भ्रष्ट अफसरों-कर्मचारियों के खिलाफ सीबीआई की कार्रवाई, 12 दिन में 6 गिरफ्तार

Published by :Mithilesh Jha
Published at :23 Nov 2025 7:28 PM (IST)
विज्ञापन
CBI Action Against Bribery

सीबीआई.

CBI Action Against Bribery: केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई की भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है. नवंबर में 12 दिन में 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर के डिप्टी चीफ इंजीनियर (कंस्ट्रक्शन) और उनके कार्यालय में तैनात एक कर्मचारी समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया. यहां से करीब 1 करोड़ रुपए कैश मिले थे. इसके साथ-साथ सीसीएल और डाक विभाग के कर्मचारियों को भी रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया. डिटेल यहां पढ़ें.

विज्ञापन

CBI Action Against Bribery: झारखंड और बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआई की कार्रवाई में 12 दिन में 6 लोग गिरफ्तार किये गये हैं. इसमें रेलवे के डिप्टी चीफ इंजीनियर, सीसीएल के मैनेजर, डाक विभाग के पोस्टल असिस्टेंट, रेलवे के अधिकारी और जेपीडब्ल्यू के मैनेजर और कर्मचारी शामिल हैं. झारखंड में सीसीएल के डकरा प्रोजेक्ट ऑफिस में तैनात मैनेजर (पर्सनल-एचआर) दीपक गिरि और सरायकेला-खरसावां सबडिवीजन के सरायकेला से पोस्टल असिस्टेंट रंजन को गिरफ्तार किया गया. रेलवे अधिकारी के कार्यालय के बाहर से करीब एक करोड़ रुपए नकद मिले.

17 नवंबर को हाजीपुर के डिप्टी चीफ इंजीनियर समेत 4 गिरफ्तार

सीबीआई ने 17 नवंबर को रेलवे के 2 बड़े अधिकारियों और जेबीडब्ल्यू इन्फ्राटेक के प्रोजेक्ट मैनेजर और एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार किये गये लोगों में ईस्ट सेंट्रल रेलवे हाजीपुर के डिप्टी चीफ इंजीनियर (कंस्ट्रक्शन) आलोक कुमार, डिप्टी चीफ इंजीनियर (कंस्ट्रक्शन) हाजीपुर कार्यालय के ऑफिस सुपरिटेंडेंट आलोक कुमार दास, मेसर्स जेबीडब्ल्यू इन्फ्राटेक (जेपीडब्ल्यू) के प्रोजेक्ट मैनेजर गोविंद भुल्लर और इसी कंपनी के कर्मचारी सूरज प्रसाद शामिल हैं. सभी को रिश्वतखोरी के मामले में गिरफ्तार किया गया.

जेपीडब्ल्यू इन्फ्राटेक के मैनेजर और कर्मचारी भी गिरफ्तार

रिश्वतखोरी के मामले में सीबीआई ने रेलवे अधिकारियों और जेपीडब्ल्यू इन्फ्राटेक के खिलाफ 17 नवंबर को विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की. इसके बाद पूर्व मध्य रेलवे हाजीपुर के डिप्टी चीफ इंजीनियर और उसके सहयोगी के साथ-साथ निजी कंपनी मेसर्स जेपीडब्ल्यू इन्फ्राटेक के प्रोजेक्ट मैनेजर और एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया. सीबीआई को सूचना मिली थी कि एक निजी ठेकेदार की मदद के लिए इन्होंने उससे बड़ी रिश्वत की मांग की थी.

डिप्टी चीफ इंजीनियर के कार्यालय के बाहर से 98,81,500 रुपए बरामद

सीबीआई ने भ्रष्ट तंत्र के खुलासे के लिए 17 नवंबर को एक जाल बिछाया और भ्रष्टाचार में लिप्त सभी 4 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. सीबीआई को डिप्टी चीफ इंजीनियर के कार्यालय के बाहर से अलग-अलग लिफाफे, पैकेट और बैग में रखे 98 लाख 81 हजार 500 रुपए बरामद किये. इन पर अलग-अलग निशान लगे थे. अलग-अलग लोगों के नाम लिखे थे.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

रेलवे में रिश्वतखोरी मामले में 11 जगहों पर सीबीआई ने की छापेमारी

बाद में प्राथमिकी में डिप्टी चीफ इंजीनियर (कंस्ट्रक्शन) को भी हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया. इस मामले में बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में 11 ठिकानों पर छापेमारी की जा चुकी है. आरोपियों को कोर्ट ने सीबीआई की हिरासत में भेज दिया. सीबीआई की जांच अभी जारी है.

CBI Action Against Bribery: 17 नवंबर को 4 गिरफ्तार

  1. आलोक कुमार, डिप्टी चीफ इंजीनियर, कंस्ट्रक्शन, ईस्ट सेंट्रल रेलवे, हाजीपुर
  2. आलोक कुमार दास, ऑफिस सुपरिटेंडेंट, डिप्टी चीफ इंजीनियर (कंस्ट्रक्शन) का कार्यालय, ईसीआर, हाजीपुर
  3. गोविंद भुल्लर उर्फ अमन भुल्लर, प्रोजेक्ट मैनेर, मेसर्स जेपीडब्ल्यू इन्फ्राटेक (जेपीडब्ल्यू)
  4. सूरज प्रसाद, कर्मचारी, मेसर्स जेपीडब्ल्यू इन्फ्राटेक (जेपीडब्ल्यू)

सरायकेला के पोस्टल असिस्टेंट 20 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार

इससे पहले 13 नवंबर को सीबीआई ने सरायकेला सबडिवीजन के सरायकेला से पोस्टल असिस्टेंट को 20 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया. पोस्टल असिस्टेंट रंजन के खिलाफ सीबीआई को एक शिकायत मिली थी. इसके आधार पर 11 नवंबर को एक प्राथमिकी दर्ज की गयी.

प्राथमिकी दर्ज कर सीबीआई ने गिरफ्तारी के लिए बिछाया था जाल

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि रंजन ने सरायकेला के कमलपुर ब्रांच ऑफिस में ग्रामीण डाक सेवक के असिस्टेंट ब्रांच पोस्ट मास्टर के पोस्ट पर ज्वाइनिंग के लिए 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी. शिकायत के आधार पर सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पोस्टल असिस्टेंट रंजन की गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया और शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया.

डकरा प्रोजेक्ट के मैनेजर ने नौकरी की फाइल बढ़ाने के लिए मांगे थे 1.50 लाख रुपए

इसके पहले सीबीआई ने सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के मैनेजर (पर्सनल-एचआर) को 50 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था. केंद्रीय जांच एजेंसी को शिकायत मिली थी कि डकरा में तैनात सीसीएल के मैनेजर अनुकंपा के आधार पर एक व्यक्ति की नियुक्ति की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए 1,50,000 रुपए रिश्वत मांग रहे हैं.

सीसीएल डकरा प्रोजेक्ट के मैनेजर 50 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार

शिकायत के आधार पर सीबीआई ने 6 नवंबर को आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की और डकरा प्रोजेक्ट के मैनेजर की गिरफ्तारी के लिए ट्रैप बिछाया. शिकायतकर्ता ने आरोपी को जैसे ही पहली किश्त के रूप में 50 हजार रुपए दिये, पहले से वहां तैनात सीबीआई के अधिकारियों ने मैनेजर (पर्सनल-एचआर) दीपक गिरि को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया.

इसे भी पढ़ें

झारखंड में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, बीसीसीएल क्लर्क और सीएमपीएफ सेक्शन ऑफिसर गिरफ्तार

CBI Action in Jharkhand: सीसीएल के मैनेजर समेत 4 को सीबीआई ने किया गिरफ्तार

झारखंड में 1.18 लाख रिश्वत मांगने वाले उप-डाकपाल सीबीआई के हत्थे चढ़े, रात 12 बजे तक चली छापेमारी

बीसीसीएल के रिटायर्ड कर्मचारी से 20 हजार घूस लेते 2 कर्मचारी गिरफ्तार

विज्ञापन
Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola