Jharkhand News: BAU रांची में बिना टेंडर निबटाये ही हो रही है सामान की खरीदारी, जानें क्या है मामला

बीएयू में बिना टेंडर निबटारा किये हुए ही सामाग्री की खरीदारी की जा रही है. आपूर्तिकर्ताओं द्वारा हॉर्टिकल्चर कॉलेज में सामाग्री आपूर्ति शुरू हो गयी है.
रांची: बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) द्वारा टेंडर का निबटारा किये बिना ही सामग्री की खरीदारी की जा रही है. आपूर्तिकर्ताओं द्वारा चाईबासा के खूंटपानी स्थित ‘हॉर्टिकल्चर कॉलेज’ में सामग्री की आपूर्ति भी शुरू कर दी गयी है. बीएयू में सामान आपूर्ति के लिए दो ई-टेंडर प्रकाशित किया गया. हालांकि, किसी का भी अंतिम रूप से निबटारा नहीं किया गया. दूसरी बार निकाले गये टेंडर में कई शर्तों में बदलाव कर दिया गया.
सामान की खरीदारी के लिए पहले प्रकाशित टेंडर का टेक्निकल बिड खोलने के लिए 25 जून की तिथि निर्धारित थी. हालांकि, तिथि में बदलाव कर टेक्निकल बिड 14 जुलाई को खोला गया. इसमें पांच में से दो सप्लायरों को योग्य घोषित किया गया. इसके बाद 15 जुलाई को सेंट्रल परचेज कमेटी की बैठक हुई. इसमें सुधा एजेंसी और रांची इंडस्ट्रियल वर्क से सामान खरीदने का फैसला किया गया.
दूसरे टेंडर में टेक्निकल बिड खोलने की तिथि 16 अगस्त निर्धारित थी. लेकिन सामान की आपूर्ति अगस्त के पहले सप्ताह से ही की जाने लगी. खूंटपानी स्थित हॉर्टिकल्चर कॉलेज में बेड, गद्दा, तकिया, सोफा सेट, ऑफिस टेबल, कंप्यूटर टेबल की आपूर्ति की जा रही है. कॉलेज में आपूर्ति की जा रही सामग्री से संबंधित बिलों पर आपूर्ति आदेश का उल्लेख नहीं किया गया है. इससे यह प्रमाणित होता है कि आपूर्ति करनेवालों को वर्क ऑर्डर नहीं दिया गया है. नियमानुसार किसी टेंडर से संबंधित सामान की आपूर्ति के क्रम में बिल पर इसके ब्योरे का उल्लेख करना जरूरी है.
बीएयू ने अपने अधीन चलनेवाले कॉलेजों के लिए शैक्षणिक कार्यों से जुड़े फर्नीचर खरीदने और साज-सज्जा के सामान की खरीद के लिए पहला टेंडर दो जून 2022 को प्रकाशित किया. टेंडर (हार्ट कॉपी) जमा करने और टेक्निकल बिड खोलने के लिए 25 जून की तिथि निर्धारित की गयी थी. विश्वविद्यालय ने पहले टेंडर के रद्द किये बिना ही इन्हीं सामग्री की खरीद के लिए दूसरी बार 25 जुलाई को टेंडर प्रकाशित किया.
इसमें टेंडर (हार्ड कॉपी) जमा करने और टेक्निकल बिड खोलने के लिए 16 अगस्त की तिथि निर्धारित की गयी. दूसरी बार निकाले गये टेंडर में पहले टेंडर में निर्धारित शर्तों को बदला गया. पहले टेंडर में अर्नेस्ट मनी दो लाख रुपये निर्धारित किया गया था. दूसरे में इसे घटा कर एक लाख रुपये कर दिया गया. पहले टेंडर में हिस्सा लेनेवालों के लिए सात साल के अनुभव की बाध्यता थी. दूसरे टेंडर में इसे बदल कर सिर्फ तीन साल कर दिया गया.
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By Sameer Oraon
इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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