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रांची के पूर्व डीसी छवि रंजन की जमानत याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में क्या हुआ?

Updated at : 12 Apr 2024 11:59 AM (IST)
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छवि रंजन की जमानत पर सुनवाई अब 19 अप्रैल को. फाइल फोटो

रांची के पूर्व डीसी छवि रंजन की जमानत याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने ईडी को जवाब दाखिल करने का समय दिया और अगली तारीख 19 अप्रैल तय कर दी.

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झारखंड की राजधानी रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन की जमानत याचिका पर शुक्रवार (12 अप्रैल) को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. सुबह सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से वकील ने जवाब दाखिल करने के लिए समय की मांग की.

झारखंड हाईकोर्ट ने जवाब दाखिल करने के लिए ईडी को दिया समय

हाईकोर्ट ने ईडी को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया और मामले की अगली सुनवाई 19 अप्रैल को निर्धारित कर दी. जस्टिस सुजित नारायण प्रसाद की कोर्ट में छवि रंजन की याचिका पर सुनवाई हुई.

मई 2023 में ईडी ने छवि रंजन को किया था गिरफ्तार

जमीन घोटाला मामले में आइएएस अधिकारी छवि रंजन को ईडी ने मई 2023 में गिरफ्तार किया था. बाद में छवि रंजन को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. अभी वह जेल में बंद हैं.

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बजरा मौजा की जमाबंदी को रद्द करने से जुड़ा है मामला

जमीन घोटाला का यह मामला हेहल अंचल के बजरा मौजा की 7.16 एकड़ जमीन की जमाबंदी को रद्द करने से जुड़ा है. 82 साल से चली आ रही जमाबंदी को रद्द करने का आदेश तत्कालीन उपायुक्त छवि रंजन ने दी थी. इसके बाद अंचल अधिकारी ने सादा पंचनामा को सही बताते हुए जमीन का म्यूटेशन विनोद सिंह के नाम पर करने का आदेश दे दिया.

प्रमंडलीय आयुक्त को उपायुक्त कार्यालय ने नहीं दिए दस्तावेज

अंचल अधिकारी के आदेश के बाद पुलिस के 150 जवानों को तैनात करके जमीन की घेराबंदी करवा दी. बजरा में मौजूद इस जमीन में जालसाजी की शिकायत मिली, तो राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने तत्कालीन आयुक्त को जांच करने का आदेश दिया. प्रमंडलीय आयुक्त ने उपायुक्त से दस्तावेज मांगे. उपायुक्त कार्यालय ने आदेश मिलने के एक महीने बाद तक प्रमंडलीय आयुक्त को दस्तावेज उपलब्ध नहीं करवाया.

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13 अप्रैल को छवि रंजन सहित 18 लोगों के 21 ठिकानों पर पड़े छापे

बता दें कि दस्तावेज में हेराफेरी कर सेना के कब्जेवाली जमीन की खरीद-बिक्री मामले में 13 अप्रैल 2023 को आईएएस अधिकारी छविरंजन सहित 18 लोगों के 21 ठिकानों पर छापेमारी की थी. छापेमारी के बाद छवि रंजन को पूछताछ के केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने समन भेजा. 24 अप्रैल को तीसरे समन पर आइएएस अधिकारी पूछताछ के लिए ईडी दफ्तर पहुंचे थे. दूसरी बार 4 मई को ईडी कार्यालय पहुंचे, तो करीब 10 घंटे की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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