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झारखंड में स्कूल खोलने से पहले शिक्षकों को देना होगा टेस्ट, इतने फीसदी अंकों के साथ पास होना होगा जरूरी

Updated at : 13 Jun 2020 6:42 AM (IST)
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झारखंड में स्कूल खोलने से पहले शिक्षकों को देना होगा टेस्ट, इतने फीसदी अंकों के साथ पास होना होगा जरूरी

राज्य के सरकारी स्कूलों को खोलने से पहले शिक्षकों को कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाव का ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जायेगा. इसके बाद ऑनलाइन परीक्षा ली जायेगी, जिसमें 80 प्रतिशत अंकों के साथ पास होना शिक्षकों के लिए जरूरी होगा

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रांची : राज्य के सरकारी स्कूलों को खोलने से पहले शिक्षकों को कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाव का ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जायेगा. इसके बाद ऑनलाइन परीक्षा ली जायेगी, जिसमें 80 प्रतिशत अंकों के साथ पास होना शिक्षकों के लिए जरूरी होगा. संबंधित स्कूल के कम से कम एक शिक्षक को यह परीक्षा पास करनी होगी. इसके बाद अॉनलाइन सर्टिफिकेट जारी किया जायेगा, जिसके आधार पर स्कूल खोला जा सकेगा. तय अंक के साथ परीक्षा पास नहीं करने की स्थिति में शिक्षक को दोबारा प्रशिक्षण लेना होगा.

शिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यक्रम झारखंड शिक्षा परियोजना और यूनीसेफ के संयुक्त तत्वावधान में चलाया जायेगा. इसकी तैयारी के लिए परियोजना निदेशक उमाशंकर सिंह ने शुक्रवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की. इसमें झारखंड शिक्षा परियोजना के प्रशासी पदाधिकारी जयंत कुमार मिश्रा, यूनीसेफ की लक्ष्मी रंजन सक्सेना समेत अन्य पदाधिकारी शामिल हुए.

16 जून से शुरू होगा प्रशिक्षण

कोविड-19 को लेकर दो घंटे का प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया गया है. प्रशिक्षण 16 जून से शुरू होगा. इसके लिए शिक्षकों को अपने स्मार्ट फोन में ‘स्वच्छ विद्यालय स्वस्थ बच्चे एेप’ डाउनलोड कर अपना पंजीयन कराना होगा. प्रशिक्षण के तत्काल बाद भी अगर कोई शिक्षक चाहें, तो ऑनलाइन परीक्षा दे सकते हैं. परीक्षा में 80 फीसदी अंक लाने के बाद उन्हें सर्टिफिकेट मिलेगा.

सरकारी विद्यालयों में 1.16 लाख शिक्षक

राज्य के प्राथमिक से लेकर प्लस टू उच्च विद्यालय तक के शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य है. गौरतलब है कि राज्य के सरकारी स्कूलों में लगभग 1.16 लाख शिक्षक हैं. सरकारी स्कूल के शिक्षक के साथ-साथ झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) से मान्यता प्राप्त स्कूलों के शिक्षकों के लिए भी प्रशिक्षण प्राप्त करना अनिवार्य होगा.

सभी शिक्षकों का पंजीयन अनिवार्य

  • राज्य के 1.16 लाख शिक्षकों को दिया जायेगा कोरोना से बचाव का प्रशिक्षण

  • झारखंड शिक्षा परियोजना और यूनीसेफ द्वारा संचालित होगा प्रशिक्षण कार्यक्रम

  • ‘स्वच्छ विद्यालय स्वस्थ बच्चे एेप’ पर ऑनलाइन ट्रेनिंग की है पूरी जानकारी

क्या है प्रशिक्षण कार्यक्रम में

  • काेविड-19 क्या है, यह कैसे फैलता है और इससे कैसे बचा जा सकता है, स्कूल खुलने पर उसका संचालन कैसे करेंगे

  • बच्चों को हाथ धुलवाने और सोशल डिस्टैंसिंग का पालन कराने के बारे में बताया जायेगा

  • किसी बच्चे में कोविड-19 का लक्षण दिखे, तो शिक्षक क्या करें और इसकी जानकारी कहां दें

कोविड-19 की भ्रांतियाें के बारे में बच्चों को जागरूक करेंगे

कोविड-19 से बचाव के लिए शिक्षकों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जायेगा. इसके बाद शिक्षकों को प्रशिक्षण में दी गयी जानकारी पर आधारित प्रश्न का जवाब देना होगा. परीक्षा में पास होने के बाद शिक्षक को सर्टिफिकेट मिलेगा. इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि शिक्षक को कोविड-19 और उससे बचाव के बारे में आवश्यक जानकारियां हैं या नहीं. विद्यालय खोलने से पहले शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण व परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा.

– उमाशंकर सिंह, निदेशक, झारखंड शिक्षा परियोना

posted by : pritish sahay

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