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कोरोना रोकथाम में बोकारो ने प्रचार-प्रसार में डीएमएफटी से खर्च किये 10 करोड़

Coronavirus: कोरोना काल में ड्रिस्ट्रीक मिनरल ट्रस्ट फंड (डीएमएफटी) के पैसे से खूब खर्च किये गये. कोरोना से बचाव के प्रचार-प्रसार, मास्क-सेनेटाइजर की खरीदारी, उपकरण, जांच किट से लेकर डॉक्टरों को तनख्वाह बांटे गये.

Coronavirus: बोकारो जिला ने कोरोना से बचाव के लिए प्रचार-प्रसार पर 10.90 करोड़ रुपये खर्च किये. कोविड़-19 के दौरान बोकारो जिला ने वित्तीय वर्ष 2020-21 के दौरान खर्च का ब्यौरा और ऑडिट रिपोर्ट दिया है. 10 करोड़ की राशि पांच बार में होर्डिंग लगाने, पंप्लेट बांटने और जीओ टैंगिंग पर खर्च की गयी है. जिले में प्रचार प्रसार पर पहली बार 2 करोड़ 19 हज़ार, दूसरी बार में 1.16 करोड़, तीसरी बार में 2.75 लाख, चौथी बार में 7.54 करोड़ और पांचवी बार में 18.35 लाख रुपये खर्च किया गया है. कोविड के दौरान राज्य को विभिन्न जिलों ने निजी डाक्टरों की सेवा लेना का जिक्र किया है. इन डॉक्टरों को डीएमएफटी फंड से ही भुगतान किया गया. विशेषज्ञ डॉक्टरों को 1.50 लाख प्रति माह और सामान्य एमबीबीएस डॉक्टर को 1.05 लाख रुपये प्रति माह की दर से भुगतान किया गया. डीएमएफटी फंड से जिला में समाहरणालय और उपायुक्त कार्यालय को चमकाने का भी काम हुआ. रामगढ़ जिले में 10.20 लाख रुपये के खर्च पर उपायुक्त कार्यालय के चहारदीवारी की रंगाई पुताई की गयी.इसी जिला में डीएमएफटी फंड से 24.79 लाख की लागत से समाहरणालय परिसर में स्ट्रीट लाइट लगाने का उल्लेख किया गया है. 22.51 लाख रुपये खर्च कर उपायुक्त कार्यालय में कार पार्किंग शेड का निर्माण किया गया. उपायुक्त कार्यालय के गोपनीय शाखा के लिए 2.22 लाख रुपये की सामग्रियां खरीदी गयीं. 15.95 लाख रुपये की लागत पर समाहरणलाय में हाईस्पीड इंटरनेट लगाया गया. इस तरह सिर्फ समाहरणालय पर डीएफटी का खर्च का 75.67 लाख खर्च किया गया. जिलों ने इससे संबंधित ब्यौरा रिपोर्ट में दी है.

खर्च चौकाने वाला : रामगढ़ में 67 लाख का मास्क और सेनेटाइजर, धनबाद 1.4 करोड़ का जांच किट खरीदा

बोकारो जिले ने कोविड-19 के दौरान डीएमएफटी के खर्च में विभिन्न क्षेत्रों में खर्च ब्यौरा दिया है. जिले की रिपोर्ट में सदर अस्पताल के लिए 16.96 करोड़ रुपये की लागत पर चिकित्सीय उपकरण खरीदे थे. रामगढ़ जिले द्वारा 2020-21 में डीएमएफटी से किये गये खर्चों का जो ब्योरा तैयार किया गया है. उसमें 67.52 लाख रुपये की लगत पर मास्क और सेनेटाइजर खरीदने का उल्लेख किया गया है. उसमें कोविड-19 के दौरान पीड़ितों के इलाज के लिए 1.53 करोड़ रुपये की लागत से सदर अस्पताल सहित अन्य सरकारी अस्पतालों के चिकित्सकीय उपकरण खरीदने का उल्लेख किया गया है. इसके अलावा धनबाद जिले द्वारा तैयार डीएमएफटी की रिपोर्ट में कोविड-19 के दौरान पीड़ितों के इलाज के लिए आवश्यक चिकित्सकीय उपकरणों की ख़रीद पर 75.86 लाख रुये खर्च का जिक्र किया गया है. जिला में 1.14 करोड़ रुपये की लागत से रैपिड एंटीजेन टेस्ट खरीदने का उल्लेख किया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार ने एक महीने में तीन लाख लोगों का टेस्ट करने का लक्ष्य निर्धारित किया था. स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए एक लाख किट उपलब्ध कराया था. टेस्ट के लक्ष्य के पूरा करने के लिए गुड़गांव की कंपनी बायोजर हेल्थ केयर से 25 हजार किट 1.14 करोड़ रुपये में खरीदे गये.

क्या था केंद्र सरकार का निर्देश

कोविड-19 के दौरान व्यापारिक गतिविधियों के बंद होने की वजह से सरकार को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा था. राज्य सरकारों से कोरोना महामारी से बचाव और पीड़ितों को इलाज के लिए सरकार को पैसे की जरूरत थी. इस स्थिति को देखते हुए केंद्रीय खान मंत्रालय ने राज्यों को डीएमएफटी में उपलब्ध कुल राशि में से 30 प्रतिशत राशि कोविड से निपटने पर खर्च करने की अनुमति दी. कोविड-19 से निपटने के लिए राज्य में पीएम केयर फंड के अलावा डीएमएफटी के पैसों का उपयोग किया गया.

ड्रोन कैमरा खरीदने, ओपन जीम बनाने का भी आया सुझाव

नियमानुसार डीएमएफटी का खर्च प्रभावित क्षेत्र में करने का प्रावधान है. डीएमएफटी के खर्च के लिए गठित उच्च स्तरीय कमेटी में इसको ताक पर रखकर खर्च के सुझाव आते हैं. गोड्डा जिले की रिपोर्ट में मैनेजिंग कमेटी बैठक में पुलिस अधीक्षक द्वारा अवैध खनन रोकने के लिए सीसीटीवी लगाने का प्रस्ताव देने का उल्लेख है. इसके अलावा ट्रैफिक कंट्रोल करने उपकरणों और दो ड्रोन खरीदने का सुझाव दिया गया. पुलिस अधीक्षक ने समाहरणालय के नये भवन नें डीएमएफटी के पैसों से ओपन जिम बाना का सुझाव दिया गया. पुलिस अधीक्षक द्वारा दिये गये इन सुझाव को मैनेजिंग कमेटी की बैठक में पारित किया गया साथ ही इसे डीएमएफटी गवर्निंग काउंसिल की बैठक में पारित कराने का फैसला किया गया. लेकिन इस सुझाव में आगे काम या खर्च का ब्यौरा नहीं दिया गया.

Anand Mohan
Anand Mohan
I have 15 years of journalism experience, working as a Senior Bureau Chief at Prabhat Khabar. My writing focuses on political, social, and current topics, and I have experience covering assembly proceedings and reporting on elections. I also work as a political analyst and serve as the Convenor of the Jharkhand Assembly Journalist Committee.

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