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धोते ही आधा किलो कम हो जाता है कंबल का वजन, गरीबों के लिए झारखंड में हुई खरीदारी से हुआ खुलासा

Updated at : 16 Jan 2025 3:30 PM (IST)
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कंबल का वजन होना चाहिए 2100 ग्राम, हो गया 1662 ग्राम.

सामाजिक सुरक्षा विभाग ने पलामू सहित राज्य के विभिन्न जिलों में ठंड के मौसम में गरीबों के बीच बांटने के लिए 30 करोड़ रुपये के कंबल मंगाये थे. निविदा की शर्तों के अनुसार, हर कंबल का वास्तविक वजन 2100 ग्राम से ऊपर होना चाहिए. लेकिन, कंबल का वजन धोने के बाद 1662 ग्राम हो रहा है.

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मेदिनीनगर, शिवेंद्र कुमार : सामाजिक सुरक्षा विभाग ने पलामू सहित राज्य के विभिन्न जिलों में ठंड के मौसम में गरीबों के बीच बांटने के लिए 30 करोड़ रुपये के कंबल मंगाये थे. निविदा की शर्तों के अनुसार, हर कंबल का वास्तविक वजन 2100 ग्राम से ऊपर होना चाहिए. धोने के बाद कंबल के वजन 2000 ग्राम (पांच प्रतिशत तक कम) हो सकता है. लेकिन, आपूर्तिकर्ता द्वारा पलामू में उपलब्ध कराये गये कंबल का वजन धोने के बाद 1662 ग्राम हो रहा है. वहीं, रांची में उपलब्ध कराये गये कंबल का वजन धोने के बाद 1596 ग्राम आ रहा है. अन्य जिलों में कमोबेश यही हाल है. मामला सामने आने के बाद विभाग की निदेशक समीरा एस ने जांच के निर्देश दिये हैं.

सात कंपनियों ने निविदा में हिस्सा लिया था

दरअसल, राज्य सरकार के निर्देश के बाद सामाजिक सुरक्षा विभाग ने पूरे राज्य में कंबल की आपूर्ति के लिए जेम पोर्टल के माध्यम से निविदा निकाली थी. इसमें सात कंपनियों ने हिस्सा लिया. सारी प्रक्रिया पूरी होने पर चार कंपनियां फिट पायी गयीं. चारों कंपनियों से कंबल का नमूना मंगा कर जांच के लिए दो दिसंबर 2024 को वस्त्र समिति की कोलकाता स्थित क्षेत्रीय प्रयोगशाला को भेजा गया था. पांच दिसंबर को जांच रिपोर्ट रांची पहुंची और छह दिसंबर को सामाजिक सुरक्षा विभाग की निदेशक की अध्यक्षता में क्रय समिति की बैठक हुई थी.

326 रुपये प्रति कंबल के हिसाब से मिला था आपूर्ति का जिम्मा

क्रय समिति की बैठक में चारों आपूर्तिकर्ता कंपनियों ने अपने-अपने कंबल का प्रेजेंटेशन भी दिया था. उस दौरान धोने के बाद ‘बिहारी लाल चौधरी ट्रेड लिंक प्रालि, धनबाद’ के कंबल का वजन 2245 ग्राम और ‘ओम शक्ति टेक्सटाइल, पानीपत’ के कंबल का वजन 2238 ग्राम आया था, जबकि ‘टेक्नो फ्यूल इंडिया प्रालि’ के कंबल का वजन 1653 ग्राम दिखाया गया था. उधर, ‘बिहारी लाल चौधरी ट्रेड लिंक प्रालि’ ने ~326 प्रति कंबल आपूर्ति का भी दावा किया. सही वजन और कम रेट के आधार पर क्रय समिति ने ‘बिहारी लाल चौधरी ट्रेड लिंक प्रलि’ को और इसी रेट में ‘ओम शक्ति टेक्सटाइल’ को नौ लाख 20 हजार 243 कंबलों की आपूर्ति का जिम्मा दिया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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