मनोज सिंह, रांची. कोल इंडिया ने चालू वित्तीय वर्ष का उत्पादन लक्ष्य तय कर दिया है. सीसीएल का उत्पादन लक्ष्य 10 फीसदी बढ़ा दिया गया है. पिछले वित्तीय वर्ष में 100 मिलियन टन कोयला उत्पादन के लक्ष्य पर काम करने वाले सीसीएल को 110 मिलियन टन उत्पादन का लक्ष्य दिया गया है. पिछले वित्तीय वर्ष (2024-25) में सीसीएल ने करीब 88 मिलियन टन कोयला का उत्पादन किया था.
इस बार लक्ष्य प्राप्ति के लिए सीसीएल को 22 मिलियन टन अतिरिक्त कोयला का उत्पादन करना होगा. कोल इंडिया ने झारखंड में ही संचालित कंपनी बीसीसीएल का उत्पादन लक्ष्य सिर्फ एक मिलियन टन बढ़ाया है. वहीं, नागपुर में संचालित वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) का उत्पादन लक्ष्य नहीं बढ़ाया है. कंपनी का उत्पादन लक्ष्य पिछले वित्तीय वर्ष में 69 मिलियन टन था. इस वर्ष भी कंपनी को इतना कोयला का ही उत्पादन करना है.कोल इंडिया को करना है 875 मिलियन टन उत्पादन
कोल इंडिया को चालू वित्तीय वर्ष में 875 मिलियन टन कोयला का उत्पादन करना है. बीते साल कोल इंडिया का उत्पादन लक्ष्य 838 मिलियन टन था. कंपनी ने 781 मिलियन टन कोयला का उत्पादन किया है. कोल इंडिया का उत्पादन लक्ष्य कोयला मंत्रालय तय करता है. कोल इंडिया मंत्रालय से मिले लक्ष्य को अपनी कंपनियों को बांटता है. इसमें झारखंड और बंगाल में संचालित इसीएल को 59 मिलियन टन का लक्ष्य मिला है. पिछले वित्तीय वर्ष में 54 मिलियन टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य रखा गया था. सबसे अधिक कोयला उत्पादन का लक्ष्य महानदी कोल फील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) को मिला है. कंपनियों ने उत्पादन लक्ष्य के हिसाब से काम करना शुरू कर दिया है.
किस कंपनी को कितना लक्ष्य मिला
कंपनी पिछला लक्ष्य वर्तमान लक्ष्यबीसीसीएल 45 46सीसीएल 100 110इसीएल 54 59
एमसीएल 225 239एनसीएल 139 140एसइसीएल 206 212डब्ल्यूसीएल 69 69
(नोट : लक्ष्य मिलियन टन में)B
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