विधानसभा में सरकार पेश करेगी कैंसर कंट्रोल बजट, प्रभात खबर कॉन्क्लेव में वित्त मंत्री की घोषणा
Published by : AmleshNandan Sinha Updated At : 08 Feb 2026 12:56 AM
स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी और वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर
Ranchi: प्रभात खबर के कॉनक्लेव 'हेल्थ कॉन्क्लेव : कैंसर अवेयरनेस स्पेशल' में झारखंड के मंत्रियों ने कई बड़ी घोषणाएं की हैं. वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि कैंसर की रोकथाम के लिए अलग से बजट का प्रावधान किया जाएगा और इस बार के बजट में ही यह देखने को मिलेगा.
Ranchi: राज्य के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में कैंसर की रोकथाम के लिए अलग से बजट राशि आवंटित होगी. इसका नाम कैंसर कंट्रोल बजट होगा. इसकी घोषणा वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने की. वह शनिवार को प्रभात खबर के ‘हेल्थ कॉन्क्लेव : कैंसर अवेयरनेस स्पेशल’ कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे. मौके पर उन्होंने कहा कि इस बजट की राशि उपकरणों की खरीदारी, दवाइयों और अस्पतालों में कैंसर जांच व उपचार की सुविधा बढ़ाने के लिए खर्च की जायेगी. उन्होंने राज्य के मौजूदा स्वास्थ्य बजट को 5500 करोड़ से आगे बढ़ाने की बात कही. श्री किशोर ने कहा कि मैं इस मंच से यह भरोसा देता हूं कि राज्य का स्वास्थ्य बजट इस बार बढ़ने जा रहा है. इस बार कैंसर के लिए राज्य बजट में अलग से बजटीय राशि का प्रावधान होगा.
RMCH, RIMS बना, लेकिन स्थिति नहीं बदली
श्री किशोर ने कहा कि आरएमसीएच को रिम्स में बदल दिया गया. इसका परिणाम यह हुआ कि आरएमसीएच की जितनी कमियां थीं, वह आज भी रिम्स में दिख रही हैं. आरएमसीएच को अलग कर रिम्स का निर्माण होना चाहिए था. झारखंड में वर्ष 2014 से 2019 के दौरान धड़ल्ले से करोड़ों की लागत से स्वास्थ्य भवनों का निर्माण तो हुआ, लेकिन उसमें स्वास्थ्य कर्मचारी की व्यवस्था पर कोई बात नहीं हुई. इस दौरान स्वास्थ्य भवनों के निर्माण पर 4,500 करोड़ रुपये खर्च कर दिये गये. इन्हीं वजहों से आज रिम्स-2 जैसे उन्नत संस्थान बनाने की जरूरत महसूस हो रही है. उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा कि राज्य में रिम्स-2 का निर्माण जल्द पूरा होगा. कॉन्क्लेव में प्रभात खबर के प्रधान संपादक अंकित शुक्ला, कार्यकारी निदेशक आरके दत्ता और वाइस प्रेसिडेंट विजय बहादुर मौजूद थे.
जागरूकता से ही कैंसर पर जीत संभव : राधाकृष्ण किशोर
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि प्रभात खबर की ओर से कैंसर जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत किया जाना एक सराहनीय पहल है. शिक्षा और स्वास्थ्य सेक्टर का तेजी से व्यवसायीकरण हो रहा है. ऐसे में यह कदम समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा. उन्होंने कहा कि मैं उन लोगों को बधाई देना चाहता हूं, जिन्होंने कैंसर की जंग जीतकर समाज को मजबूत संदेश दिया है. कैंसर का संबंध खराब जीवनशैली से तो है ही, यह हमारी इम्यूनिटी और पोषण से भी सीधे जुड़ा हुआ है. इसलिए इस दिशा में मजबूती से काम करने की आवश्यकता है. कैंसर पूरे परिवार को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से तोड़ देता है. इसके लिए गांव स्तर पर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है.
अमेरिका की तर्ज पर आगे बढ़ेगा झारखंड
वित्त मंत्री ने कहा कि आज किसी अदृश्य शक्ति से जितना डर नहीं लगता, उससे कहीं अधिक डर कैंसर का नाम सुनकर लगता है. उन्होंने कहा कि जागरूकता के कारण ही अमेरिका में पिछले 20 वर्षों में कैंसर से होने वाली मृत्यु दर में 50 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है. झारखंड में भी इसी दिशा में काम करने की जरूरत है. हमें पीछे मुड़कर देखना होगा, तभी अपनी कमियों को वास्तविक रूप से समझ सकेंगे. उन्होंने झारखंड निर्माण के उद्देश्य को समझने पर भी जोर दिया. कहा कि आज कैंसर जांच के लिए किसी भी सरकारी अस्पताल में पेट-सीटी स्कैन जैसी सुविधा उपलब्ध नहीं है, जबकि यह आवश्यक है. इसके लिए मरीजों को निजी अस्पतालों या कोलकाता व अन्य बड़े महानगरों में जाना पड़ता है. उन्होंने बताया कि डॉ इरफान अंसारी ने भरोसा दिलाया है कि राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में कैंसर जांच के लिए पेट-सीटी मशीन तथा 24 जिलों में ब्रेस्ट कैंसर जांच के लिए मैमोग्राफी मशीन लगायी जायेंगी.
जनहित में स्वास्थ्य बजट बढ़ाने की जरूरत : डॉ इरफान अंसारी
स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि वर्तमान में हमारे पास लगभग 5500 करोड़ रुपये का बजट है. जनहित में इसे और बढ़ाने की जरूरत है, क्योंकि सीमित बजट में हम चाहकर भी बहुत कुछ नहीं कर पाते हैं. उन्होंने कहा कि इस बार बजट में हेल्थ सेक्टर के लिए अधिक अंशदान बढ़ाने की मांग की गयी है. बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा राज्य में होनी चाहिए थी, लेकिन हम पुराने और घिसे-पिटे रास्तों पर ही आगे बढ़ते रहे. जबकि स्वास्थ्य क्षेत्र लगातार नये बदलावों से गुजर रहा है. उन्होंने कहा कि रिम्स में मरीजों की भारी भीड़ लगी रहती है. अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. लोग हमसे इलाज, बिस्तर और आईसीयू सुविधा की उम्मीद करते हैं, लेकिन हम सभी को सुविधा नहीं दे पा रहे हैं.
डॉ इरफान अंसारी ने प्रभात खबर द्वारा कैंसर जागरूकता अभियान शुरू करने पर बधाई दी और कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है. रिम्स-2 के साथ-साथ राज्य में पहली बार आठ मेडिकल कॉलेजों की स्थापना की जा रही है. उन्होंने बताया कि सरकार ने पहले की पांच लाख रुपये की हेल्थ योजना को बढ़ाकर 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता कर दी है. एक डॉक्टर होने के नाते उन्होंने कहा कि आज कैंसर अब केवल एक बड़ी बीमारी नहीं, बल्कि एक चुनौती है, जिसे समय पर पहचान कर पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि जहां जानकारी का अभाव होता है. वहीं, कैंसर जैसी बीमारी फैलती है. सरकार इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है. आने वाले समय में राज्य में एक बड़ा कैंसर अस्पताल स्थापित किया जायेगा. उन्होंने पिछली सरकार की स्वास्थ्य क्षेत्र की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि इस सेक्टर में हम जहां पहुंच सकते थे, वहां तक नहीं पहुंच पाये हैं.
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अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.
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