन्होंने कहा कि झारखंड में भाजपा की सरकार ने पांच नए विश्वविद्यालय- विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय, झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय, डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय एवं झारखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई. झारखंड में बेटियों के लिए कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, जनजातीय बच्चों के लिए एकलव्य स्कूल और पहाड़िया बच्चों के लिए पहाड़िया दिवा कालीन विद्यालय हैं. उन्होंने कहा कि रघुवर सरकार के कार्यकाल में बने भवनों को हेमंत सरकार शुरू भी नहीं करवा पा रही. हेमंत सरकार के खिलाफ युवा सड़क पर हैं. गलत आंकड़ों के जरिए यह सरकार एक बार फिर युवाओं को दिग्भ्रमित कर रही है.
Also Read: 4 Years of Hemant Sarkar: सीएम हेमंत सोरेन ने गिनायीं चार साल की उपलब्धियां, नरेंद्र मोदी सरकार पर साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पांकी के विधायक शशि भूषण मेहता भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि डबल इंजन की रघुवर दास सरकार में उच्च तकनीकी शिक्षा को तेजी से आगे बढ़ाया गया था. हेमंत सोरेन सरकार ने इसे रोक दिया है. पलामू में शिक्षक के अभाव में इंजीनियरिंग कॉलेज बदहाल है. पॉलिटेक्निक कॉलेज आज तक हैंडओवर नहीं हो पाया है. स्कूलों में प्रिंसिपल शिक्षक का घोर अभाव है. हेमंत सरकार एकलव्य विद्यालय के लिए जमीन उपलब्ध कराने में नाकाम है. हेमंत सरकार की शिक्षा विरोधी नीति के कारण झारखंड के युवा पलायन करने को मजबूर हैं. हेमंत सरकार से युवा निराश हैं, आंदोलन करने पर लाठी और गोली चला रही है. इस हेमंत सरकार को यहां के युवा ही उखाड़ फेंकेंगे. प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया सह प्रभारी रंजीत चंद्रवंशी भी उपस्थित थे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए