प्रभात खबर का असर: DMFT मामले में केंद्र ने झारखंड सरकार से मांगी रिपोर्ट, अब नपेंगे अफसर!
DMFT मामले में केंद्र ने झारखंड सरकार से मांगी रिपोर्ट, Pic Credit- Chatgpt AI
DMFT Fund Misuse: झारखंड में डीएमएफटी (DMFT) फंड के दुरुपयोग पर केंद्र सरकार ने बड़ा संज्ञान लिया है. प्रभात खबर की रिपोर्ट के बाद खान मंत्रालय ने राज्य के खान सचिव को पत्र लिखकर जांच के आदेश दिए हैं. ग्रामीणों के कल्याण के लिए आवंटित राशि से उपायुक्तों के बंगले सजाने और जिम बनवाने के मामले में अब अधिकारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है.
DMFT Fund Misuse, रांची: डीएमएफटी की राशि से गांव को नजरअंदाज कर डीसी के बंगले सजाये गये हैं. यह कार्य नियमों को ताक पर रख कर किया गया है. पिछले 29 जनवरी को इससे संबंधित खबर प्रभात खबर में छपी थी, जिस पर केंद्र सरकार ने संज्ञान लिया है. केंद्र ने पूरे मामले की जांच का आदेश दिया है. इस मामले में खान मंत्रालय के अवर सचिव संजय कुमार ने खान सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि 29 जनवरी 2026 को प्रभात खबर में छपी यह खबर एक गंभीर मामला है. डीएमएफटी (डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड ट्रस्ट) फंड का दुरुपयोग किया गया है. राज्य सरकार पूरे मामले की जांच कराकर तथ्यों के साथ एक रिपोर्ट केंद्र सरकार जल्द से जल्द भेजे.
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प्रभात खबर में 29 जनवरी को छपी थी खबर
ज्ञात हो कि 29 जनवरी को प्रभात खबर में न्यूज छपी थी कि झारखंड में डीएफएफटी के पैसे से पंचायतों का उद्धार नहीं कर विभिन्न जिलों के उपायुक्तों का बंगला सजाया और संवारा जा रहा है. इस फंड से पंचायतों का उद्धार करने की जगह शहरों में डीसी के बंगले चमकाये जा रहे हैं और जिम बन रहे हैं. इस पर एजी ने भी आपत्ति की है. केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (पीएमकेकेकेवाइ) के तहत डीएमएफटी फंड का प्रावधान किया है. इसके दुरुपयोग पर केंद्र सरकार रिपोर्ट मांग सकती है. केंद्र सरकार यह देखती है कि पीएमकेकेकेवाइ के मॉडल नियमों का पालन हो रहा है या नहीं. बताते चलें कि राज्य सरकारों ने डीएमएफटी को स्थापित किया है, लेकिन इसमें केंद्रीय दिशानिर्देश भी लागू होते हैं. इसलिए अनुपालन रिपोर्ट मांगी जा सकती है.
आगे क्या हो सकता है
इस मामले में गड़बड़ी पाये जाने पर केंद्र सरकार राज्य से विस्तृत रिपोर्ट मांग सकती है. पीएमकेकेकेवाइ तथा डीएमएफटी मॉडल-नियमों के अनुरूप नीतियां लागू करने के लिए निर्देश जारी किये जा सकते हैं. केंद्र जांच एजेंसियों से जांच की भी सिफारिश कर सकती है. यदि धन के दुरुपयोग में आपराधिक कार्रवाई के तथ्य मिलते हैं, तो मामले को क्रिमिनल जांच के लिए राज्य पुलिस, सीबीआइ/इडी आदि को भेजने की सिफारिश की जा सकती है.
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