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एनीमिया मुक्त भारत और स्कूली स्वास्थ्य कल्याण कार्यक्रम का होगा प्रभावी क्रियान्वयन

Updated at : 08 Apr 2025 6:51 PM (IST)
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Anaemia Free India and School Health Welfare Program Jharkhand

स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुलायी गयी बैठक की अध्यक्षता करते अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह.

Anaemia Free India and School Health Welfare Program Jharkhand: एनीमियामुक्त भारत और स्कूली स्वास्थ्य कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर झारखंड में मंगलवार को गहन चर्चा हुई. स्वास्थ्य विभाग के अलावा कई अन्य विभागों के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए. स्टेट नोडल ऑफिसर ने विभागीय समन्वय पर प्रेजेंटेशन दिया. क्या-क्या फैसले हुए, यहां पढ़ें.

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Anaemia Free India and School Health Welfare Program Jharkhand: झारखंड में एनीमिया मुक्त भारत और स्कूली स्वास्थ्य कल्याण कार्यक्रम का प्रभावी कार्यान्वयन किया जायेगा. स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को एनीमिया मुक्त भारत एवं विद्यालय स्वास्थ्य कल्याण कार्यक्रम की अंतर्विभागीय राज्यस्तरीय समन्वय समिति की बैठक हुई. बैठक में स्टेट नोडल ऑफिसर ने कहा कि एनीमिया की वजह से बौद्धिक एवं शारीरिक विकास प्रभावित होता है. कार्यक्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव भी पड़ता है.

एनीमिया से मुक्ति पर झारखंड में हो रहा प्रभावशाली काम – नोडल ऑफिसर

नोडल ऑफिसर ने कहा कि इस दिशा में राज्यस्तर पर प्रभावशाली काम किये जा रहे हैं. इसका नतीजा है कि राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड आईएफए संपूरण के मामले में पूरे देश में दूसरे स्थान पर है. बैठक में एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम एवं स्कूली स्वास्थ्य कल्याण कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा हुई.

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बैठक में दिये गये ये निर्देश

  • स्वास्थ्य विभाग की सेवाओं का लाभ सभी लाभार्थियों को मिले, इसके लिए डिजिटल हेल्थ ऐप का निर्माण Jap-IT के तकनीकी दल के सहयोग से सुनिश्चित करें. इसमें राज्य के लाभार्थी स्वयं ही अपना पंजीकरण कर उक्त ऐप के माध्यम से लाभ प्राप्त कर सकेंगे.
  • AMB T-4 APP को JAP-IT के सर्वर पर माइग्रेट करें और Application को अधिक व्यापक बनाने के लिए इसमें लाभार्थी मॉड्यूल, ई-ट्रेनिंग मॉड्यूल और मॉनिटरिंग मॉड्यूल को भी शामिल करें. इसके लिए JAP-IT की तकनीकी टीम से सहयोग लें. सभी सेवा प्रदाताओं को सितंबर 2025 तक पंजीकृत कर लिया जाये.
  • जिला एवं प्रखंड स्तर पर टास्क फोर्स का गठन करके स्वास्थ्य संबंधित गतिविधियों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करें.
  • सभी योग्य लाभार्थियों की Hb जांच को 3 महीने या 6 महीने के विशेष अभियान के तहत पूरा करें.
  • स्कूली बच्चों में पोषण संबंधी जागरूकता सुनिश्चित करने एवं अच्छी आदतों के प्रोत्साहन के लिए स्वास्थ्य संबंधी विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल करें.
  • स्कूलों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण (हेल्थ चेक-अप) की व्यवस्था सुनिश्चित करें.
  • किशोर स्वास्थ्य शिक्षा पर स्वास्थ्य आरोग्य दूत द्वारा जानकारी प्रदान करना सुनिश्चित करें.
  • किशोर स्वास्थ्य कार्ड एवं डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड बनाने पर भी बैठक में चर्चा हुई.

स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक

बैठक में झारखंड के स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक अबु इमरान, स्वास्थ्य सेवाएं के निदेशक प्रमुख चंद्र किशोर शाही भी मौजूद थे. बैठक के दौरान राज्य कार्यक्रम प्रबंधन ईकाई के नोडल पदाधिकारी डॉ कमलेश कुमार ने विभिन्न विभागों से अपेक्षित सहयोग पर एक प्रेजेंटेशन भी दिया.

इन विभागों के प्रतिनिधि भी हुए बैठक में शामिल

बैठक में समाज कल्याण, महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, पंचायती राज विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, अजीविका मिशन, शहरी विकास एवं आवास विभाग, जनवितरण प्रणाली विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग समेत कई विभागों के प्रतिनिधि शामिल हुए.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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