हिंदपीढ़ी में युवक की मौत के बाद बवाल, अबतक किसी इलाके में नहीं मिली छूट

राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी कंटेनमेंट जोन में आज कुछ छूट दी जानी थी जिसमें लेक रोड, पुरानी रांची, निजाम नगर, नूर नगर, छोटा तालाब, बंगाली पाड़ा समेत कुछ इलाकों में राहत देने और सील हटाया जाना तय था लेकिन हंगामे के बाद किसी भी इलाके को राहत नहीं दी गयी.
रांची : राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी कंटेनमेंट जोन में आज कुछ छूट दी जानी थी जिसमें लेक रोड, पुरानी रांची, निजाम नगर, नूर नगर, छोटा तालाब, बंगाली पाड़ा समेत कुछ इलाकों में राहत देने और सील हटाया जाना तय था लेकिन हंगामे के बाद किसी भी इलाके को राहत नहीं दी गयी.
https://www.facebook.com/prabhat.khabar/videos/936677730124134/हिंदपीढ़ी के ग्वाला टोली में एक युवक की तबीयत खराब होने के बाद मौत हो गयी. युवक की मौत के बाद स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया. गुरुनानक स्कूल के पास बनें और मारवाड़ी कॉलेज के पास लगे बैरिकेटिंग के पास लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. जानकारी के मुताबिक युवक को चार दिन पहले भी पेट में दर्द हुआ था. जिसके बाद उसे अंजुमन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था.

यहां इलाज के बाद उसकी तबीयत में सुधार हुआ. ईद के दिन दोपहर में घरवाले उसे घर लेकर आ गये लकिन आज सुबह फिर उसके पेट में दर्द शुरू हुआ. घरवाले आनन-फानन में उसे लेकर कांटाटोली स्थित नर्सिंग होम ले गये. विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बताया कि तीन घंटे इंतजार करने के बाद अल्ट्रासाउंड करने वाला टेक्नीशियन आया, आने के बाद भी उसने अल्ट्रासाउंड करने से इनकार कर दिया. कारण था कि आसिफ को तेज बुखार था. डॉक्टरों ने भी इलाज करने से मना कर दिया. इसके बाद परिजन ने रिम्स ले जाने के फैसला लिया लेकिन रास्ते में ही आसिफ की मौत हो गयी.

हिंदपीढ़ी के जिन इलाकों में राहत देने की बात कही गयी थी उनमें लेक रोड, पुरानी रांची, निजाम नगर, नूर नगर व छोटा तालाब, बंगाली पाड़ा समेत कई इलाके थे. इन इलाकों को अबतक पूरी तरह सील रखा गया है. किसी भी बाहरी व्यक्ति के अंदर प्रवेश करने पर रोक है ना ही कोई अंदर का व्यक्ति बाहर आ सकता है. जरूरी सामान उनतक यहां से पहुंचाया जा रहा है. पुलिस वालों ने बताया कि अबतक उन्हें कोई लिखित आदेश नहीं मिला है इसलिए वह किसी को आने- जाने की इजाजत नहीं दे रहे हैं.

हिंदपीढ़ी के कई इलाकों में युवक की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन हुआ. भीड़ बहुत देर तक धरने में बैठी रही. एसएसपी, ट्रैफिक एसपी और डीसी राय महिमापत रे के आश्वासन के बाद लोग अपने घरों में वापस लौट गये. इनकी मांग थी कि युवक की मौत के बाद इस मामले की शिकायत दर्ज की जाये और दोषियों को तुरंत सजा दी जाए. खबर है कि इस सिलसिले में निजी क्लिनिक के डॉक्टर पर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्णय लिया गया है.

पुलिस सूत्रों की मानें तो हिंदपीढ़ी के कई इलाके में छूट मिलेगी. खासकर वैसे इलाके जहां कोरोना का एक भी मामला नहीं है, उन्हें छूट दी जायेगी. एक पुलिस अधिकारी ने नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि लगभग 70 फीसद इलाकों में छूट दी जा सकती है. जिन क्षेत्रों से कोरोना संक्रमित मरीज लंबे समय से नहीं मिले हैं तथा जिन क्षेत्रों में सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है. यह राहत धीरे- धीरे दी जायेगी और लगातार निगरानी रखी जायेगी कि इससे कोरोना संक्रमण और ना फैले
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By PankajKumar Pathak
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